देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

वायु प्रदूषण से बचने को मास्क, भाप व प्राणायाम जरूरी : डॉ. सूर्यकान्त

सेहत का खास ख्याल रखने के साथ ही बाहर निकलने पर मास्क का इस्तेमाल पहले से भी ज्यादा जरूरी हो गया है। इसके अलावा नियमित भाप लेना, प्राणायाम व योग सांस की तकलीफ को दूर करने में सहायक सिद्ध हो सकते हैं ।

हुज़ैफ़ा अबरार
November 10 2021 Updated: November 11 2021 01:50
0 26965
वायु प्रदूषण से बचने को मास्क, भाप व प्राणायाम जरूरी : डॉ. सूर्यकान्त प्रतीकात्मक

लखनऊ। तापमान में गिरावट के साथ ही दीपावली में पटाखों के इस्तेमाल के कारण प्रदेश के अधिकतर जिले इस वक्त खतरनाक वायु प्रदूषण की गिरफ्त में हैं । ऐसे में सांस की तकलीफ के मरीजों की तादाद एकाएक बढ़ गयी है । अस्पतालों की ओपीडी में भी इस समस्या का सामना कर रहे लोग बड़ी संख्या में पहुँच रहे हैं । इसलिए इस वक्त सेहत का खास ख्याल रखने के साथ ही बाहर निकलने पर मास्क का इस्तेमाल पहले से भी ज्यादा जरूरी हो गया है। इसके अलावा नियमित भाप लेना, प्राणायाम व योग सांस की तकलीफ को दूर करने में सहायक सिद्ध हो सकते हैं । यह कहना है किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. सूर्यकान्त का । 

डॉ. सूर्यकान्त का कहना है कि वायु प्रदूषण का असर फेफड़ों को ही नहीं बल्कि शरीर के अन्य हिस्सों को भी प्रभावित करता है । गिरते तापमान व धुंध (smog) के चलते धूल के कण ऊपर नहीं जा पाते और नीचे ही वायरस (virus) व बैक्टीरिया (bacteria) के संवाहक का कार्य करते हैं, ऐसे में अगर बिना मास्क (mask) लगाए बाहर निकलते हैं तो वायरस व बैक्टीरिया साँसों के जरिये शरीर में प्रवेश करने का मौका पा जाते हैं । 

वायु प्रदूषण में पार्टिकुलेट मैटर (particulate matter) 2.5 माइक्रान (micron) यानि बहुत ही महीन धूल कण ज्यादा नुकसानदायक साबित हो सकते हैं क्योंकि वह सांस मार्ग से फेफड़ों तक पहुँच सकते हैं जबकि 10 माइक्रान तक वाले धूल कण गले तक ही रह जाते हैं जो गले में खराश और बलगम पैदा करते हैं । वायु प्रदूषण (air pollution) के कारण सांस मार्ग में सूजन की समस्या पैदा होती है और सूजन युक्त सांस मार्ग कई बीमारियों को आमन्त्रण देता है । इसलिए घर से बाहर निकलने पर मास्क से मुंह व नाक को अच्छी तरह से ढककर वायरस व बैक्टीरिया से जुड़ी बीमारियों जैसे- कोरोना (corona), टीबी(TB) व निमोनिया (pneumonia) ही नहीं बल्कि एलर्जी (allergy), अस्थमा (asthama) व वायु प्रदूषण जनित तमाम बीमारियों से भी सुरक्षित रह सकते हैं । इस समय बढ़ता प्रदूषण व सर्दी इन बीमारियों को और भी गंभीर बना सकता है, ऐसे में अभी किसी भी तरह की ढिलाई बरतना खुद के साथ दूसरों को भी मुश्किल में डालने वाला साबित हो सकता है । 

इन बातों का रखें ख्याल :

- सांस के रोगी जहां तक हो सके घर के अन्दर ही रहें, पानी व पेय पदार्थो का भरपूर सेवन करें तथा भाप लें । 
- बाहर निकलने पर मास्क से नाक व मुंह को अच्छी तरह ढककर रखें, जहां वायु में प्रदूषकों का घनत्व ज्यादा हो वहां तो मास्क का प्रयोग बहुत ही जरूरी है । 
- दमा के रोगी अपनी दवाएं नियमित रूप से लेते रहें और जरूरत पड़ने पर तुरन्त चिकित्सक से सलाह लें । 

कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर :

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश के कोविड टीकाकरण के ब्रांड एम्बेसडर डॉ. सूर्यकान्त का कहना है कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर आज एक ज्वलन्त मुद्दा बना हुआ है । यह हम सभी पर निर्भर करता है कि कोरोना की तीसरी लहर आयेगी या नहीं आयेगी, दरवाजा खटखटायेगी और दूसरे दरवाजे से वापस चली जायेगी । हम तीन तरीकों से कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर से खुद के साथ समुदाय को सुरक्षित बना सकते हैं । 
- बायोलाजिकल वैक्सीन (biological vaccine) : देश ने बहुत कम समय में 100 करोड़ टीकाकरण की गौरवशाली उपलब्धि हासिल कर ली है, जो कि गर्व की बात है लेकिन हर्ड इम्यूनिटी प्राप्त करने के लिए लगभग 188 करोड़ डोज लगना बहुत जरूरी है । अतः अपनी बारी आने पर वैक्सीन जरूर लगवायें ।
- सोशल वैक्सीन (social vaccine) : टीकाकरण के बाद भी कोविड प्रोटोकाल (मास्क, उचित दूरी, हाथों की स्वच्छता) का पालन करें 
- इम्यूनिटी वैक्सीन (Immunity vaccine) : ताजा और स्वास्थ्यवर्धक भोजन करें

