











































गोरखपुर। टीबी के बारे में अब नई जानकारी आई है। पहले माना जाता था कि टीबी सिर्फ फेफड़े की बीमारी है। अब नई जानकारी यह आई है कि टीबी नाखून और बाल को छोड़कर शरीर के किसी भी अंग में हो सकता है। इसे एक्सट्रा पल्मोनरी टीबी कहते हैं। लिम्फ ग्रंथि का फूल जाना, गले पर गांठ, हड्डियों व जोड़ों में तेज दर्द व सूजन, दोहरी दृष्टि, भ्रम का होना, सिरदर्द, पेट में दर्द, पाचन संबंधित समस्या, बार-बार पेशाब आना और पेशाब में दर्द जैसी समस्या भी टीबी के लक्षण हैं। एक्स्ट्रा पल्मोनरी टीबी की पहचान विशेषज्ञ चिकित्सक ही कर पाते हैं। ऐसी टीबी संक्रामक तो नहीं होती, लेकिन इसका समय से इलाज आवश्यक है।
जिले में एक्सट्रा पल्मोनरी टीबी (extra pulmonary TB ) के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बीआरडी मेडिकल कालेज (BRD medical college) में हर महीने करीब 150 से 180 मरीज इस बीमारी के पहुंचते हैं। ट्रांसपोर्टनगर के रहने वाले चंद्रप्रकाश के गर्दन के पास गांठ निकल गई थी। गांठ में खुजली भी होती थी। क्षय रोग केंद्र पर जांच कराने में उन्हं् टीबी का मरीज बताया गया। उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ कि गले की गांठ भी टीबी (TB) हो सकती है। उन्हें रुक-रुक कर बुखार भी आता था, हालांकि वह परिवार के बीच ही रहे। चिकित्सक ने उन्हें बताया कि छह महीने तक लगातार दवा चलेगी और दवा बीच में नहीं छोड़नी है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. रामेश्वर मिश्र व बीआरडी मेडिकल कालेज के टीबी एंड चेस्ट के विभागाध्यक्ष डॉ. अश्वनी मिश्र ने बताया कि टीबी के कुल मरीजों में से करीब 20 से 30 फीसदी मरीज एक्स्ट्रापल्मोनरीश्रेणी के होते हैं। बाल और नाखून में टीबी नहीं होती है । इसके अलावा लिंफ ग्रंथि, हड्डी-जोड़, मस्तिष्क, पेट, यूरेनरी, किडनी, गर्भाशय जैसे अंगों की टीबी रिपोर्ट हो चुकी हैं । यह टीबी कम प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों व बच्चों में ज्यादा पाई जाती है । एचआईवी के टीबी मरीजों में 50 फीसदी में यह बीमारी पाई जाती है । यह टीबी केंद्रीय तंत्रिका तंत्र, लसीका प्रणाली, जननांग प्रणाली, हड्डियों व जोड़ों में पाई जाती है।
इन लक्षणों पर करें गौर
- लिंफ ग्रंथि के फूलने और दर्द होने पर यानि गर्दन के पास गांठ होना
- हड्डी या जोड़ में किसी जगह तेज दर्द या सूजन होने पर
- मस्तिष्क में दोहरी दृष्टि, भ्रम या सिरदर्द की शिकायत पर
- पेट में दर्द और पाचन संबंधी संमस्या पर
- बार-बार पेशाब आना, पेशाब में दर्द होने पर पुरुष को जननांग टीबी की जांच करानी चाहिए
- महिलाओं में जननांग टीबी पैल्विक सूजन की तरह हो सकती है







हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 483
हुज़ैफ़ा अबरार August 02 2026 0 252
हुज़ैफ़ा अबरार August 02 2026 0 189
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 175
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 161
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 161
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 112
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 63
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 1211
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 483
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 385
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 252
हुज़ैफ़ा अबरार August 02 2026 0 252
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 203
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5005
एस. के. राणा January 20 2026 0 4956
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4851
एस. के. राणा January 13 2026 0 4634
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4529
एस. के. राणा February 01 2026 0 4305
एस. के. राणा February 04 2026 0 3983
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87043
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34945
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38104
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35609
लेख विभाग March 19 2022 0 35224
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72777
भले ही वॉक करना एक अच्छी एक्सरसाइज है लेकिन यह स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद तभी साबित हो सकता है जब वॉ
एक रिसर्च के मुताबिक एंटीबायोटिक की ज्यादा खुराक लेना शरीर में बैक्टीरिया के खतरे को और बढ़ा सकता है
उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने निजी मेडिकल स्टोर के गोदाम में सरकारी दवाइयां मिलने के मामले में जिला अस
हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने शुक्रवार को गांव बाता स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के औच
आयुर्वेद में नीम का बहुत महत्व है। नीम का पेड़ अच्छे पर्यावरण के लिए जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी अच
उपवास के दौरान, व्यक्तियों द्वारा सब कुछ या कुछ भोजन छोड़ा जा सकता है। व्रत धार्मिक कर्मकांड के अनुस
पीएम मोदी के जन्मदिन पर डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में 17 सितंबर से 01 अक्टूबर 2022 तक
दांत अगर ठीक से साफ नहीं हुए तो धीरे- धीरे पीलापन जमने लगता है। हालांकि ज्यादा परेशान होने की जरूरत
सीलिएक रोग एक इम्यून रिएक्शन है जो कि ग्लूटेन युक्त आहार ( गेंहू, जौ, और राई ) खाए जाने पर रोग प्रति
नियमित तौर से सप्ताह में 150 मिनट फिजिकल एक्टिविटी करने से ब्लड प्रेशर को 5-8 mm/Hg तक कम किया जा सक

COMMENTS