देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

मेदांता लखनऊ में शुरू हुआ स्ट्रोक क्लिनिक। 

डॉ ऋत्विज बिहार, एसोसिएट डायरेक्टर न्यूरोलॉजी ने स्ट्रोक के बारे में बताया की भारत में स्ट्रोक का बोझ प्रति वर्ष 1.5 मिलियन से अधिक अधिक है, जो पश्चिमी औद्योगिक देशों की तुलना में बहुत अधिक है।

0 55499

लखनऊ। मेदांता अस्पताल लखनऊ में एक नए स्ट्रोक क्लिनिक का उद्घाटन किया गया, जिसका उद्देश्य स्ट्रोक के रोगियों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं और सेवाओं में सुधार करना है। 

डॉ ऋत्विज बिहार, एसोसिएट डायरेक्टर न्यूरोलॉजी ने स्ट्रोक के बारे में बताया की भारत में स्ट्रोक का बोझ प्रति वर्ष 1.5 मिलियन से अधिक अधिक है, जो पश्चिमी औद्योगिक देशों की तुलना में बहुत अधिक है। स्ट्रोक मृत्यु का दूसरा सबसे आम कारण है और भारत में स्थायी विकलांगता का सबसे आम कारण है। 

उन्होंने बताया कि थ्रोम्बोलिसिस ने एक्यूट स्ट्रोक के प्रबंधन में बड़े बदलाव के लिए उत्प्रेरक का काम किया है। इंट्रावेनस अल्टेप्लेस और टेनेक्टिप्लेस एकमात्र स्वीकृत थ्रोम्बोलाइटिक एजेंट हैं जो वर्तमान में स्ट्रोक की शुरुआत से 4.5 घंटे के भीतर तीव्र इस्केमिक स्टोक के लिए संकेतित हैं। 

बहरहाल, 'समय मस्तिष्क है' और थ्रोम्बोलिसिस में समय की देरी को कम करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए। तीव्र इस्केमिक स्ट्रोक का सबसे प्रभावी उपचार होने के बावजूद, दुनिया भर में थ्रंबोलाइसिस की दर सभी स्ट्रोक का मुश्किल से 1-3% है।

डॉ ऋत्विज ने बताया कि स्ट्रोक क्लिनिक निदान, उपचार, जीवन शैली में मदद करके स्ट्रोक वाले सभी रोगियों का व्यापक, बहु-विषयक और किफायती प्रबंधन प्रदान करेगा। 

स्ट्रोक क्लिनिक का उद्घाटन डॉ संजय टंडन, सचिव यूपी एपीआई और डॉ ए के पांडे, एचओडी न्यूरोलॉजी, विवेकानंद पॉलीक्लिनिक, लखनऊ ने किया। उद्घाटन समारोह में डॉ राकेश कपूर, निदेशक मेदांता, लखनऊ और अन्य वरिष्ठ चिकित्सक सहित स्वास्थ्य कर्मचारी, मरीज और उनके रिश्तेदार मौजूद थे।

कार्यक्रम में मेदांता लखनऊ के न्यूरोलॉजी विभाग के डायरेक्टर डॉ अनूप ठक्कर  ,डॉ सुधाकर पांडेय -कंसलटेंट ,डॉ प्रदीप -एसोसिएट कंसलटेंट तथा न्यूरोसर्जरी  विभाग के डायरेक्टर डॉ रवि शंकर ,एसोसिएट डायरेक्टर  डॉ प्रमोद चौरसिया ,कंसलटेंट डॉ सतीश ,कंसलटेंट न्यूरो इंटरवेंशन डॉ रोहित अग्रवाल और इमरजेंसी हेड कंसलटेंट डॉ लोकेन्द्र गुप्ता  भी इस आयोजन में सम्मलित हुए। 

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर साइकाइटरी अस्पताल जम्मू को प्रथम स्थान

सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर साइकाइटरी अस्पताल जम्मू को प्रथम स्थान

विशेष संवाददाता February 27 2023 25277

सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की रैंकिंग में साइकाइटरी अस्पताल ने पहला रैंक हासिल किया। इसके बाद डीएच

