देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

सीओपीडी के निदान के लिए स्पाईरोमीट्री जरूरी: डॉ बी पी सिंह

सीओपीडी रोग धीरे-धीरे बढ़ता है, जिस वजह से मरीज अपनी बीमारी को पहचान नहीं पाते और समय पर मेडिकल परामर्ष प्राप्त नहीं कर पाते हैं। सीओपीडी के भार को कम करने के लिए इसका समय पर निदान होना जरूरी है, जिसके अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

हुज़ैफ़ा अबरार
November 19 2022 Updated: November 23 2022 13:37
0 33276

लखनऊ। विश्व क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी रोग दिवस फेफड़ों की इस लंबी बीमारी के बारे में जागरुकता बढ़ाने के लिए नवंबर में इसका आयोजन किया जाता है। यह रोग मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण है और भारत में होने वाली लगभग 9.5 प्रतिशत मौतें इस रोग के कारण होती है।

क्रोनिक इन्फ्लेमेटरी लंग डिसऑर्डर समूह की बीमारियों को सीओपीडी शब्द से परिभाषित किया जाता है। यह जानकारी देते हुए डॉ बीपी सिंह रेस्पिरेटरी क्रिटिकल केयर एंड स्पेशलिस्ट फॉर स्लीप मेडिसिन लखनऊ ने कहा इस रोग में फेफड़ों को क्षति होती है और फेफड़ों में हवा का प्रवाह अवरुद्ध हो जाता है।

सीओपीडी (COPD) रोग धीरे-धीरे बढ़ता है, जिस वजह से मरीज अपनी बीमारी को पहचान नहीं पाते और समय पर मेडिकल परामर्ष प्राप्त नहीं कर पाते हैं। सीओपीडी के भार को कम करने के लिए इसका समय पर निदान होना जरूरी है, जिसके अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

उन्होने बताया सीओपीडी आम तौर से लंबे समय तक हानिकारक कणों या गैसों जैसे सिगरेट के धुएं, चूल्हे के धुएं और प्रदूषक तत्वों (cigarette smoke, stove fumes and pollutants) आदि के संपर्क में रहने के कारण होता है। इस स्थिति में मरीजों को सांस फूलने, खांसी, बलगम बनने, खराश होने और छाती में जकडऩ का अनुभव होता है। इन मरीजों में सीओपीडी के निदान के लिए लंग फं क्शन टेस्ट किया जाता है जिसे स्पाईरोमीट्री कहा जाता है। स्पाईरोमीट्री सीओपीडी 2 के लिए एक गोल्ड स्टैंडर्ड डायग्नोस्टिक टेस्ट है और इसमें व्यक्ति द्वारा सांस के साथ खींची और छोड़ी जाने वाली हवा की मात्रा को मापा जाता है।

स्पाईरोमीट्री (Spirometry) का उपयोग बहुत कम हो रहा है, खासकर प्राथमिक या इलाज के पहले बिंदु पर स्थित फिजि़शियन बीमारी 2 के प्रारंभिक चरणों में इसका उपयोग नहीं करते। इसका मुख्य कारण स्पाईरोमीटर्स (spirometers) की कम उपलब्धता और इस क्षेत्र में इनोवेशन की कमी है।

स्पाईरोमीट्री टेस्ट के महत्व के बारे में डॉ बी पी सिंह ने कहा क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिज़ीज़ (Chronic Obstructive Pulmonary Disease) सीओपीडी में सांस लेने में लगातार दिक्कत होती है और फेफड़ों में हवा का प्रवाह सीमित हो जाता है। सीओपीडी के धीरे-धीरे बढऩे वाली बीमारी (slowly progressing disease) होने के कारण इसके शुरुआती लक्षण अक्सर नजरंदाज हो जाते हैं और लक्षण सामने आने तक यह बीमारी काफी गंभीर रूप ले चुकी होती है।

सीओपीडी के निदान के लिए चिकित्सकों द्वारा अक्सर मरीज के इतिहास और क्लिनिकल परीक्षण पर भरोसा किया जाता है।  जिसमें बीमारी के शुरुआती संकेतों को चूक जाने की संभावना होती है। इसलिए इस बीमारी के शुरुआती लक्षणों का अनुभव करने वाले मरीजों के लिए इलाज के पहले चरण में स्पाईरोमीटर परीक्षण (spirometer testing) के उपयोग द्वारा निदान का मानकीकरण शीघ निदान और उपचार सुनिश्चित करने  के लिये महत्वपूर्ण है।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

