देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

स्वास्थ्य

जानिए पेशाब रोकने से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में

ज़िन्दगी में कई ऐसे मौके आतें है जब व्यक्ति को कई घंटों यूरिन रोककर बैठे रहना पड़ता हैं। ऐसा करते हुए शायद ही उन्हें ये एहसास होता होगा कि वो अपनी सेहत को अनजाने में कितना बड़ा नुकसान पहुंचा रहे हैं।

लेख विभाग
February 09 2022 Updated: February 10 2022 00:09
0 31191
जानिए पेशाब रोकने से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में प्रतीकात्मक

ज़िन्दगी में कई ऐसे मौके आतें है जब व्यक्ति को कई घंटों यूरिन रोककर बैठे रहना पड़ता हैं। ऐसा करते हुए शायद ही उन्हें ये एहसास होता होगा कि वो अपनी सेहत को अनजाने में कितना बड़ा नुकसान पहुंचा रहे हैं। यूरिन (urine) रोकने से शरीर के कई अंगों पर बुरा प्रभाव पड़ता है। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ साइड इफेक्ट्स (side effects) के बारे में। 

कितनी देर रोक सकतें है यूरिन?-
हर व्यक्ति अपनी उम्र के अनुसार यूरिन रोकने की क्षमता रखता है। उदाहरण के लिए, छोटे बच्चों का ब्लैडर 1-2 घंटे ही पेशाब रोक पाता है। लेकिन जब वो थोड़े बड़े हो जाते हैं तो उनकी यूरिन रोकने की क्षमता बढ़कर 2-4 घंटे हो जाती है। वहीं एक व्यस्क व्यक्ति ज्यादा से ज्यादा 6-8 घंटे यूरिन को होल्ड रख सकता है। ब्लैडर में यूरिन रोकने की क्षमता का अर्थ यह बिल्कुल भी नहीं है कि व्यक्ति को इतनी देर तक पेशाब रोककर रखना चाहिए। इससे ब्‍लैडर की मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं। ब्लैडर में ज्यादा देर तक यूरिन होल्ड करने से व्यक्ति को सेहत से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं इनके बारे में।  

ज्यादा देर तक यूरिन रोकने से होने वाले नुकसान-
यूरिन लीक की समस्या- Urine leakage
यूं तो यह समस्‍या उम्रदराज लोगों के साथ होती है जब वो यूरीन पर कंट्रोल नहीं रख पाते हैं। लेकिन नियमित रूप से पेशाब रोकने की वजह से भी यह समस्या उत्पन्न हो सकती है। ऐसा इसलिए, नियमित रूप से पेशाब रोकने की वजह से ब्‍लैडर कमजोर पड़ना शुरू हो सकता है। जिसकी वजह से यूरीन लीकेज या पेशाब न रोक पाने की समस्‍या हो सकती है।  

किडनी को नुकसान- Loss to Kidney
यूरिन रोकने पर न सिर्फ किडनी पर प्रेशर बढ़ता है बल्कि उस पर स्कार भी बना सकता है जो भविष्य में किडनी संबंधी गंभीर बीमारियों की जड़ बन सकता है। कुछ स्टडीज में कहा गया है कि यूरिन रोकना किडनी स्टोन की वजह भी बन सकता है।

यूटीआई - Urinary Tract Infection
यूटीआई महिलाओं में होने वाली आम समस्‍या है, जो कई कारणों से होती है, जिनमें से एक कारण पेशाब रोकना भी है। समय पर यूरिन नहीं करने से बैक्टीरिया को बढ़ने का मौका मिल जाता है, जो ब्लैडर के अंदर तक भी पहुंच सकता है। यह संक्रमण बढ़ने पर कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।अगर आपको बार-बार यूटीआई की समस्‍या होती रहती है, तो समय पर पेशाब जाएं और आप पर्याप्त पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें।

ब्‍लैडर की स्ट्रेचिंग- Bladder stretching
नियमित रूप से लंबे समय तक पेशाब रोकने से ब्‍लैडर में स्ट्रेचिंग यानि मूत्राशय में खिंचाव हो सकता है। जिसकी वजह से यूरीन लीकेज की समस्‍या भी हो सकती है।

दर्द- Pain
ज्यादा देर यूरिन को रोकने पर ब्लैडर पर प्रेशर बढ़ता है जो दर्द का कारण बन सकता है। यह दर्द किडनी तक भी पहुंच सकता है।

