












































प्रतीकात्मक
मेडिकल लैब टेक्नीशियन डॉक्टर्स द्वारा लिखी गयी जाँच का टेस्ट करते है, लैबरेटरी में नमूनों की जांच और विश्लेषण में काम आने वाला घोल भी लैब टेक्नीशियन ही बनाते हैं | एक लैब टेक्नीशियन को मेडिकल साइंस के साथ-साथ लैब सुरक्षा नियमों और आवश्यकताओं के बारे में पूरी जानकारी दी जाती है |
अस्पतालों और प्रयोगशालाओं में जितनी अहम भूमिका एक डॉक्टर निभाते हैं, उसी तरह की भूमिका एक लैब टेक्नीशियन की भी होती है। वह डॉक्टरों के लिए एक सहायक की तरह कार्य करते है, जो किसी भी बीमारी के जांच के समय उनकी सहायता करते हैं।
मुख्य रूप से किसी भी लैब में एक लैब टेक्नीशियन का मुख्य कार्य नमूना लेने, परीक्षण, रिकॉर्ड रखना, निष्कर्ष प्रस्तुत करना और चिकित्सा जांच का दस्तावेजीकरण करने के अलावा प्रयोगशाला के उपकरणों की देखरेख और उसकी सफाई करनी होती है।
मेडिकल लैब टेक्नीशियन योग्यता (Medical Lab Technician Eligibility):
भारत के अनेक संस्थानों में क्लीनिकल/मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नीशियन के लिए डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट के रूप में यह कोर्स संचालित हो रहे हैं। सर्टिफिकेट कोर्स 6 माह की अवधि का है, जिसे आप 10वीं के बाद कर सकते हैं, जबकि डिप्लोमा इन मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी जैसे कोर्स के लिए 12वीं पास होना जरूरी है।
लेकिन यदि आप बीएससी इन एमएलटी का अंडरग्रेजुएट कोर्स करना चाहते हैं, तो इसके लिए 12वीं फिजिक्स, केमिस्ट्री व बायोलॉजी विषयों के साथ उत्तीर्ण होना आवश्यक है। यह तीन वर्ष की अवधि का कोर्स है।
मेडिकल लैब टेक्नीशियन कोर्स के प्रकार (Medical Lab Technician Course):
भारत में मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी के लिए तीन प्रकार के कोर्स किये जाते है
1.सर्टिफिकेट कोर्स (Certificate Course)
सर्टिफिकेट इन मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी (C.M.L.T.) यह छ: महीने का कोर्स है, इसमें प्रवेश प्राप्त करने के लिए योग्यता है 10 वी पास है |
2.डिप्लोमा कोर्स (Diploma Course)
डिप्लोमा इन मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी (D.M.L.T.)
इस कोर्स में प्रवेश प्राप्त करने के लिए योग्यता इंटरमीडियट है, तथा इस कोर्स की समय अवधि है दो वर्ष निर्धारित | इस कोर्स को करनें के लिए इंटरमीडियट में PCB अथवा PCM विषय होने अवशयक है |
3.डिग्री कोर्स (Degree Course)
बी. एस.सी. इन मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी (B.Sc. MLT)
इस कोर्स में प्रवेश के लिए आपको इंटरमीडियट विज्ञान विषयों के साथ उत्तीर्ण करना अनिवार्य है | इस कोर्स की समां अवधि तीन वर्ष है |
4.एमएससी इन मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट प्रोग्राम
एमएससी इन मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट प्रोग्राम में एडमिशन लेने के लिए आपके पास पहले हाई स्कूल डिप्लोमा होना चाहिए ,इसके बाद 2 साल का एसोसिएट प्रोग्राम करना होगा है | यह प्रोग्राम कम्युनिटी कॉलेज , टेक्निकल स्कूल ,वोकेशनल स्कूल या विश्वविद्यालय द्वारा कराया जाता है | इसमें प्रवेश के लिए प्रवेश प्रक्रिया कॉलेज या विश्वविद्यालय द्वारा तय की जाती है | अच्छे कॉलेज में प्रवेश परीक्षा का आयोजन कराया जाता है तथा अन्य कॉलेज में सामान्यत: बिना प्रवेश परीक्षा के मेरिट के आधार पर ही चयन कर लिया जाता है ।
लैब टेक्नीशियन बननें हेतु चयन प्रक्रिया ( Medical Lab Technician Selection Process):
विभिन्न संस्थानों द्वारा अक्सर हीं लैब टेक्नीशियन के पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किये जाते हैं| जिसके लिए मुख्य रूप से कैंडिडेट की पात्रता किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से विज्ञान में 12वीं के अलावा मेडिकल लैब टेक्नोलोजी में डिप्लोमा (डीएमएलटी) अनिवार्य रूप से माँगा जाता है| अभ्यर्थियों का चयन आमतौर पर शैक्षणिक तथा तकनीक योग्यता एवं संस्थानों के निजी पात्रता मानदंडों के आधार पर किया जाता है|
मेडिकल लैब टेक्नीशियन क्षेत्र में करियर (Medical Lab Technician Career):
मेडिकल लैब टेक्नीशियन का कोर्स करने के बाद सरकारी और निजी अस्पताल, क्लीनिक, चिकित्सा रोग विज्ञान प्रयोगशालाओं, अनुसंधान प्रयोगशालाओं या ब्लड बैंक जैसे स्थानों पर जॉब्स मिल सकती है। दुनिया के अन्य देशों में भी ऐसे स्किल्ड प्रोफेशनल्स की काफी मांग है। कुछ वर्षों का अनुभव हो जाने पर बतौर रिसर्चर और कंसल्टेंट खुद का लैब भी खोल सकते हैं।
मेडिकल लैब टेक्नीशियन सैलरी (Medical Lab Technician Salary):
किसी भी लैब टेक्नीशियन को शुरुआत में 15 से 20 हजार रुपये की सैलरी आसानी से मिल जाती है। इसके बाद एक पैथोलोजिस्ट के रूप में आपको तीस से चालीस हजार रूपये तक सैलरी आसानी से मिल जाती है | योग्यता और अनुभव के आधार पर इनके वेतन में बढ़ोत्तरी होती रहती है|
प्रमुख शिक्षण संस्थान (Premier Educational Institute)
1.इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ पारा मेडिकल साइंसेज, लखनऊ
2.डिपार्टमेंट ऑफ पैथॉलजी, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, अलीगढ़
3.शिवालिक इंस्टिट्यूट ऑफ पारामेडिकल टेक्नॉलजी, चंडीगढ़
5.इंस्टिट्यूट ऑफ पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, कोलकाता
6.तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद
7.राममूर्ति मेडिकल कॉलेज, बरेली
8.रूहेलखंड मेडिकल कॉलेज, बरेली







हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 1288
विशेष संवाददाता October 21 2026 0 1190
हुज़ैफ़ा अबरार October 18 2026 0 1162
हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 763
हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 679
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 6657
हुज़ैफ़ा अबरार October 08 2026 0 1526
हुज़ैफ़ा अबरार October 13 2026 0 1512
हुज़ैफ़ा अबरार October 14 2026 0 1456
हुज़ैफ़ा अबरार October 06 2026 0 1393
हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 1288
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 1260
विशेष संवाददाता October 21 2026 0 1190
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 10283
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 6657
एस. के. राणा February 01 2026 0 6559
एस. के. राणा January 20 2026 0 6321
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5908
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5782
एस. के. राणा January 13 2026 0 5334
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87666
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35925
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38839
सौंदर्या राय April 05 2022 0 36330
लेख विभाग March 19 2022 0 35910
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73904
वित्तीय वर्ष 2020-21 की पहली छमाही में पिछले वर्ष 15.63 अरब डॉलर की तुलना में 18.07 अरब डॉलर का दवा
मेदांता अस्पताल के मेडिकल निदेशक डॉ. राकेश कपूर ने बताया कि अस्पताल के सुरक्षाकर्मी, सफाई कर्मी समेत
देश के कई राज्यों में गरम हवाओं की दस्तक हो चुकी है। मौसम विभाग ने लू से बचने के लिए अलर्ट भी जारी क
मेरठ मेडिकल कालेज के विषाणु वैज्ञानिक डॉक्टर अमित गर्ग ने कोरोना की चौथी लहर को लेकर स्थिति साफ़ की ह
दही वैसे खुद ही बहुत गुणों से भरपूर है। आपके फ्रिज से लेकर किचन में ऐसी कई चीजें मौजूद हैं जो मिनटों
हाइट हाउस ने बयान में कहा, 21वें ‘सर्जन जनरल’के पद पर रहते हुए डॉ. मूर्ति ने स्वास्थ्य संबंधी गलत सू
राजधानी में स्थित एम्स ने सांसदों के लिए उपचार सुविधाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए जारी की मानक संचा
संचारी रोग व दिमागी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण तथा त्वरित एवं सही उपचार सरकार की प्राथमिकता में है |
दो महीने से अधिक समय से दवा की देशव्यापी कमी के साथ, विशेषज्ञों ने कहा कि पॉसकोनाज़ोल के उपयोग पर सल
इस सुविधा के शुरू हो जाने से अब उत्तर प्रदेश और इसके सीमावर्ती पड़ोसी राज्यों के बाल रोगियों के इलाज

COMMENTS