











































प्रतीकात्मक चित्र
लखनऊ। नए साल के त्यौहार का सीजऩ आ चुका है इसलिए इस दौरान लोग मीठे का सेवन ज्यादा करते है। हालांकि जिन लोगों को क्र ्रोनिक किडनी की बीमारी है या जो मरीज़ डायलिसिस करा रहे हैं उन्हे तले हुए भोजन या अस्वस्थ भोजन के सेवन से बचना चाहिए।
लखनऊ के रीजेंसी सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने कहा है कि खानपान में जरा सी लापरवाही किडनी या डायलिसिस मरीजों के लिए भारी पड़ सकती है। खान-पान में लापरवाही बरतने से उनमें सांस लेने मे समस्या, हाई ब्लड प्रेशर, हाई ब्लड शुगर, शरीर मे सूजन और त्वचा में खुजली जैसी समस्याएं हो सकती हैं। डॉक्टरों ने डायलिसिस के मरीजों के लिए सूझाव देते हुए कहा कि उन्हें अस्वस्थ चीजों को खाने से बचना चाहिए।

रीजेंसी सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल लखनऊ के रीनल साइंस के डॉयरेक्टर, नेफ्रोलॉजी एमडी डीएम डॉ दीपक दीवान ने बताया कि ऐसा देखा गया है कि छुटटी के दौरान हर कोई अपने परिवार और दोस्तों के साथ जश्न मनाता है। लजीज और मसालेदार चीजों को खाता है। हालांकि डायलिसिस या किडनी के मरीजों को इस दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। सही मात्रा में पौष्टिïक आहार लेने से ये मरीज़ अपनी सेहत को अच्छा बनाए रख सकते हैं। यह ध्यान रखना जरुरी है कि कुछ फल और सब्जियां फास्फोरस और पोटेशियम से भरपूर होती हैं, इसलिए डायलिसिस के मरीजों को इन्हें कुछ देर पानी में डालकर ही खाना चाहिए ताकि ये दोनों निकल जाएं। उन्हें अपनी पानी की बोतल साथ में रखनी चाहिए क्योंकि इससे वे लगातर पीते रहेगें और हाइड्रेटेड रहेंगे।
डायलिसिस के मरीजों को अपनी किडनी के कामकाज को सुचारू रुप से चलाने के लिए शरीर मे तरल पदार्थ की मात्रा को बेहतर बनाए रखनी चाहिए। नेफ्रोलॉजी कंसलटेंट डॉ आलोक पांडे ने कहा डायलिसिस मरीजों की किडनी डैमेज हो रही होती है इसलिए उन्हे नमक का सेवन कम करना चाहिए। इसके अलावा जिन खाद्य पदार्थो में पोटेशियम, सोडियम और फास्फोरस प्रचुर मात्रा मे होता है उससे परहेज करना चाहिए। प्रोसेस्ड मांस, डेयरी प्रोडक्ट और डिब्बाबंद भोजन नही खाना चाहिए। अंडे की सफेदी, त्वचा रहित चिकन, मछली, गोभी, फूलगोभी, सेब, अनानास और क्रैनबेरी खाएं। शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए परहेज करने की दृढ़ इच्छा होनी चाहिए। जब भी आप आपको अपने डाइट प्लान से इतर कोई चीज खाने का मन करे तो उसे कम ही खाएं। प्रत्येक निवाले का स्वाद चखते हुए धीरे-धीरे खाएं।
अगर आप डायलिसिस के मरीज़ हैं, तो सावधान रहें। चीनी, नमक, और मक्खन/तेल को कम से कम 1/2 करके खाएं। डायलिसिस मरीज यह जान लें कि अगर आप चीजों को मात्रा के हिसाब से खाना चाहते हैं तो डॉक्टर से कंसल्ट करें। डॉक्टर आपके शरीर की पोषण संबंधी ज़रूरतों के आधार पर डाइट प्लान बनाएंगे। अगर आप किसी दवा को खा रहे हैं तो उसके बारे मे भी डॉक्टर को बताएं, उसी के अनुसार डॉक्टर आपके लिए डाइट प्लान बनायेगें।







हुज़ैफ़ा अबरार June 01 2026 0 770
हुज़ैफ़ा अबरार May 31 2026 0 287
हुज़ैफ़ा अबरार June 04 2026 0 119
हुज़ैफ़ा अबरार May 31 2026 0 0
हुज़ैफ़ा अबरार June 01 2026 0 770
हुज़ैफ़ा अबरार June 04 2026 0 119
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4067
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 3941
एस. के. राणा January 20 2026 0 3934
एस. के. राणा January 13 2026 0 3927
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3612
एस. के. राणा February 01 2026 0 3304
एस. के. राणा February 04 2026 0 3171
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86420
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34154
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37313
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35028
लेख विभाग March 19 2022 0 34503
सौंदर्या राय March 16 2022 0 71825
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के मेडि
चीन में गुरुवार को लगातार तीसरे दिन कोरोना के 1,000 से अधिक नए मामले सामने आए. बीते 14 दिनों में वुह
हेल्थ एक्सपर्ट भी बढ़ते मामले को लेकर अपनी राय दे रहे है। देश के कोविड एक्सपर्ट ने जो भविष्यवाणियां
शिविर में विभिन्न प्रकार के रोगियों के अलावा कुछ जटिल रोगों से पीड़ित मरीज भी उपस्थित हुए। शिविर में
एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में काम करने वाले 130 चिकित्सक प्रोन्नत होकर प्रोफेसर बन जाएंगे। इसी तरह 110
आज लगभग 2225 घरों एवं आस-पास मच्छरजनित स्थितियों का सर्वेक्षण किया गया और कुल “08” घरों में मच्छरजनि
देश में अब तक 15 से 18 वर्ष आयुवर्ग के तीन करोड़ से ज्यादा किशोरों का पूर्ण टीकाकरण हो गया है यानी उ
कॉर्नेल यूनिवर्सिटी, अमेरिका के शोधकर्ताओं ने कहा कि हिरण में इन अप्रचलित स्वरूपों की मौजूदगी लंबे स
अदरक के अंदर एंटी ऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं जो न केवल त्वचा को कई समस्याओं से दूर कर सकते हैं बल्क
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'यह जनमहत्व और बेहद चिंता का मामला है कि दवा कंपनियों द्वारा मुफ्त में दिए जान

COMMENTS