











































प्रतीकात्मक चित्र
मेलबर्न सेक्सुअल हेल्थसेंटर (MSHC) ने 2,000 से ज्यादा पुरुषों पर एक शोध किया है। मेलबर्न में हुए इस अध्ययन में पता चला है कि होंठों के मिलने से भी यौन रोग गोनोरिया हो सकता है। ऑस्ट्रेलिया (Australia) के मेलबर्न (Melbourne) शहर में 2,000 से ज्यादा लोगों के बीच हुई एक स्टडी में पता चला कि चुंबन के कारण लोगों में गले का गोनोरिया फैल रहा है। शोधकर्ताओं ने कहा कि इससे स्पष्ट है कि बिना प्राइवेट पार्ट्स के संपर्क में आए भी गोनोरिया (gonorrhea) संक्रमित हो सकता है।
शोधकर्ता एसोसिएट प्रोफेसर एरिक चाओ (Eric Chao) ने मीडिया को बताया, "पिछले सौ साल से हम जो मानते आए हैं, इस नतीजे ने वह समझ बदल दी है। पारंपरिक रूप से हम मानते रहे हैं कि गोनोरिया मुख्यता यौनांगों (sexual contact) के संपर्क से ही फैलता है लेकिन नए आंकड़े दिखाते हैं कि गले में भी बहुत सारे संक्रमण हो रहे हैं।”
कैसे हुआ अध्ययन?
इसी साल मार्च में एक अध्ययन के बाद एमएसएचसी ने पाया था कि मेलबर्न के कुछ इलाकों में गोनोरिया के मामलों में अभूतपूर्व वृद्धि हो रही थी। यह वृद्धि पिछले एक दशक में हुई थी। शोध ने कहा, "गे (gay) , बाइसेक्सुअल (bisexual) और अन्य पुरुषों से यौन (sex) संबंध बनाने वाले पुरुषों में गोनोरिया का असर असामान्य रूप से ज्यादा है लेकिन विपरीत लिंगी पार्टनर से संबंध बनाने वालों में भी गोनोरिया में वृद्धि हुई।”
इस शोध में पता चला कि 2010 से 2019 के बीच ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया (Victoria) राज्य में गोनोरिया पीड़ित महिलाओं की संख्या 291 से बढ़कर 1,673 सालाना हो गई थी। 475 प्रतिशत की यह वृद्धि खतरे की घंटी थी।
रोग की सूचना देने वालों की संख्या और जीनोम सीक्वेंसिंग (genome sequencing) को मिलाकर जब विश्लेषण किया गया तो पता चला कि विपरीतलिंगी यौन संबंध बनाने वाले और समलैंगिक (transgender) यौन संबंध बनाने वालों में गोनोरिया होने का अंतर तेजी से कम हो रहा था।
चुंबन का प्रभाव
प्रोफेसर एरिक चाओ बताते हैं कि संक्रमण के संभावित रास्तों की खोज शुरू हुई तो पता चला कि चुंबन एक बड़ा कारक है जिससे गले का गोनोरिया हो रहा था। वह बताते हैं कि अक्सर गले के गोनोरिया के कोई लक्षण नहीं होते इसलिए इसका एक व्यक्ति से दूसरे में संक्रमण हो जाना आसान है क्योंकि इसका पता ही नहीं चलता।
प्रोफेसर चाओ कहते हैं, "जब यौनांगों में संक्रमण होता है तब लक्षण ज्यादा स्पष्ट होते हैं जैसे कि सूजन, खुजली या रक्त बहना आदि। ”चाओ कहते हैं कि समलैंगिक या बाइसेक्सुअल पुरुष या अन्य पुरुषों से यौन संबंध बनाने वालों में गोनोरिया होने का खतरा सबसे ज्यादा पाया गया लेकिन विपरीतलिंग से यौन संबंध बनाने वाले पुरुषों और स्त्रियों में भी गोनोरिया के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
चाओ कहते हैं, "पूरे देश में ये मामले बढ़ रहे हैं। यह चिंता की बात है क्योंकि हम जानते हैं कि गोनोरिया पर एंटीबायोटिक (antibiotics) असर नहीं करती, इसलिए इस संक्रमण को ठीक करना ज्यादा मुश्किल हो जाता है। संक्रमण कैसे फैल रहा है इसकी बेहतर समझ की जरूरत है ताकि सोच सकें कि आगे क्या करना चाहिए और किस तरह की खोज इस संक्रमण को रोकने में कारगर हो सकती है। प्रोफेसर चाओ कहते हैं, कि एक से ज्यादा लोगों से यौन संबंध बनाने वाले हर व्यक्ति को नियमित रूप से यौन रोगों की जांच करानी चाहिए।
लेखक- विवेक कुमार







हुज़ैफ़ा अबरार September 10 2026 0 1106
हुज़ैफ़ा अबरार September 08 2026 0 504
हुज़ैफ़ा अबरार September 07 2026 0 406
हुज़ैफ़ा अबरार September 07 2026 0 385
हुज़ैफ़ा अबरार September 10 2026 0 378
हुज़ैफ़ा अबरार September 12 2026 0 245
हुज़ैफ़ा अबरार September 11 2026 0 196
हुज़ैफ़ा अबरार September 12 2026 0 196
हुज़ैफ़ा अबरार September 02 2026 0 3465
हुज़ैफ़ा अबरार September 10 2026 0 1106
हुज़ैफ़ा अबरार September 04 2026 0 707
हुज़ैफ़ा अबरार September 08 2026 0 504
हुज़ैफ़ा अबरार September 01 2026 0 476
हुज़ैफ़ा अबरार September 02 2026 0 406
हुज़ैफ़ा अबरार September 07 2026 0 406
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 9128
एस. के. राणा January 20 2026 0 5642
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5418
एस. के. राणा February 01 2026 0 5390
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5306
एस. के. राणा January 13 2026 0 4935
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4886
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87309
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35393
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38433
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35924
लेख विभाग March 19 2022 0 35574
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73246
सीएम योगी की मंशा के अनुरूप एआई आधारित वाइस बॉट का उद्देश्य केवल मरीजों से फीडबैक लेना नहीं है, बल्क
37,10,525 मरीजों का अब भी इलाज चल रहा है जो कुल मामलों का 15.65 प्रतिशत है जबकि कोविड-19 से स्वस्थ ह
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ कोविड-19 की स्थिति को
दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र समेत देश के कई राज्यों में H3N2 वायरस खतरा बढ़ गया है। वहीं अब इस वायरस
ब्रिटेन की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी ने अक्टूबर के अंत में ओमिक्रॉन के दो नए वेरिएंट्स को बीक्यू 1 और
आंध्र प्रदेश में 27 जुलाई तक ब्लैक फंगस के कुल मामले बढ़कर 4,293 हो गए और मृतकों की संख्या बढ़कर 400
इण्डियन मेडिकल एसोशिएशन द्वारा आईएमए भवन में स्टेट लेवल रिफ्रेशर कोर्स और सीएमई का आयोजन किया गया। स
शुक्रवार को उनकी तबियत बिगड़ने पर शुक्रवार सुबह बेटे ने वही के एक अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन सांस
यहाँ मृतकों को कोरोना वैक्सीन लगाने जाने का मामला सामने आया है। हैरत की बात यह है कि यह पहला मामला न
संकरा आई हॉस्पिटल की अकादमिक शाखा, संकरा एकेडमी ऑफ विज़न (एसएवी) को नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन, नई दि

COMMENTS