क्या कहते हैं आंकड़े :

डॉ. सूर्यकांत का कहना है कि स्टेट ऑफ़ ग्लोबल एयर/2020 की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में भारत के छह शहर शामिल हैं । उनका कहना है कि देश में वायु प्रदूषण से हर साल होने वाली मौतों का आंकड़ा भी 12 लाख से बढ़कर 16 लाख पर पहुँच गया है । ऐसे में हमें वातावरण को प्रदूषित होने से बचाने के बारे में भी गंभीरता से सोचने की जरूरत है ।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

क्लीनिकल ट्रायल में कैंसर की दवा का शत प्रतिशत परिणाम 

क्लीनिकल ट्रायल में कैंसर की दवा का शत प्रतिशत परिणाम 

हे.जा.स. June 10 2022 57035

क्लीनिकल ट्रायल के तौर पर रेक्टल कैंसर के 18 मरीजों पर यह प्रयोग किया गया था। इन मरीजों को 6 महीने त

नागपुर: अस्पताल की लापरवाही के चलते थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे एचआईवी और हेपेटाइटिस बी के शिकार, एक की मौत 

नागपुर: अस्पताल की लापरवाही के चलते थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे एचआईवी और हेपेटाइटिस बी के शिकार, एक की मौत 

विशेष संवाददाता May 30 2022 45948

छह बच्चों का इलाज थैलेसीमिया के लिए किया जा रहा था, जिसमें खून चढ़ाने के लिए पहले न्यूक्लिक एसिड टेस

एसजीपीजीआई में रोबोटिक सर्जरी की मांग बढ़ी, 100 मरीज प्रतीक्षा सूची में

एसजीपीजीआई में रोबोटिक सर्जरी की मांग बढ़ी, 100 मरीज प्रतीक्षा सूची में

हुज़ैफ़ा अबरार February 11 2022 109186

पीजीआई निदेशक डॉ. आरके धीमन का कहना है कि संस्थान में रोबोटिक सर्जरी की मांग बढ़ गई है। एक रोबोट से ऑ

श्रावस्ती में निःशुल्क विशाल स्वास्थ्य मेले का आयोजन

श्रावस्ती में निःशुल्क विशाल स्वास्थ्य मेले का आयोजन

विशेष संवाददाता February 27 2023 30200

राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने भारत माता की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर स्वास्थ्य मेले का शुभारंभ

 प्रदेश में नवजात मृत्यु दर कम करने की तैयारी बन रही दूसरे राज्य के बच्चों के लिए संजीवनी

प्रदेश में नवजात मृत्यु दर कम करने की तैयारी बन रही दूसरे राज्य के बच्चों के लिए संजीवनी

हुज़ैफ़ा अबरार May 04 2026 3199

उत्तर प्रदेश में नवजात मृत्यु दर (आईएमआर) को और कम करने के लिए अपग्रेड की जा रही स्वास्थ्य इकाइयों क

लखनऊ का तीसरा बड़ा अस्पताल बना लोकबंधु, 6 लाख मरीजों को मिलेगी राहत 

लखनऊ का तीसरा बड़ा अस्पताल बना लोकबंधु, 6 लाख मरीजों को मिलेगी राहत 

हुज़ैफ़ा अबरार March 23 2022 43815

डॉक्टर अजय शंकर त्रिपाठी बताते हैं कि अस्पताल में गर्भवती महिलाओं और नवजात के लिए अलग अलग वार्ड और ऑ

दावा: चीन में मौत की सजा देने से पहले ही  कैदियों के दिल और अहम अंग निकाल लिए जातें हैं

दावा: चीन में मौत की सजा देने से पहले ही कैदियों के दिल और अहम अंग निकाल लिए जातें हैं

हे.जा.स. April 08 2022 37357

अमेरिकन जर्नल ऑफ ट्रांसप्लांटेशन में छपी ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी की रिसर्च में इशारा किया गया

यूपी के मेडिकल कालेजज़ में डॉक्टर्स की लापरवाही और पढ़ाई होगी कैमरों में कैद

यूपी के मेडिकल कालेजज़ में डॉक्टर्स की लापरवाही और पढ़ाई होगी कैमरों में कैद

रंजीव ठाकुर August 01 2022 32034

यूपी के सभी मेडिकल कालेजज़ में डॉक्टर्स का दुर्व्यवहार अब कैमरों में कैद किया जाएगा जिसके लिए राष्ट्र

सीआरसी, लखनऊ द्वारा आयोजित हुआ कोविड बूस्टर डोज टीकाकरण कार्यक्रम

सीआरसी, लखनऊ द्वारा आयोजित हुआ कोविड बूस्टर डोज टीकाकरण कार्यक्रम

रंजीव ठाकुर July 26 2022 35474

समेकित क्षेत्रीय कौशल विकास पुनर्वास एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण केन्द्र (सीआरसी), लखनऊ द्वारा आज बूस्ट

वेटरनरी मोबाइल वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया गया रवाना, बीमार पशुओं का किया जाएगा इलाज

विशेष संवाददाता March 26 2023 26456

रायबरेली जिला अधिकारी ने गोवंशों के स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए वेटरनरी मोबाइल वाहनों को हरी झंडी दिखाक

Login Panel