











































प्रतीकात्मक
सोशल मीडिया के जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल से होने वाले खतरों को लेकर दुनियाभर के वैज्ञानिक आगाह कर रहे हैं। पूर्व के अध्ययनों में यह दावा किया गया है कि सोशल मीडिया पर ज्यादा समय बिताने वाले लोगों में तनाव और एंग्जायटी जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। हालांकि यह पहला ऐसा अध्ययन है, जिसमें दावा किया गया है कि सोशल मीडिया का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल कैंसर और कार्डियोवैस्कुलर रोगों की संभावना को भी बढ़ा देता है। अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि उन लोगों के शरीर में एक खास तरह के प्रोटीन की मात्रा काफी बढ़ी हुई है, जो सोशल मीडिया पर ज्यादा समय बिताते हैं।
साइबर साइकोलॉजी, बिहेवियर एंड सोशल नेटवर्किंग जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में 18 से 24 आयु वर्ष के 251 लोगों का अध्ययन किया गया है। अध्ययन का नेतृत्व बफेलो यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. डेविड ली ने किया। डेविड ली यहां सोशल इंटरेक्शन और ह्यूमन रिलेशनशिप के प्रोफेसर हैं। डेविड ली का कहना है कि मेडिकल साइंस इस विषय पर पिछले कई दशकों से काम कर रहा है कि कैसे मनुष्य का मन और शरीर यानि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य आपस में जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि हम जो भी सोचते, महसूस करते हैं, उसका सीधा प्रभाव हमारे शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। अगर किसी भी वजह से लोगों में अवसाद और डिप्रेशन बढ़ रहा है तो लाजमी है कि इसका असर उनके शारीरिक स्वास्थ्य पर भी पड़ेगा।
एक खास तरह की प्रोटीन बढ़ी हुई पाई गई
डेविड ली का कहना है कि अध्ययन के दौरान शोधकर्ताओं ने पाया कि जो युवा अपने समय का एक चौथाई से ज्यादा हिस्सा सोशल मीडिया पर बिता रहे थे, उनके शरीर में एक खास तरह के प्रोटीन की मात्रा बढ़ी हुई पाई गई। यह एक खतरनाक संकेत है, क्योंकि इस प्रोटीन की अधिकता लंबे समय में कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों और यहां तक कि कैंसर की भी वजह बन सकती है।
स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव

डेविड ली ने बताया कि इसका मतलब यह नहीं है कि सोशल मीडिया पूरी तरह एक खराब प्लेटफॉर्म है, लेकिन उसकी अधिकता जरूर खतरनाक हो सकती है। सोशल मीडिया पर ही रहने वाले लोग रिअल लाइफ रिलेशनशिप बॉन्ड से वंचित होते हैं। साथ ही ज्यादा वर्चुअल टाइम आपको जीवन की और जरूरी ठोस, सकारात्मक गतिविधियों से दूर करता है, जिसका नकारात्मक असर स्वास्थ्य पर पड़ता है।
सिरदर्द और पीठ दर्द की शिकायत

डेविड ली ने बताया कि सोशल मीडिया पर ज्यादा व्यक्त बिताने वाले लोगों ने सिरदर्द, छाती और पीठ में दर्द की शिकायत की। इसके अलावा ऐसे लोगों ने नींद कम आने की भी शिकायत की। शोधकर्ताओं ने पाया कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। ऐसे में शोधकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर जरूरी होने पर ही इस्तेमाल करने की सलाह दी है।
हर दिन व्यायाम करें

विशेषज्ञों ने बताया कि ऐसे लोगों में शिकायत मिलने पर तुरंत चिकित्सकों से संपर्क करना चाहिए। इसके अलावा सप्ताह में कम से कम 150 मिनट तक व्यायाम करना चाहिए। वहीं, हर दिन 30 मिनट का व्यायाम करते रहना चाहिए।







हुज़ैफ़ा अबरार June 01 2026 0 672
हुज़ैफ़ा अबरार May 31 2026 0 196
हुज़ैफ़ा अबरार May 31 2026 0 0
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4011
एस. के. राणा January 20 2026 0 3906
एस. के. राणा January 13 2026 0 3892
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 3892
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3577
एस. के. राणा February 01 2026 0 3255
एस. के. राणा February 04 2026 0 3122
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86406
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34126
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37278
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35007
लेख विभाग March 19 2022 0 34489
सौंदर्या राय March 16 2022 0 71783
यशोदा अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट के जरिए मेरठ जनपद की 28 वर्षीय नाजिश को ईद के मौके पर नई जिंदगी
मिर्गी के मरीज के परिजन अज्ञानता की वजह से मिर्गी से जुडी भ्रांतियों पर आँख मूँद कर विश्वास कर लेते
देश में जनऔषधि केंद्र के तरफ जनता का रुझान लगातार बढ़ता जा रहा है और बढ़ना भी चाहिए क्योंकि इन केंद्
इस वैकेंसी में गैर अनुसूचित क्षेत्र के लिए 3071 पद और अनुसूचित क्षेत्र के लिए 460 पद निर्धारित हैं।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को मेडिकल स्टोर का निरीक्षण कर उनके स्टाक, दवाइयां, मास्क, सैनिटाइज
पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. प्रज्ञा यादव के अनुसार को
अब अपोलोमेडिक्स क्षेत्र का पहला निजी अस्पताल बन गया है, जहाँ नी रिप्लेसमेंट के लिए दो समर्पित रोबोट
शहर के एक अस्पताल में जीका संक्रमित महिला के प्रसव का पहला मामला सामने आया है। काजीखेड़ा निवासी प्रत
गंगोत्री देवी स्कूल आफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल इंस्टीच्यूट की ख्याति दूर-दूर तक है। हमारे शिक्षक मंझे
यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने अपनी यह रिपोर्ट बुधवार को प्रकाशित की है, और इसमें पहली बार वैक्सीन बाज़ारो

COMMENTS