झाड़ियों में पड़ा मिला नवजात शिशु, सीएचसी में कराया गया भर्ती

झाड़ियों में पड़ा मिला नवजात शिशु, सीएचसी में कराया गया भर्ती

विशेष संवाददाता September 04 2022 79362

पाली जिले में एक बार फिर ममता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। झाड़ियों में नवजात शिशु पड़ा मि

ज़रूरतमंदों को समय से दवा मिले यही है मेरा सम्मान- औषधि आयुक्त

ज़रूरतमंदों को समय से दवा मिले यही है मेरा सम्मान- औषधि आयुक्त

February 19 2021 26043

कोरोना काल मे झाँसी मंडल के अंतर्गत झाँसी, जालौन, ललितपुर ज़िलों में बेहतरीन कार्य करनेके कारण उनको श

होली के त्योहार पर अस्पतालों में बंद रहेगी ओपीडी, इमरजेंसी सेवाएं रहेगी जारी

होली के त्योहार पर अस्पतालों में बंद रहेगी ओपीडी, इमरजेंसी सेवाएं रहेगी जारी

आरती तिवारी March 08 2023 35560

होली के मद्देनजर पीजीआई, केजीएमयू और लोहिया संस्थान समेत सभी सरकारी अस्पतालों की ओपीडी बुधवार को बंद

कोरोनारोधी टीका लगवाने में किशोरों और युवाओं ने दिखाया जोश

कोरोनारोधी टीका लगवाने में किशोरों और युवाओं ने दिखाया जोश

हुज़ैफ़ा अबरार January 19 2022 27661

प्रदेश में 18 वर्ष से अधिक उम्र के 94.54 प्रतिशत लोगों ने टीके की पहली डोज लगवा ली है। 15-17 आयु वर्

सोशल मीडिया का जरूरत से ज्‍यादा इस्‍तेमाल कैंसर और कार्डियोवैस्कुलर रोगों कारण बन सकता है: शोध

सोशल मीडिया का जरूरत से ज्‍यादा इस्‍तेमाल कैंसर और कार्डियोवैस्कुलर रोगों कारण बन सकता है: शोध

लेख विभाग February 07 2022 32120

सोशल मीडिया के जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल से होने वाले खतरों को लेकर दुनियाभर के वैज्ञानिक आगाह कर रहे

आईसीएमआर के वैज्ञानिकों ने गर्भवती महिला और नवजात शिशुओं पर संक्रमण प्रभाव के बारे में जानने के लिए अध्ययन शुरू किया

आईसीएमआर के वैज्ञानिकों ने गर्भवती महिला और नवजात शिशुओं पर संक्रमण प्रभाव के बारे में जानने के लिए अध्ययन शुरू किया

एस. के. राणा March 29 2022 41667

गर्भवती महिला और नवजात शिशुओं में कोरोना संक्रमण के जोखिम को लेकर अब तक कई वैज्ञानिक दस्तावेज सामने

देश में थम नहीं रहे कोरोना संक्रमण के मामले।

देश में थम नहीं रहे कोरोना संक्रमण के मामले।

रंजीव ठाकुर March 16 2021 29818

नए मामलों में वृद्धि के चलते सक्रिय मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। इस समय सक्रिय मामलों की संख्या 2,1

सायप्रस में दिखा ओमिक्रोन और डेल्टा वैरिएंट का रिश्तेदार

सायप्रस में दिखा ओमिक्रोन और डेल्टा वैरिएंट का रिश्तेदार 'डेल्टाक्रोन'

हे.जा.स. January 10 2022 32143

इस वैरिएंट का डेल्टा वैरिएंट के समान जेनेटिक बैकग्राउंड है। साथ ही ओमिक्रोन से कुछ म्यूटेशन भी हैं।

जानिये पार्किसन रोग के कारण और इसके लक्षण।

जानिये पार्किसन रोग के कारण और इसके लक्षण।

लेख विभाग November 26 2021 33416

यदि किसी व्यक्ति की कार्य क्षमता अचानक से कम हो गई है, तो उसे इसकी सूचना अपने डॉक्टर को दी चाहिए क्य

यूक्रेन से लौटे मेडिकल स्टूडेंट्स को मिली बड़ी राहत

यूक्रेन से लौटे मेडिकल स्टूडेंट्स को मिली बड़ी राहत

विशेष संवाददाता September 08 2022 27843

NMC ने यूक्रेन के एकेडमिक मोबिलिटी प्रोग्राम को मान्यता दे दी है। इसके तहत ऐसे छात्रों को अपना बचा

Login Panel