












































प्रतीकात्मक चित्र
लखनऊ। विगत एक माह से उत्तर प्रदेश एक रहस्यमयी बुखार के संकट से जूझ रहा है। ये बुखार इतना वायरल है कि शायद ही उत्तर प्रदेश का कोई ऐसा घर हो जिसमें एक रोगी पीड़ित न निकले। लोग इससे जूझ रहे हैं, ठीक भी हो रहे और कुछ रोग की अज्ञानता में कोलैप्स भी कर जा रहे हैं। इस वक्त उत्तर प्रदेश एक अघोषित पेन्डेमिक से गुज़र रहा है।
इस बुखार का रहस्य ये है कि सारे लक्षण डेंगू, चिकनगुनिया व मलेरिया से मिलते जुलते हैं पर जब टेस्ट कराइये तो सब निगेटिव आता है, क्योंकि बीमारी के लक्षण भले ही मिलते हों पर बीमारी अलग है।
विडंबना ये है कि बहुत से डॉक्टर भी वायरल मान कर उसका ट्रीटमेंट दे रहे हैं या डेंगू का ट्रीटमेंट दे रहे हैं। उनको भी रोग के विषय में पूरी जानकारी नहीं मालूम। डाक्टर्स ने इस नयी बीमारी का नाम बताया "स्क्रब टायफ़स" बताया है। इस बीमारी के विषय में रिसर्च के आधार पर इससे सावधान रहना चाहिए।
स्क्रब टायफ़स के संक्रमण का कारण - Causes of scrub typhus infection
स्क्रब टायफ़स के लक्षण - Symptoms of scrub typhus
इसके लक्षण डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया सभी के मिले जुले लक्षण हैं -
खतरा - Hazard
समय पर पहचान व उपचार न मिलने पर
मृत्युदर - Death rate
सही इलाज न मिलने पर 30 से 35 प्रतिशत की मृत्युदर तथा 53 प्रतिशत केस में मल्टी ऑर्गन डिसफंक्शनल सिंड्रोम की पूरी सम्भावना है।
कैसे पता लगाएं - How to find
Scrub antibody - Igm Elisa नामक ब्लड टेस्ट से इस रोग का पता लगता है. (सब डेंगू NS1 टेस्ट करवाते हैं और वो निगेटिव आता है।)
निदान - Diagnosis
जिस प्रकार डेंगू का कोई स्पेसिफिक ट्रीटमेंट नहीं है वैसे ही स्क्रब टायफ़स का भी अपना कोई इलाज नहीं है -
बचाव - Rescue
नोट:-







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