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लखनऊ। केजीएमयू में कई सरकारी योजनाओं (government schemes) से इलाज कराने वालों का ग्राफ तेज से बढ़ रहा है। महज एक साल में ही यहां असाध्य रोगियों (incurable patients) की संख्या डेढ़ गुना और उनके इलाज पर होने वाला खर्च करीब तीन गुना पहुंच गया हैं। साल 2021-22 में 2301 असाध्य रोगियों पर जहां 15 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। वहीं 2022-23 में मरीजों (patients) की संख्या 3321 हो गई तथा इनके इलाज का खर्च करीब तीन गुना बढ़कर 42 करोड़ रुपये पहुंच गया।
योजनाओं के प्रति बढ़ी जागरूकता- Increased awareness towards schemes
वित्त नियंत्रक केजीएमयू विनय कुमार राय ने कहा कि सरकार की मंशा सभी जरूरतमंदों को इलाज उपलब्ध कराना है। इसी के तहत कई योजनाएं संचालित की जाती हैं। अच्छी बात है कि सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ी है और वे इसका अच्छा उपयोग कर पा रहे है।
दोगुना हुआ खर्चा- doubled expenses
प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना ने इस बार 5 साल पूरे किए हैं। केजीएमयू (KGMU) में इसका दो साल का आकंड़ा मौजूद है। इसी दो साल में लाभर्थियों की संख्या 25 प्रतिशत बढ़ी है इसके अलावा खर्च की राशि दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है।







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