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लखनऊ। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत के 4 कोल्ड और कफ सिरप पर अलर्ट घोषित किया है। वहीं अब हरियाणा की फार्मास्युटिकल कंपनी के बनाए गए 4 कप सिरप को लेकर यूपी सरकार ने अलर्ट जारी कर दिया है। दरअसल, WHO ने कहा है कि ये प्रॉडक्ट मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। ये सुरक्षित नहीं हैं। खासतौर पर बच्चों में इनके इस्तेमाल से गंभीर समस्या हो सकती है। मौत का भी खतरा है।
गौरतलब है कि भारत में बने कफ सीरप से अफ्रीकी देश गाम्बिया (Gambia) में 66 बच्चों की मौत के दावे पर सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए जांच शुरू कर दी है। वहीं एफएसडीए के अनुसार ये चारों सिरप सिर्फ निर्यात के लिए हैं। प्रदेश में इनकी बिक्री नहीं होती है लेकिन एहतियात के तौर पर ड्रग इंस्पेक्टरों (drug inspectors) को जांच के निर्देश दिए गए हैं। जहां भी ये सिरप मिलेंगे, उन्हें जब्त कर लिया जाएगा। इन सिरप के मिलने पर एक तो नमूने की रिपोर्ट के आधार पर और दूसरी बिना अनुमति बिक्री करने के चलते कार्यवाही की जाएगी।
बता दें कि चारों सिरप में डायथिलीन ग्लाइकॉल और एथिलीन ग्लाइकॉल की मात्रा ठीक नहीं पाई गई है। इसके कारण पेट दर्द, पेशाब न आने, किडनी की समस्या, मानसिक स्थिति सही न रहने जैसी कई अन्य समस्याएं होती हैं।
इससे पहले, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मेडिकल अलर्ट जारी किया, जिसमें हरियाणा के सोनीपत में मेडेन फार्मास्यूटिकल की ओर से बनाए गए। इन चार उत्पादों प्रोमेथाज़िन ओरल सॉल्यूशन, कोफ़ेक्समालिन बेबी कफ सिरप, मैकॉफ़ बेबी कफ सिरप और मैग्रीप एन कोल्ड सिरप को बेहद खराब मेडिकल प्रोडक्ट बताया गया।







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