











































प्रतीकात्मक तस्वीर
लखनऊ। केजीएमयू के डॉक्टरों (Doctors) को अब सरकारी खर्च पर देश-विदेश में होने वाले सेमिनारों (seminars) में शामिल होने के लिए ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। विवि प्रशासन (university administration) ने कुछ समय पहले ही सेमिनार में शामिल होने के लिए लागू नए नियम-कायदों को वापस ले लिया है।
वीसी प्रो. बिपिनपुरी ने कार्यकाल पूरा होने से पहले शिक्षकों को राहत देते हुए पुरानी व्यवस्था लागू कर दी है। इसके तहत पीजीआई (PGI) के नियमों के मुताबिक चिकित्सकों को सुविधाएं (facilities to doctors) मिलेंगी।
दरअसल सभी डॉक्टरों को सेमिनार,कॉन्फ्रेंस आदि में शामिल होने के लिए कहीं जाने पर किराए,रहने,खाने से लेकर रजिस्ट्रेशन शुल्क (registration fee) तक विवि देता था। इसमें काफी डॉक्टर सेमिनार के बहाने विदेश घूमने जाते थे और खर्च विवि को वहन करना पड़ता था। इसे देखते हे ही नई व्यवस्था लागू की गई थी।







हुज़ैफ़ा अबरार June 01 2026 0 672
हुज़ैफ़ा अबरार May 31 2026 0 196
हुज़ैफ़ा अबरार May 31 2026 0 0
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4018
एस. के. राणा January 20 2026 0 3913
एस. के. राणा January 13 2026 0 3892
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 3892
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3577
एस. के. राणा February 01 2026 0 3255
एस. के. राणा February 04 2026 0 3122
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86406
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34133
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37278
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35014
लेख विभाग March 19 2022 0 34496
सौंदर्या राय March 16 2022 0 71797
सामान्यत: इस प्रकार के कैंसर में बड़े चीरे वाले ऑपरेशन किए जाते हैं जिससे मरीज़ को लंबे समय तक अस्पता
अगर आपको या आपके परिवार में किसी को भी यूरिक एसिड की समस्या रहती है, तो यह काढ़ा आपके काफी काम आ सकता
आरटीआइ एक्टीविस्ट मनीष ने पैथोलॉजी में जाकर भी टेस्ट कराने पर 900 रुपये वसूलने की शिकायत की।
पोस्ट कोविड स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान में होम्योपैथिक औषधियाँ महत्त्वपूर्ण भमिका निभा सकती हैं। क
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने निर्देश देते हुए कहा कि प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा को कम से कम 72 घंटे अ
आजादी के बाद 74 वर्षों तक उत्तर प्रदेश में 20,000 स्वास्थ्य उपकेंद्र थे, जबकि वर्तमान सरकार ने एक दि
निदेशक डॉ. एके सिंह के मुताबिक, मानसून व उसके बाद मच्छरों की तादाद अचानक बढ़ने लगती है। मलेरिया उन्म
गाम्बिया ने अभी तक पुष्टि नहीं की है कि भारत की मेडेन फार्मास्युटिकल्स के कफ सिरप से बच्चों की मौत ह
मंडलायुक्त ने अस्पतालों में रोगियों के लिए पीने के पानी की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाये। जिन चि
चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकारें जमीन आवंटन अच्छी नीतियों का निर्माण कर सकती हैं

COMMENTS