देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

अंतर्राष्ट्रीय

कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए खाने वाली गोलियां वैक्सीन का विकल्प नहीं: विशेषज्ञ

शुरुआती परीक्षणों में देखा गया है कि इन गोलियों को खाने से कोरोना संक्रमण के गंभीर लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। लेकिन इनसे संक्रमण से पूरा बचाव नहीं होता।

हे.जा.स.
November 11 2021 Updated: November 11 2021 01:03
0 27983
कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए खाने वाली गोलियां वैक्सीन का विकल्प नहीं: विशेषज्ञ प्रतीकात्मक

वाशिंगटन। मर्क एंड कॉ. और फाइजर-बायोएनटेक कंपनियों ने कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए खाने वाली गोलियां बनाई हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ये टैबलेट वैक्सीन का विकल्प नहीं हैं। शुरुआती परीक्षणों में देखा गया है कि इन गोलियों को खाने से कोरोना संक्रमण के गंभीर लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। लेकिन इनसे संक्रमण से पूरा बचाव नहीं होता।

टीकाकरण में आ सकती है रुकावट
कुछ विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि इन गोलियों के आने की वजह से टीकाकरण अभियान में बाधा पड़ सकती है। इस बारे में सिटी यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूयॉर्क ने न्यूयॉर्क के तीन हजार लोगों के बीच एक सर्वे किया। इस अध्ययन की अगुआई करने वाले विशेषज्ञ स्कॉट रैट्जेन ने कहा- ‘इस सर्वे से जाहिर हुआ कि गोलियों की वजह से टीकाकरण को आगे बढ़ाने में रुकावट आ सकती है।’ सर्वे के दौरान लगभग 15 फीसदी लोगों ने कहा कि वे वैक्सीन लगवाने के बजाय टैबलेट खाना पसंद करेंगे।

ह्यूस्टन स्थित बेलॉर कॉलेज ऑफ मेडिसिन में मॉलिक्यूलर वॉयरोलॉजी और माइक्रो-बायोलॉजी के प्रोफेसर डॉ. पीटर होटेज ने कहा है कि ऐसी गोलियों का आना कुछ न होने से तो बेहतर है, लेकिन इसे वैक्सीन का विकल्प समझा गया, तो उसमें बहुत बड़ा जोखिम है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक ज्यादातर विशेषज्ञ गोलियों का उत्पादन होने से उत्साहित हैं। लेकिन वे यह भी मानते हैं कि गोलियां टीका का विकल्प नहीं हैं।

कोविड-19 वायरस का पुनरुत्पादन रोकेगी
अमेरिकी सरकार के एक अध्ययन के मुताबिक पिछले दिनों जब अमेरिका में कोरोना वायरस के डेल्टा वैरिएंट के फैलने से महामारी की नई लहर आई थी, तब फाइजर-बायोएनटेक कंपनी की वैक्सीन मौत रोकने में काफी प्रभावी रही। इसकी वजह से 86.8 फीसदी मामलों में अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति नहीं आई।

जॉर्ज वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी में सार्वजनिक स्वास्थ्य की प्रोफेसर डॉ लियेना वेन ने एक समाचार एजेंसी से कहा- ‘टैबलेट का इस्तेमाल वैक्सीन के साथ-साथ होगा। टैबलेट वैक्सीन की जगह नहीं ले सकती।’ कुछ दूसरे विशेषज्ञों ने भी कहा है कि गोलियों के भरोसे वैक्सीन न लगवाना एक बड़ी गलती साबित होगा। विशेषज्ञों के मुताबिक इन गोलियों का शरीर के अंदर असर यह होगा कि वे कोविड-19 वायरस का पुनरुत्पादन (यानी अपने नए रूप पैदा करने) से रोक देंगी। लेकिन ये वायरस शरीर में पहुंचने के बाद दूसरे तरीकों से भी नुकसान पहुंचाता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक संक्रमण लगने के बाद पहले चरण में कोविड-19 वायरस शरीर के अंदर तीव्र गति से अपनी नई प्रतिकृतियां तैयार करता है। दूसरे चरण में वह इम्यून सिस्टम की कमजोरी का लाभ उठा कर शरीर को कई प्रकार से नुकसान पहुंचाता है। खाने वाली गोलियां कोविड-19 के दूसरे चरण की समस्याओं से राहत नहीं दे सकेंगी।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

