नयी दिल्ली। नेशनल मेडिकल कमीशन ने यूक्रेन के एकेडमिक मोबिलिटी प्रोग्राम को मान्यता दे दी है। इसके तहत ऐसे छात्रों को अपना बचा हुआ कोर्स दूसरे देशों की यूनिवर्सिटी से पूरा करने की सहूलियत मिलोगी जो यूक्रेन में छिड़ी जंग के चलते स्वदेश लौट गए थे। इन स्टूडेंट्स को उनकी डिग्री अपनी मूल यूक्रेनी यूनिवर्सिटी से ही मिलेगी।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक लगभग 20 हजार भारतीय छात्र (Indian student) यूक्रेन से लौटे हैं। कुछ समय पहले नेशनल मेडिकल कमीशन ने नियमों को हवाला देते हुए पढ़ाई बीच में छोड़कर वतन वापसी करने वाले छात्र-छात्राओं को राहत देने से मना कर दिया था। वहीं, मंगलवार को कमीशन ने एनओसी जारी की। एनओसी के मुताबिक ये स्टूडेंट अब दुनिया के किसी भी मेडिकल कॉलेज (Medical college) से अपनी पढ़ाई पूरी कर सकेंगे। हालांकि, नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के मुताबिक इन स्टूडेंट्स को स्क्रीनिंग टेस्ट विनियम 2002 के अन्य मानदंड पूरे करने होंगे।
यूक्रेन की कुछ मेडिकल यूनिवर्सिटीज (Universities) ने विदेशी छात्रों को मोबिलिटी या ट्रांसफर प्रोग्राम लेने के लिए कहा था। इसके बाद राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (medical commission) ने विदेश मंत्रालय की सलाह पर यह फैसला लिया है। जारी सूचना में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने इसे टेम्परेरी रिलोकेशन कहा है। इसका मतलब यह है कि स्टूडेंट्स को डिग्री यूक्रेन की यूनिवर्सिटी द्वारा ही दी जाएगी।
Edited by Aarti Tewari
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