यूरिनरी रिटेंशन- Urinary retention
यूरिनरी रिटेंशन वह स्थिति है, जब आपका मूत्राशय पूरी तरह से खाली नहीं हो पाता। इसमें आपको दर्द और असुविधा और पेशाब करने में परेशानी हो सकती है। इसके अलावा मूत्राशय पूरी तरह से खाली नहीं हो पाता है।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

वैज्ञानिकों ने कोबरा सर्प के विष की विषैली क्रियाविधि के तंत्र का पता लगाया 

वैज्ञानिकों ने कोबरा सर्प के विष की विषैली क्रियाविधि के तंत्र का पता लगाया 

एस. के. राणा February 03 2023 47025

अन्य विषधर सर्पों के विष की तरह कोबरा सर्प विष भी प्रकृति में तंत्रिकातन्त्र पर विषाक्त प्रभावकारी

वैरिकोसील के सफल इलाज के नए तरीकों ने दी राहत, मरीजों को मिल रहा फायदा: डॉ. अनंत

वैरिकोसील के सफल इलाज के नए तरीकों ने दी राहत, मरीजों को मिल रहा फायदा: डॉ. अनंत

हुज़ैफ़ा अबरार November 11 2022 45000

वैरिकोसील मामलों में वर्तमान में काफी बढ़ोतरी देखी जा रही है। ऐसे में ये जरूरी हो जाता है कि इसके बा

टीबी मरीजों को गोद लेने वाले कहलाएँगे निक्षय मित्र, स्वास्थ्य मेलों में लगेंगे टीबी स्टाल

टीबी मरीजों को गोद लेने वाले कहलाएँगे निक्षय मित्र, स्वास्थ्य मेलों में लगेंगे टीबी स्टाल

रंजीव ठाकुर August 09 2022 41805

टीबी मरीजों को गोद लेने वालों का अब निक्षय पोर्टल पर पंजीकरण किया जाएगा और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य मेल

गोंडा जिला अस्पताल में हो रहा क्लब फुट का नि:शुल्क इलाज

गोंडा जिला अस्पताल में हो रहा क्लब फुट का नि:शुल्क इलाज

रंजीव ठाकुर August 01 2022 30563

गोंडा के जिला अस्पताल में मिरेकल फीट इंडिया संस्था द्वारा क्लब फुट से पीड़ित दिव्यांग बच्चों का इलाज

दिमाग की नसों में ब्लॉकेज होने पर दिखते हैं ये लक्षण

दिमाग की नसों में ब्लॉकेज होने पर दिखते हैं ये लक्षण

लेख विभाग April 11 2023 500855

दिमाग की नस में ब्लॉकेज होना एक बहुत ही गंभीर समस्या है। क्योंकि ऐसा होने पर दिमाग में पोषक तत्वों औ

बेंगलुरु में जीका वायरस ने दी दस्तक

बेंगलुरु में जीका वायरस ने दी दस्तक

विशेष संवाददाता December 14 2022 28013

स्वास्थ्य मंत्री के. सुधाकर ने बताया कि पांच साल की बच्ची के जीका वायरस से संक्रमित होने के बाद एहति

खुलासा: देश में उत्पादन से तीन गुना ज़्यादा बिक रहा दूध

खुलासा: देश में उत्पादन से तीन गुना ज़्यादा बिक रहा दूध

रंजीव ठाकुर May 22 2022 31604

विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट में कहा गया कि अगर भारत के दुग्ध उत्पादों की जांच नहीं की गई तो

डा सूर्यकान्त आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा सम्मानित

डा सूर्यकान्त आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा सम्मानित

हुज़ैफ़ा अबरार November 04 2022 22845

डा सूर्यकान्त केजीएमयू के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग में 17 वर्ष से प्रोफेसर के पद पर कार्यरत है ए

NHM का फाइलेरिया उन्मूलन अभियान 10 से 17 फरवरी तक चलेगा

NHM का फाइलेरिया उन्मूलन अभियान 10 से 17 फरवरी तक चलेगा

आरती तिवारी February 07 2023 38286

NHM के महाप्रबंधक लक्ष्मण सिंह ने कहा कि 2030 तक फाइलेरिया को खत्म करना है, अगर एक भी व्यक्ति छूटेगा

बलरामपुर अस्पताल में बढ़ी मरीजों की कतार

बलरामपुर अस्पताल में बढ़ी मरीजों की कतार

आरती तिवारी September 05 2023 30273

बलरामपुर अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पर्चा और जांच काउंटर पर मरीजों की लंबी-

Login Panel