कंडीशनर से बालों को कोमल, शाइनी और सुन्दर बनायें

कंडीशनर से बालों को कोमल, शाइनी और सुन्दर बनायें

सौंदर्या राय July 14 2022 36099

कंडीशनर के उपयोग से हम बालों को खराब होने से बचा सकते हैं | कंडीशनर 3 तरह के होते हैं - ट्रडिशनल कंड

कोरोना से मरने वालों के परिजनों को 60 दिन में मुआवजा दे सरकार: सुप्रीम कोर्ट

कोरोना से मरने वालों के परिजनों को 60 दिन में मुआवजा दे सरकार: सुप्रीम कोर्ट

एस. के. राणा March 24 2022 23461

सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में कोरोना से मरने वालों के परिजनों को मुआवजा राशि देने के लिए 60 दिन का समय

जानिए क्या है इस समय देश में कोरोना की स्थिति ?

जानिए क्या है इस समय देश में कोरोना की स्थिति ?

एस. के. राणा February 16 2023 28851

स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़े के मुताबिक बीते 24 घंटे में देश में कोरोना संक्रमण के 102 नए

कोरोना महामारी से फिर तबाह हो रही दुनिया

कोरोना महामारी से फिर तबाह हो रही दुनिया

हे.जा.स. December 30 2021 30743

डब्ल्यूएचओ ने ओमिक्रॉन को बड़ा खतरा बताया और कहा कि यह स्वास्थ्य व्यवस्था को तबाह कर सकता है। इससे स

जन्मजात विकारों की वजह से दुनियाभर में हर साल तीन लाख नवजात मर जातें हैं: डब्लूएचओ

जन्मजात विकारों की वजह से दुनियाभर में हर साल तीन लाख नवजात मर जातें हैं: डब्लूएचओ

एस. के. राणा March 03 2022 33300

जन्मजात कमजोरी व शारीरिक विकारों की वजह से हर साल 3.03 लाख नवजात मर रहे हैं। जो बच रहे हैं वे जीवन भ

इस वक्त बरती ढिलाई तो कोरोना जीत जाएगा लड़ाई - डॉ. सूर्य कान्त

इस वक्त बरती ढिलाई तो कोरोना जीत जाएगा लड़ाई - डॉ. सूर्य कान्त

हुज़ैफ़ा अबरार March 18 2021 28895

अगले दो हफ्ते चुनौतीपूर्ण, सभी प्रोटोकाल का कड़ाई से पालन जरूरी। जिस संयम से मनाई ईद, उसी सादगी से हो

पेट स्कैन का पहला ट्रायल रहा सफल

पेट स्कैन का पहला ट्रायल रहा सफल

आरती तिवारी July 18 2023 41076

कैंसर मरीजों को समय पर जांच और इलाज में सहायक पेट स्कैन मशीन को शुरू करने के लिए केजीएमयू लगातार प्र

दिल्ली में घट रहा कोरोना संक्रमण, 10 ज़िले अभी भी जोखिम क्षेत्र में शामिल

दिल्ली में घट रहा कोरोना संक्रमण, 10 ज़िले अभी भी जोखिम क्षेत्र में शामिल

एस. के. राणा January 31 2022 31087

रिपोर्ट के अनुसार, 11 में से एक जिला ग्रीन जोन में है। छह रेड और चार जिले ऑरेंज जोन में शामिल हैं। क

दवा लेने आई युवती से छेड़छाड़ के मामले का डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने लिया संज्ञान

दवा लेने आई युवती से छेड़छाड़ के मामले का डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने लिया संज्ञान

आरती तिवारी May 25 2023 24915

ढखेरवा पीएचसी के फार्मासिस्ट पर छेड़छाड़ का आरोप लगा है। दवा लेने गई युवती का वीडियो सोशल मीडिया पर

कोरोनारोधी टीका लगवाने में किशोरों और युवाओं ने दिखाया जोश

कोरोनारोधी टीका लगवाने में किशोरों और युवाओं ने दिखाया जोश

हुज़ैफ़ा अबरार January 19 2022 27570

प्रदेश में 18 वर्ष से अधिक उम्र के 94.54 प्रतिशत लोगों ने टीके की पहली डोज लगवा ली है। 15-17 आयु वर्

Login Panel