











































गोरखपुर का टीबी अस्पताल
गोरखपुर। अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो गोरखपुर में क्षय रोग यानी टीबी के इलाज के लिए गोरखपुर में टीबी ट्रीटमेंट का एपेक्स सेंटर भी खुल सकता है। इस सेंटर में सिर्फ टीबी के ही मरीजों का इलाज होगा। टीबी मरीजों की सभी प्रकार की जांचें होंगी। वह भर्ती हो सकेंगे। टीबी इलाज से जुड़े डॉक्टर व कर्मचारियों को ट्रेनिंग भी मिलेगी। इसको लेकर जल्द ही टीबी अस्पताल प्रबंधन शासन को प्रस्ताव दे सकता है।
आपको बताते चलें कि पूर्वांचल के इलाके में टीबी के मरीजों की संख्या बहुतायत है। पिछले चार साल में सिर्फ गोरखपुर में करीब 33 हजार से अधिक टीबी के नए मरीज मिले हैं। इनमें से करीब 50 फीसदी मरीजों का इलाज निजी चिकित्सकों के पास चल रहा है। बचे 50 फीसदी मरीज बीआरडी से लेकर पीएचसी तक में पंजीकृत हैं। टीबी मरीजों की जांच व इलाज के लिए कोई एकीकृत केंद्र नहीं है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के टीबी एंड चेस्ट विभाग में कुछ मरीज भर्ती होते हैं। इसको देखते हुए टीबी अस्पताल प्रबंधन ने प्रस्ताव तैयार किया है।
प्रबंधन एयरपोर्ट स्थित 100 बेड वाले टीबी अस्पताल को टीबी मरीजों के लिए डेडीकेटेड एपेक्स सेंटर बनाना चाहता है। इस सेंटर के संचालन के लिए अधिकांश सुविधाएं अस्पताल में मौजूद हैं। सभी बेड पर ऑक्सीजन की सुविधा मौजूद है। 20 वेंटिलेटर व 18 बाइपेप मशीन मौजूद हैं। टीबी अस्पताल के नोडल अधिकारी डॉ एएन त्रिगुण ने बताया कि टीबी अस्पताल में 100 बेड है। सभी बेड पर ऑक्सीजन की सुविधा है। अस्पताल में वेंटिलेटर व वायपैप के साथ ही डॉक्टर पर्याप्त है। कर्मचारी तैनात हैं। टीबी के जांच की सभी आवश्यक सुविधाएं हैं।
उन्होंने बताया कि टीबी के इलाज के लिए एकीकृत अस्पताल मंडल में एक भी नहीं है। जिला अस्पताल से सटे टीबी अस्पताल में मरीज भर्ती नहीं होते हैं। ऐसे में टीबी मरीजों के लिए यह सेंटर उपयोगी हो सकता है। इस अस्पताल में गोरखपुर, बस्ती, आजमगढ़ व देवीपाटन मंडल के डॉक्टर व कर्मचारियों को टीबी की ट्रेनिंग भी दी जाती है।
जिले में चार साल में सरकारी व निजी चिकित्सकों के यहां पर मिले है मरीज
वर्ष सरकारी डॉक्टर निजी डॉक्टर कुल
2019 6971 4502 11473
2020 4704 3954 8658
2021 6552 4742 11294
2022 1079 747 1826







एस. के. राणा January 13 2026 0 3556
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 3556
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 3381
एस. के. राणा January 20 2026 0 3346
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3101
एस. के. राणा February 01 2026 0 2786
एस. के. राणा February 04 2026 0 2583
उत्तर प्रदेश
सौंदर्या राय May 06 2023 0 102418
सौंदर्या राय March 09 2023 0 106946
सौंदर्या राय March 03 2023 0 107199
admin January 04 2023 0 107054
सौंदर्या राय December 27 2022 0 97530
सौंदर्या राय December 08 2022 0 85925
आयशा खातून December 05 2022 0 140525
लेख विभाग November 15 2022 0 109596
श्वेता सिंह November 10 2022 0 158834
श्वेता सिंह November 07 2022 0 109788
लेख विभाग October 23 2022 0 94674
लेख विभाग October 24 2022 0 98055
लेख विभाग October 22 2022 0 103778
श्वेता सिंह October 15 2022 0 106718
महाराष्ट्र से राहत भरी खबर सामने आ रही है। बृहन्मुंबई महानगर शहर में कोरोना फैलने से रोकने में कामय
पोप फ्रांसिस का 14 फरवरी से रोम के जेमेली अस्पताल में इलाज चल रहा है। अचानक उनकी श्वसन प्रणाली में स
मरीज "मीडियन एरोकवयूट लिगामेन्ट सिन्डरोम" से पीड़ित था। डॉ अजय यादव ने दूरबीन विधि द्वारा सफलतापूर्वक
मनसुख मांडविया ने स्वास्थ्य मंत्रालय और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियो
डेंगू पर प्रभावी नियंत्रण लगाने में नगर निगम ज़ोन 4 फेल साबित हो चुका है लेकिन नगर निगम ज़ोन 4 में अ
डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में फार्माकोलॉजी विभाग द्वारा फार्माकोविजिलेंस पर वर्तमान प
संक्रमण की भयावहता से जूझ रहे यूरोप में अब हालात सुधरने लगे हैं। डब्ल्यूएचओ ने भी दावा किया है कि क
किशोरों को लगने वाले टीकों और साठ साल या उससे अधिक आयु के लोगों को दिए जाने वाली एहतियाती खुराक संबं
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में अब कुल 1,24,868 सक्रिय मरीज बचे हैं। वहीं स्वास्थ्य मंत्रालय द्
ग्वालियर के मुरार के प्रसूति गृह अस्पताल में एक महिला अपने बीमार बच्चे को डॉक्टर को दिखाने आई थी। डॉ

COMMENTS