











































लखनऊ। हेल्थ जागरण ने राजधानी के मेदांता अस्पताल में हुई ब्रेन एन्यूरिज्म की पिन होल सर्जरी को लेकर डॉक्टर्स से खास बातचीत की। बेहद किफायती इस सर्जरी के बारे में जानकारी जुटाने के साथ ब्रेन एन्यूरिज्म के कारण तथा बचाव पर भी चर्चा की। पिन होल सर्जरी करवाने वाले मरीज से उसका हाल भी जाना।
इंटरवेंशन रेडियोलॉजिस्ट डॉ रोहित अग्रवाल ने हेल्थ जागरण से विशेष बातचीत की।
हेल्थ जागरण - डॉ साहब ब्रेन एन्यूरिज्म और पिन होल सर्जरी क्या होती है?
डॉ रोहित अग्रवाल - ब्रेन एन्यूरिज्म मस्तिष्क की रक्त वाहिका की दीवार में एक रक्त से भरा गुब्बारे जैसा उभार होता है, जिसके फटने से मस्तिष्क के अंदर या आसपास रक्तस्राव होने का जोखिम होता है) ब्रेन एन्यूरिज्म मस्तिष्क की रक्त वाहिका में खून भर जाने से कमज़ोर हो जाने की स्थिति हो जाती है, ऐसे में रक्त वाहिका एक रक्त से भरे गुब्बारे जैसा आकार ले लेता है और इसके फटने का खतरा बना रहता है। यदि यह फट जाए तो मस्तिष्क के अंदर या उसके आसपास रक्तस्राव होने का जोखिम बना रहता है। ब्रेन एन्यूरिज्म के फटने पर मरीज के लिए आपातकालीन उत्पन्न स्थिति हो जाती है, जो मरीज के लिए घातक साबित हो सकती है। इसलिए इसके तुरंत इलाज की आवश्यकता होती है। ब्रेन एन्यूरिज्म के फटने से आंतरिक रक्तस्राव शुरू हो जाता है। इससे मरीज को तेज सिरदर्द, उलटी और उसकी चेतना लुप्त हो जाने जैसे लक्ष्ण पैदा हो जाते हैं। यदि ऐसे मरीजों का समय से इलाज न होने से मृत्युदर 10-15 फीसदी तक चली जाती है। साथ ही ब्रेन एन्यूरिज्म के बार-बार फटने का खतरा बना रहता है। ऐसे में कई मरीजों के हाथ-पैर में कमजोरी भी आ जाती है या लकवे की स्थिति भी बन सकती है।
इंटरवेंशन रेडियोलोजी के माध्यम से ब्रेन एन्यूरिज्म का इलाज बिना चीरा-टांका लगाए एंडोवेसकुलर इंटरवेंश (पिन होल) सर्जरी द्वारा किया जाता है।
हेल्थ जागरण - पिन होल सर्जरी कैसे सस्ती होती है?
डॉ रोहित अग्रवाल - पिन होल सर्जरी में पिन के बराबर कट लगा कर सर्जरी की जाती है। इससे मरीज को आईसीयू या अस्पताल में ज्यादा समय तक भर्ती नहीं रहना पड़ता और मरीज जल्द स्वस्थ होकर अपने घर वापस चला जाता है। पिछले कुछ दिनों में मेदांता लखनऊ में पिनहोल विधि द्वारा कई मरीजों का इलाज किया जा चुका है और वे सभी स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। इनमें से एक मरीज की एक सिटींग में मष्तिष्क के तीन ब्रेन एन्यूरिज्म का इलाज किया गया। मेदांता लखनऊ में काफी किफायती दरों पर इस विधि से सर्जरी की जा रही है। निर्धन वर्ग के मरीजों के इलाज के लिए मेदांता लखनऊ को सरकार द्वारा भी पूरा सहयोग दिया जा रहा है।
हेल्थ जागरण - डॉ साहब ब्रेन एन्यूरिज्म के क्या कारण है और इससे कैसे बचा जा सकता है?
डॉ रोहित अग्रवाल - ब्लडप्रेशर, शूगर, सिरदर्द, जीवनशैली में बदलाव इत्यादि कारणों से यह बिमारी हो सकती है और इन्हीं चीजों से बच कर ऐसी स्थिति आने से बचा जा सकता है। ब्रेन एन्यूरिज्म की समस्या लगभग 2 से 3 प्रतिशत लोगों में पाई जाती है। इस बीमारी का इलाज दो तरह से किया जा सकता है एक ओपन सर्जरी व दूसरा एंडोवैस्कूलर सर्जरी (पिन होल सर्जरी) के माध्य़म से इलाज करवाने पर मरीज का आईसीयू व हॉस्पिटल स्टे कम हो जाता है । एक्सपर्ट पैनल डिस्कशन के बाद मरीज के लिए बेस्ट सर्जरी का चुनाव होता है। इस तकनीक के माध्यम से इलाज करवाने पर ओपन सर्जरी से कम समय लगता है।
इसके बाद हेल्थ जागरण ने मरीज अशोक कुमार द्विवेदी से बातचीत करके उनका हाल जाना। उन्होंने बताया कि वह बक्शी का तालाब इलाके से आएं हैं और मेदांता में उनकी सफल पिन होल सर्जरी की गई है। श्री द्विवेदी ने बताया कि उन्हें सिरदर्द होता था और उसके बाद अचानक ही बेहोशी आनी शुरू हो गई थी। कई जगह दिखाने के बाद वह मेदांता अस्पताल पहुंचे और सर्जरी करवाई।
उन्होंने कहा कि वह गरीब किसान है और उनके पास महंगा इलाज करवाने की क्षमता नहीं थी।
डॉ रोहित अग्रवाल की वजह से सर्जरी का खर्च भी आधा हो गया है। और अब वह पूरी तरह ठीक है तथा अपने कार्य सही ढंग से कर सकते हैं।







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