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पीलीभीत। जिले के राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय (homeopathic clinic) कटैय्या पंडरी की स्थापना 1992 में हुई थी, लेकिन चिकित्सालय (hospital) को 2020 में प्रभारी मिला। हालांकि अब यह चिकित्सालय अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। जहां अधिक चर्चा में लाइट फर्नीचर और दवाओं की कमी होने के चलते मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं। अस्पताल के सामुदायिक शौचालय (community toilet) रखरखाव और साफ-सफाई न होने के चलते निष्क्रिय साबित हो रहा है, साथ ही नल की व्यवस्था भी नहीं है
वहीं इस संबंध में चिकित्सालय प्रभारी डॉक्टर (doctor in charge) वीर सेन का कहना है कि मेरे द्वारा कार्यालय को अवगत करा दिया गया है। अधिकारी ने आश्वासन देते हुए कहा कि चिकित्सा की व्यवस्था शीघ्र कराई जाएगी। राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय कटैय्या पंडरी की बात की जाए तो यहां पर मुसीबतों के बीच मरीज (Patient) को दवाइयां उपलब्ध हो पाती हैं। कुछ दवाओं को लेने के लिए बाहर से खरीदनी पड़ती हैं।







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