











































लखनऊ। आज के परिवेश में ओरल केअर के प्रति जागरूकता बढ़ी है। असल में इसका कारण आम जीवन में बढ़ता केमिकल का उपयोग है। हेल्थ जागरण को इस प्रकार की सूचनाएं अपने पाठकों से लगातार मिल रही है। इस विषय पर हेल्थ जागरण के सम्वाददाता रंजीव ठाकुर ने डेंटल सर्जन डॉ प्रदीप सिंह से खास बातचीत की है। डॉ सिंह का क्लीनिक सुशांत गोल्फ सिटी अंसल, सेक्टर डी में है।
हेल्थ जागरण - डॉ साहब ओरल डिजीज के क्या कारण होते हैं ?
डॉ प्रदीप सिंह - ओरल डिजीज प्रदूषित खानपान और हवा की वजह से होती है। शुद्ध खाना, पीना और हवा में साँस लेना बहुत जरुरी है। मुंह के जरिए बीमारियां शरीर के अंदर जाती है और दांत इससे अछूते कैसे रह सकते है। मिलावट और तम्बाकू का सेवन भी इसके लिए जिम्मेदार है।
हेल्थ जागरण - टूथ ब्रश करने वालों को दांतों की समस्याएं ज्यादा आती है जबकि दातुन या परम्परागत मंजन करने वालों को कम समस्याएं होती हैं ?
डॉ प्रदीप सिंह - इसे पूरी तरह सही नहीं कहा जा सकता। दातुन या परम्परागत मंजन वैक्टीरिया को मारता तो है लेकिन ये दांतों की सफाई पूरी तरह नहीं करता है। टूथ ब्रश करने से दांतों की बीच तक सफाई हो जाती है बशर्ते ब्रश सही तरीके से किया जाये।
हेल्थ जागरण - डॉ साहब भारत में डेंटल कॉस्मेटिक विदेशों की तरह बहुत कामयाब नहीं हो पाया, इसकी क्या संभावनाएं है ?
डॉ प्रदीप सिंह - इसके दो कारण हैं, पहला आर्थिक सीमाएं और दूसरा जागरूकता। लोग डेंटल कॉस्मेटिक के बजाये बेसिक नीड पर ज्यादा फोकस करते हैं। मुंह के जरिए होने वाली बीमारियों को लेकर जागरूकता का भाव है।
हेल्थ जागरण - डॉ साहब डेंटल इम्प्लांट्स लगवाने वाले अक्सर संक्रमण का शिकार होते रहते हैं, पता चलता है कि उसी इम्प्लांट्स के कारण संक्रमण हो रहा है, क्या कारण है ?
डॉ प्रदीप सिंह - ये बहुत सही नहीं है। ज्यादातर इम्प्लांट्स रांग प्लेसमेंट से फेल हो जातें है। इम्प्लांट्स लगाते समय मरीज़ की पूरी पैथोलॉजी की जांच कराना बहुत ज़रूरी है। अक्सर ब्लड प्रेशर, डायबटीज, थायराइड, कैंसर जैसी बीमारियों से भी इम्प्लांट्स लगवाने के बाद संक्रमण हो सकता है। इन चीजों का ध्यान रखते हुए डेंटल इम्प्लांट्स प्लेस करना चाहिए।
हेल्थ जागरण - बदली लाइफ स्टाइल में कैमिकल का प्रयोग ज्यादा होने लगा है, ऐसे में अपने दांतों के स्वास्थ्य की रक्षा कैसे की जाए ?
डॉ प्रदीप सिंह - इसके लिए जागरूकता बहुत जरुरी है। हमें पता होना चाहिए कि जो चीज लोग खा या पी रहे हैं उसमे कैमिकल कैसा और कितना है। कोल्ड ड्रिंक, फास्ट फूड का उपयोग कम करना चाहिए। खानपान प्राकृतिक और शुद्ध होना चाहिए। हरी सब्जियां, नींबू, आंवला यानि विटामिन सी दांतों तथा ओरल कैविटी के लिए बहुत जरुरी है।
तो ये थे डेंटल सर्जन डॉ प्रदीप सिंह जिन्होंने दांतो के स्वास्थ्य को लेकर रोचक और बहुमूल्य जानकारियां दी। यदि आपको ये जानकारी अच्छी लगी है तो कृपया शेयर, लाइक और कमेंट्स के जरिए हमें जरूर बताएं।







हुज़ैफ़ा अबरार September 02 2026 0 3465
हुज़ैफ़ा अबरार September 10 2026 0 1232
हुज़ैफ़ा अबरार September 04 2026 0 721
हुज़ैफ़ा अबरार September 08 2026 0 518
हुज़ैफ़ा अबरार September 01 2026 0 476
हुज़ैफ़ा अबरार September 02 2026 0 420
हुज़ैफ़ा अबरार September 07 2026 0 406
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 9142
एस. के. राणा January 20 2026 0 5649
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5418
एस. के. राणा February 01 2026 0 5411
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5306
एस. के. राणा January 13 2026 0 4942
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4886
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87316
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35393
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38440
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35931
लेख विभाग March 19 2022 0 35581
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73253
न्यू चंडीगढ़ में पीएम मोदी ने होमी भाभा कैंसर अस्पताल का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री किसी अस्पताल का
संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. विष्णु दत्त के निर्देश पर अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के डीन डा रमनेश मूर्ति न
ट्रांसप्लांट सर्जन अंतिम समय तक नहीं जानते कि किसका अंग प्रत्यारोपण करने वाले हैं। ट्रांसप्लांट सर्ज
ग्राम प्रधानों की क्षय रोग उन्मूलन अभियान में अहम भूमिका है | वह पंचायत के माध्यम से गाँव-गाँव में क
डॉ आलोक गुप्ता, आंकोलॉजिस्ट ने लोगों को कैंसर के प्रति जागरूक करते हुए बहुमूल्य जानकारियां दी और कहा
कोविड-19 के घातक वायरस की चपेट में आने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 41.15 करोड़ से ज्यादा हो गई है। वह
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पताल के स
चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग में दवाओं की उपलब्धता पर भी चर्चा की गई, एवं उन्होंने महासंघ को माननीय उपमु
एक महिला ने अपने 22 वर्षीय बेटे को अपनी एक किडनी दान कर दी। इससे उसे नया जीवन मिला। किंग जॉर्ज मेडिक
राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत कैंटोनमेंट जरनल हॉस्पिटल में आज टीबी मरीजों को गोद ल

COMMENTS