











































प्रतीकात्मक चित्र
आपकी जीभ का रंग आपकी सेहत के बारे में बहुत कुछ बताता है। यहां तक कि जीभ के रंग में थोड़ा-सा भी बदलाव भी बहुत कुछ कहता है। आपकी जीभ के रंग के लिए बहुत से कारक जिम्मेदार हैं। कुछ दवाएं भी आपकी जीभ का रंग कुछ समय के लिए बदल देती हैं लेकिन ये काफी कम समय के लिए होता है। जब भी आप ब्रश करते हैं और जीभ साफ करते हैं उस समय अपनी जीभ का रंग जरूर देखें।
जीभ का रंग बदलने के पीछे कई वजह हो सकती हैं। हमारी ज़बान हमेशा गुलाबी नहीं रहती। जब भी आप किसी बीमारी से जूझ रहे होते हैं, तो आपकी ज़बान का रंग भी बदल जाता है। अगर आपकी जीभ का रंग ज़्यादा दिनों तक बदला हुआ रहता है, तो आपको इसके बारे में चिंता करने की ज़रूरत है।
सफेद जीभ -
अगर आपकी जीभ का रंग सफेद है इसका मतलब यह है कि आपकी बॉडी डिहाइड्रेटेड है और ओरल हाइजिन काफी खराब स्थिति में है। लेकिन अगर ये कोटिंग कॉटेज चीज की लेयर की तरह दिखती है तो इसका मतलब आपको लिकोप्लेकिया हो सकता है, जो कि स्मोकिंग की वजह से होता है। इसके अलावा सफेद जीभ फ्लू की वजह से भी होती है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से जरूर सलाह लें।
बैंगनी -
अगर आपकी जीभ बैंगनी रंग की है तो इसका मतलब आपके शरीर में रक्त का संचार सही तरीके से नहीं हो रहा है। फेफड़ों या दिल से संबंधित कई तरह की समस्याओं के कारण रक्त परिसंचरण खराब हो सकता है। अगर आप दिल की किसी बीमारी से जूझ रहे हैं, तो आप लंबे समय तक बैंगनी रंग की जीभ देखेंगे।
जीभ में पीलापन -
पीली जीभ का मतलब हो सकता है कि आप पेट से संबंधित किसी समस्या से जूझ रहे हैं। अगर आप पाचन या गैस की समस्या से जूझते हैं, तो आपकी ज़बान का रंग पीला पड़ सकता है। यूएस नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित अध्ययन में यह भी दावा किया गया है कि पीली जीभ टाइप 2 मधुमेह का संकेत हो सकती है। इसके अलावा पीली ज़बान जॉनडिस या फिर खराब ओरल हेल्थ का लक्षण भी हो सकती है।
लाल रंग की जीभ -
गहरे लाल रंग की जीभ अक्सर सूजी हुई और उभरी हुई नज़र आएगी, जिसे मेडिकल भाषा में 'स्ट्रॉबेरी टंग' भी कहा जाता है। यह अक्सर रक्त विकार या हृदय के मुद्दों की ओर इशारा करती है। इसके अलावा यह विटामिन-बी की कमी या फिर स्कार्लेट बुखार का संकेत भी हो सकती है।







हुज़ैफ़ा अबरार June 01 2026 0 672
हुज़ैफ़ा अबरार May 31 2026 0 196
हुज़ैफ़ा अबरार May 31 2026 0 0
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4011
एस. के. राणा January 20 2026 0 3906
एस. के. राणा January 13 2026 0 3892
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 3892
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3577
एस. के. राणा February 01 2026 0 3255
एस. के. राणा February 04 2026 0 3122
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86406
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34126
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37278
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35007
लेख विभाग March 19 2022 0 34489
सौंदर्या राय March 16 2022 0 71790
मरीज को रविवार को केजीएमयू से छुटटी दे दी गई। रोगी थकान, भूख न लगना और बाद में पीलिया और रक्तस्राव क
फाइबर खाद्य पदार्थों में पाया जाने वाला न पचने वाला कार्बोहाइड्रेट होता है। इसे घुलनशीलता के आधार पर
देश में अब भी 2,71,282 मरीज इलाज करा रहे हैं जो संक्रमण के कुल मामलों का 2.36 प्रतिशत है जबकि इस बीम
रक्तदान बहुत जरूरी है अगर कोई रक्तदान करता है तो एक आदमी के रक्तदान करने से तीन लोगों का जीवन बचाया
अभी तक देश के लगभग सभी एम्स अपने सामान्य नाम से जाने जाते थे लेकिन अब जल्द ही देशभर के 23 अखिल भारती
उद्घाटन पर रविशंकर ने कहा यह बहुत आवश्यक समाधान है जिसे कई वैज्ञानिकों के सहयोग से विकसित किया गया ह
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने 31 मार्च को अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान डिप्टी सीएम को खराब
कालाजार से प्रभावित जनपदों के वेक्टर जनित रोग कार्यक्रम अधिकारियों को इससे सम्बंधित महत्वपूर्ण बिन्द
कैंसर के इलाज को सुदृढ़ बनाने के बारे में गुणवत्तापूर्ण अध्ययन किया जाएगा। अध्ययन के परिणाम कैंसर के
दोमुंहे बाल हमारे बालों की ख़ूबसूरती बिगाड़ देते हैं। दोमुंहे बालों के कारण बाल झड़ना, बालों का रूखापन

COMMENTS