हिमाचल में कोरोना के 50 पॉजिटिव केस

हिमाचल में कोरोना के 50 पॉजिटिव केस

हे.जा.स. March 12 2023 27843

हिमाचल प्रदेश की करें तो इस समय प्रदेश में कोरोना के कुल 50 एक्टिव केस हैं। हमीरपुर में 4, कांगड़ा

केजीएमयू रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग में एमडी सीटें बढ़कर 15 हुई

केजीएमयू रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग में एमडी सीटें बढ़कर 15 हुई

रंजीव ठाकुर August 06 2022 24273

गौरतलब है कि डॉ सूर्यकान्त ने 11 साल पहले 5 अगस्त 2011 को इस विभाग के विभागाध्यक्ष के रूप में पदभार

प्राकृतिक सुंदरता पाने के लिए मौसमी फलों का सेवन करें

प्राकृतिक सुंदरता पाने के लिए मौसमी फलों का सेवन करें

सौंदर्या राय March 14 2022 38095

फलों का चेहरे पर प्रयोग करके सुंदरता पर चार चाँद लगा सकते है। स्वस्थ, सुंदर, आभामय और आकर्षक त्वचा क

कोरोना वायरस हवा में आधे घंटे तक सक्रिय और 200 फीट तक ऊपर जा सकता है: शोध

कोरोना वायरस हवा में आधे घंटे तक सक्रिय और 200 फीट तक ऊपर जा सकता है: शोध

हे.जा.स. February 19 2022 19922

अमेरिका के एनर्जी पेसेफिक नार्थवेस्ट नेशनल लेबोरेट्री की जांच रिपोर्ट के अनुसार लोग कोरोना से ऊपर से

मुजफ्फरपुर में फिर बढ़ने लगे चमकी बुखार के केस

मुजफ्फरपुर में फिर बढ़ने लगे चमकी बुखार के केस

हे.जा.स. June 10 2023 28807

चमकी बुखार में बच्चे दांत पर दांत चढ़ाए रहते हैं। बच्चे को लगातार तेज बुखार रहता है। बदन में ऐंठन हो

रमज़ान में रोज़ा रखने से शरीर प्राकृतिक रूप से शुद्ध होता है - डॉ रज़ीन महरूफ़

रमज़ान में रोज़ा रखने से शरीर प्राकृतिक रूप से शुद्ध होता है - डॉ रज़ीन महरूफ़

आयशा खातून March 06 2025 68049

डॉ. रज़ीन महरूफ़ कहते हैं कि लगातार और लंबी अवधि का उपवास वज़न घटाने का अच्छा तरीका नहीं है। डॉ. महर

खसरे से बचाव का एकमात्र उपाय टीकाकरण है: डा. पियाली भट्टाचार्य

खसरे से बचाव का एकमात्र उपाय टीकाकरण है: डा. पियाली भट्टाचार्य

हुज़ैफ़ा अबरार January 31 2023 28607

एसजीपीजीआई की वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डा. पियाली भटटाचार्या बताती हैं कि यह पैरामाइक्सो वायरस परिवार

केजीएमयू में शुरू हुई जीन सीक्वेेंसिंग की जांच, अब पुणे नहीं भेजने पड़ेगे सैंपल।

केजीएमयू में शुरू हुई जीन सीक्वेेंसिंग की जांच, अब पुणे नहीं भेजने पड़ेगे सैंपल।

हुज़ैफ़ा अबरार January 15 2021 24152

किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय केजीएमयू ने जीन सीक्वेंसिंग की जांच को शुरू करने का फैसला लिया है।

अखबार पढ़ते-पढ़ते शख्स को आया हार्ट अटैक, हुई मौत

अखबार पढ़ते-पढ़ते शख्स को आया हार्ट अटैक, हुई मौत

जीतेंद्र कुमार November 07 2022 26053

राजस्थान के बाडमेर में एक युवक की अखबार पढ़ते-पढ़ते हार्ट अटैक से मौत हो गई। वहीं बिहार के गोपालगंज

Login Panel