












































सवाई मानसिंह अस्पताल
जयपुर। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग ने प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजेज में 10 अक्तूबर तक आधार कार्ड आधारित बायोमेट्रिक हाजिरी शुरू करने का निर्देश दिए थे। इसके बाद भी अभी तक बायोमेट्रिक हाजिरी अधिकतर अस्पतालों में शुरू नहीं हो पायी है। कोरोना महामारी के कारण बायोमेट्रिक हाजिरी बंद कर दी गयी थी।
वहीं अधिकत्तर मेडिकल कॉलेज को एनआईसी (National Medical Commission) से भी नहीं जोड़ा गया है।जबकि राजस्थान की सभी मेडिकल कॉलेज और राजकीय अस्पताल व स्वायत्त राजकीय मेडिकल कॉलेज (government medical colleges) में बायोमेट्रिक हाजिरी की व्यवस्था कर सभी चिकित्सकाकर्मियों की हाजिरी सीसीटीवी की नजर में किए जाने के आदेश हैं।
प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस मेडिकल कॉलेज, आरयूएचएस विवि व कॉलेज, जयपुरिया व कांवटियां अस्पताल,जनाना गणगौरी अस्पताल (SMS Medical College, RUHS University and College, Jaipuria and Kantian Hospital, Janana Gangauri Hospital) सहित जयपुर ही नहीं बल्कि प्रदेश के ज्यादातर अस्पतालों में बायोमेट्रिक हाजिरी शुरू नहीं हो सकी है।जहां बायोमेट्रिक मशीन (biometric machine) नहीं है वहां पर एनएमसी (NMC) के नियमानुसार नई मशीन कर बायोमेट्रिक हाजिरी की व्यवस्था करनी थी।
बायोमेट्रिक हाजिरी (biometric attendance) नहीं होने पर डॉक्टर्स समेत स्टाफ और कर्मचारी मनमाने समय से आते और चले जाते हैं। इसका सीधा असर चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं पर हो रहा है।







हुज़ैफ़ा अबरार June 01 2026 0 693
हुज़ैफ़ा अबरार May 31 2026 0 231
हुज़ैफ़ा अबरार May 31 2026 0 0
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4025
एस. के. राणा January 20 2026 0 3920
एस. के. राणा January 13 2026 0 3899
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 3899
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3591
एस. के. राणा February 01 2026 0 3262
एस. के. राणा February 04 2026 0 3129
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86413
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34140
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37278
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35014
लेख विभाग March 19 2022 0 34496
सौंदर्या राय March 16 2022 0 71797
कम दृष्टि के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें मधुमेह, आंखों में चोट लग जाना, उम्र के साथ आंखे कमजोर होना.
पिछले 24 घंटों में कोविड-19 से 46 लोगों की मौत होने के साथ ही संक्रमण से राज्य में अभी तक मरने वालों
यूक्रेन से लौटे भारतीयों में बड़ी संख्या में छात्र हैं और वह भी वे, जो वहां मेडिकल की पढ़ाई के लिए ग
एचडब्ल्यूजी की प्रत्येक बैठक के साथ एक अतिरिक्त आयोजन की मेजबानी करने की भी योजना बना रहा है। जिनमें
गौतमबुद्धनगर में 120, गाजियाबाद में 49 और लखनऊ में 12 नए कोरोना पाजिटिव मरीजों की पुष्टि होने पर सीए
किशोर की छोटी आंतों और बड़ी आँतों की जगह बदल गयी थी। इसकी जानकारी एंडोस्कोपी, सीटी स्कैन के साथ ही लग
तुलनात्मक विश्लेषण से पता चला कि जो लोग कोविड-19 से संक्रमित हुए थे, उनको मस्तिष्क और ग्रे-मैटर सिकु
गठिया के कारण होने वाले इन स्वप्रतिरक्षा क्षति को मोटे तौर पर रुमेटोलॉजिकल रोग कहा जाता है और इनकी प
सरकार ने देशभर में मौजूदा फार्मा क्लस्टर और एमएसएमई सेक्टर के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रविधान किया ह
इस जागरूकता पहल के माध्यम से रीजेंसी हॉस्पिटल लखनऊ लंबे समय से कब्ज की समस्या से ग्रसित खासकर वे लोग

COMMENTS