











































कफ सिरप कोल्ड्रिफ
चेन्नई। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कफ सिरप कोल्ड्रिफ (Coldrif) के निर्माता श्रीसन फार्मास्युटिकल्स और तमिलनाडु एफडीए के शीर्ष अधिकारियों से जुड़े परिसरों पर सोमवार को छापे मारे। कफ सिरप कोल्ड्रिफ को मध्य प्रदेश और राजस्थान में बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है। प्रवर्तन निदेशालय ने यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत चेन्नई में कम-से-कम सात परिसरों में की।
कंपनी के कर्मचारियों और सरकारी अधिकारी पर कार्रवाई
तमिलनाडु खाद्य एवं औषधि प्रशासन (TNFDA) के पूर्व में गिरफ्तार किए गए प्रभारी निदेशक पीयू कार्तिकेयन के परिसरों पर भी छापे मारे गए। पूर्व में गिरफ्तार किए गए प्रभारी निदेशक पीयू कार्तिकेयन के परिसरों पर छापे भी मारे गए। कार्तिकेयन को जुलाई में तमिलनाडु सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (DVAC) ने रिश्वतखोरी के एक मामले में गिरफ्तार किया था। श्रीसन फार्मास्युटिकल्स कंपनी के प्रमुख कर्मचारियों के ठिकानों पर भी छापे मारे गए।
मिलावटी कफ सिरफ के खिलाफ ईडी का ऐक्शन (ED Action Against Adulterated Cough Syrup)
ईडी सूत्रों ने कहा कि मिलावटी कफ सिरप की बिक्री से प्राप्त धन पीएमएलए के तहत अपराध की आय है और एजेंसी इसे साबित करने के लिए सबूत इकट्ठा करना चाहती है। संघीय जांच एजेंसी ने यह कार्रवाई मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में श्रीसन फार्मास्युटिकल्स के खिलाफ दर्ज पुलिस शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए पीएमएलए के तहत आपराधिक मामला दर्ज करने के बाद की।
कोल्ड्रिफ से 22 बच्चों की हुई थी मौत (Coldrift Killed 22 Children)
मध्य प्रदेश और राजस्थान में कोल्ड्रिफ दिए जाने के बाद कम-से-कम 22 बच्चों की मौत हो गई, जिनमें से अधिकतर की उम्र पांच वर्ष से कम थी। कफ सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (डीईजी) नामक बेहद जहरीले पदार्थ की खतरनाक स्तर की मिलावट पाई गई। श्रीसन फार्मास्युटिकल्स के मालिक जी रंगनाथन को मध्य प्रदेश पुलिस ने 9 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था।
मध्य प्रदेश और तमिलनाडु अधिकारियों पर हुए ऐक्शन (Actions Taken Against Madhya Pradesh and Tamil Nadu Officials)
मध्य प्रदेश सरकार ने बच्चों की मौत के बाद दो ड्रग इंस्पेक्टरों और एफडीए के एक डिप्टी डायरेक्टर को सस्पेंड कर दिया। साथ ही राज्य के ड्रग कंट्रोलर का तबादला कर दिया और मौत के मामलों की जांच के आदेश दिए। उधर, पुलिस ने लापरवाही के आरोप में छिंदवाड़ा के एक डॉक्टर को गिरफ्तार किया। तमिलनाडु सरकार ने भी दो वरिष्ठ राज्य औषधि निरीक्षकों को निलंबित कर दिया है तथा श्रीसन फार्मास्युटिकल्स को बंद करने का आदेश दिया है।
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने कहा है कि तमिलनाडु खाद्य एवं औषधि प्रशासन (टीएनएफडीए) से 2011 में लाइसेंस प्राप्त कांचीपुरम स्थित श्रीसन फार्मा ने अपने खराब बुनियादी ढांचे और राष्ट्रीय औषधि सुरक्षा नियमों के कई उल्लंघनों के बावजूद एक दशक से अधिक समय तक परिचालन जारी रखा।







हुज़ैफ़ा अबरार April 07 2026 0 462
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 3549
एस. के. राणा January 13 2026 0 3542
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 3374
एस. के. राणा January 20 2026 0 3339
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3094
एस. के. राणा February 01 2026 0 2779
एस. के. राणा February 04 2026 0 2569
उत्तर प्रदेश
सौंदर्या राय May 06 2023 0 102418
सौंदर्या राय March 09 2023 0 106946
सौंदर्या राय March 03 2023 0 107192
admin January 04 2023 0 107047
सौंदर्या राय December 27 2022 0 97523
सौंदर्या राय December 08 2022 0 85925
आयशा खातून December 05 2022 0 140518
लेख विभाग November 15 2022 0 109596
श्वेता सिंह November 10 2022 0 158834
श्वेता सिंह November 07 2022 0 109781
लेख विभाग October 23 2022 0 94667
लेख विभाग October 24 2022 0 98048
लेख विभाग October 22 2022 0 103778
श्वेता सिंह October 15 2022 0 106711
चुकंदर में आयरन, सोडियम, पोटेशियम, फॉस्फोरस पर्याप्त मात्रा में होते हैं, जिस कारण यह शरीर को स्वस्थ
पिछले 24 घंटे में आए 7 हजार 633 नए मामले मिले हैं। बीते दिन 11 लोगों की संक्रमण से मौत हुई है। देश म
Archives of Sexual Behavior के एक शोध में यह तथ्य सामने आया है कि पुरुष के साथ समागम करने पर केवल 65
बुजुर्गों के लिए आंख से संबंधित समस्याओं के लिए शिविर लगाया गया था। कार्यक्रम में नेत्र चिकित्सक द्व
अभ्यर्थियों की डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन प्रक्रिया की शुरुआत कर दी गई है, जोकि 18 अक्टूबर तक जारी रहेगी।
संयुक्त राष्ट्र ने आगाह किया कि संसाधनों में बड़े पैमाने पर वृद्धि किए बगैर और संवेदनशील तथा संक्रमि
एक छोटी सी लापरवाही यानी ब्लड प्रेशर को नजरअंदाज करते रहने की आदत एक दिन बड़ा हृदय रोग का कारण बन सकत
मुख्य रूप से 4 वायरस इस बीमारी के कारक माने जाते हैं – ए, बी, सी और ई- और काफी हद तक रोके जा सकते है
मेदांता द मेडिसिटी, गुरुग्राम के कार्डियोलॉजी विभाग के चेयरमैन डॉ. प्रवीण चंद्रा ने कहा, ‘यह मामला द
स्लीप एपनिया एक संभावित गंभीर स्लीप डिसऑर्डर है जिसमें बार-बार सांस लेना बंद हो जाता है और शुरू हो ज

COMMENTS