











































लखनऊ। उत्तर प्रदेश में डॉक्टर्स के ट्रांसफर्स और उसके बाद हुए निलम्बन को लेकर अपर एसीएस अमित मोहन प्रसाद का नाम काफी उछला था और पीएमएस एसोसिएशन लगातार उनकी जाँच की बात कह रही थी। आज अमित मोहन प्रसाद का ट्रांसफर दूसरे विभाग में हो गया तो एसोसिएशन ने इस पर प्रतिक्रिया जताते हुए नए अधिकारी से अपील की और भ्रष्टाचार के नए मामले उठाए है।
पीएमएस ऑफीसर्स (रि.) वेलफेयर एसोसिएशन (PMS Officers (R.) Welfare Association) के महामंत्री डॉ आर के सैनी ने अपर एसीएस अमित मोहन प्रसाद के ट्रांसफर पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि सीएम योगी (CM Yogi) ने यह काम बहुत सराहनीय किया है और भ्रष्टाचारी तथा भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाले चले गए है। ये दूसरे विभागों में जा कर भ्रष्टाचार करेंगे। वास्तविक रूप में उनको दण्ड देना चाहिए और उनके खिलाफ जाँच बिठानी चाहिए।
नए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा पार्थ सारथी सेन शर्मा (Partha Sarathi Sen Sharma) का स्वागत करते हुए डॉ आर के सैनी ने कहा कि एसोसिएशन (PMS Association) चाहती है कि भ्रष्टाचार को विभाग में जड़ से समाप्त करे और इसके लिए सभी भ्रष्टाचारियों को चिन्हित करके विशेष अभियान चलावे। जीरो टालरेंस की निति पर चलते हुए योगी सरकार (Yogi government) की कसौटी पर खरा उतरें। स्वास्थ्य विभाग में बहुत भ्रष्टाचार था इसलिए योगी सरकार नए प्रमुख सचिव को लाई है। एसोसिएशन आशा करती है कि यह ह्रदयस्पर्शी तरीके से कार्य करेंगे और समस्याओं का निवारण करेंगे।
इसके बाद डॉ आर के सैनी (Dr RK Saini) ने स्वास्थ्य विभाग (UP Health Department) में कई अन्य मामलों को लेकर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जोरदार हमला बोला। डॉ एस पी राम, स्टाफ ऑफिसर एनएचआरएम (NHRM) और संयुक्त निदेशक डॉ राजीव बंसवाल भ्रष्टाचार (Health Department corruption) में लिप्त थे और डीजी हेल्थ (DG Health) के खिलाफ गवाही दी थी। इसके बाद भी बंसवाल को आहरण-वितरण का सम्वेदनशील पद दे दिया गया। बंसवाल एनएचआरएम में खरीद फरोख्त स्कैण्डल में दोषी नामित है।
डॉ आर के सैनी ने कहा कि इसको लेकर एसोसिएशन ने डीजी हेल्थ डॉ लिली सिंह को कई बार पत्र लिखा लेकिन नतीजा नहीं निकला। भ्रष्टाचारी डॉ राजीव बंसवाल (Dr. Rajiv Banswal) सम्वेदनशील पद पर बने हुए है। इसके ऊपर कई मामले लम्बित हैं और इसकी सांठगांठ कुछ सचिव लोगों से है। यह भ्रष्टाचार में पूरी तरह लिप्त है और योगी सरकार को कलंकित कर रहा है। कहीं ऐसा ना हो कि इसके चक्कर में डॉ लिली सिंह (Dr Lilly Singh) जेल चली जाए। शासन में बंसवाल के खिलाफ जांचे लम्बित हैं और फिर भी इसे दो महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी दे रखी है।
एक दूसरे प्रकरण पर बोलते हुए डॉ आर के सैनी ने कहा कि देश दीपक पाल, सीएमओ, हरदोई (CMO Hardoi) ने सुरेन्द्र यादव नाम के एक रिटायर्ड बाबू को नौकरी पर रखा हुआ है जो घोटाला कर रहा है। इसके लिए एसोसिएशन डीएम हरदोई को पत्र लिख चुकी है। यदि डीएम हरदोई (DM Hardoi) संज्ञान नहीं लेंगे तो एसोसिएशन इसके खिलाफ कोर्ट जाएगी।







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