











































मेदान्ता अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ
लखनऊ। मेदांता हॉस्पिटल लखनऊ में बुधवार को एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें लोगों को जानकारी दी गई कि रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी के बाद वह अपने जीवन में नया बदलाव ला सकते हैं। इस कार्यक्रम का शीर्षक बैक टू लाइफ रहा इस दौरान दो सौ से अधिक लोग मौजूद रहे, जिसमें डॉक्टर्स समेत मरीज व उनके परिजन भी मौजूद रहे। इस अवसर पर मेदांता हॉस्पिटल में एक मीट एंड ग्रीट समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें मरीज के परिवार के सदस्यों , डॉक्टरों और हॉस्पिटल के कर्मचारियों ने भाग लिया।
इस समारोह में मरीजों ने अपने अनुभव साझा किये और बताया कि कैसे रोबोटिक घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी ने उनके जीवन को बदल दिया। इसके अलावा मरीजों ने बताया कि जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी से उनकी जिंदगी कैसे आसान हुई, अब वो चलना फिरना, बाजार जाना, साइकलिंग, स्कूटी या कार चलाने जैसे कार्य आराम से कर पाते हैं।
कार्यक्रम के शुरुआत में आर्थोपैडिक एवं रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी विभाग के निदेशक डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने लोगों को जॉइंट रिप्लेसमेंट के बाद जीवन में होने वाले बदलाव के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी एक सुरक्षित और प्रभावशाली तकनीकी प्रक्रिया है। इसमें घुटने का एलाइनमेंट बेहद सटीक हो जाता है और इस सर्जरी के बाद लोगों को जीवन में नई आस मिलती है और उन्हें आत्मनिर्भर और सक्रिय जीवन जीने में मदद मिलती है।
डॉ सिंह ने बताया कि जो लोग ऑस्टिओआर्थरइटिस से ग्रसित हैं या उन्हें सालों से लगातार जोड़ों के दर्द में रहना पड़ता है तथा रोज़मर्रा की आज़ादी भी खत्म होने लगती है और वो दूसरों पर निर्भर होने लगते हैं उन लोगों के लिए रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी दर्द निवारक की तरह काम करती है।
इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 80 से 85 वर्षीय मरीज रहे, जिन्हें सफल रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट के बाद चलते हुए देखना था।







हुज़ैफ़ा अबरार July 07 2026 0 399
हुज़ैफ़ा अबरार July 07 2026 0 357
हुज़ैफ़ा अबरार July 09 2026 0 196
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4753
एस. के. राणा January 20 2026 0 4641
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4585
एस. के. राणा January 13 2026 0 4403
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4333
एस. के. राणा February 01 2026 0 3962
एस. के. राणा February 04 2026 0 3752
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86826
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34714
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37936
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35413
लेख विभाग March 19 2022 0 35007
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72455
यूपी के कई जिले बाढ़ से प्रभावित हुए है । गंगा, यमुना, बेतवा, चंबल, केन समेत कई नदियों के उफनाने से
एम्स के हड्डी रोग विभाग के डॉक्टरों ने ये कारनामा कर के दिखाया है। मरीज़ एंक्लोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस ना
ठंडी हवाओं और मौसम के बदलने से होंठों की नमी कहीं खो सी जाती है और वे फटने लग जाते हैं। ऐसे में ये
कोविड-19 के संक्रमण को हराकर ठीक हुए लोगों पर एक चौकाने वाला शोध सामने आया है। इस शोध के अनुसार कोरो
इन्द्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स में बिहार से आई 8 वर्षीय बच्ची में जीवनरक्षक लिवर ट्रांसप्लान्ट सर्जरी
कोविड के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण आज शाम को COVID-19 की तैयारियो
सीएमओ डा. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि स्वाइन फ्लू के लिए सतर्कता बढ़ाई जा रही है। स्वाइन फ्लू के इला
क्रोनिक पैंक्रियाटाइटिस आपके अग्न्याशय में होने वाली सूजन है जो ग्रंथि के प्रगतिशील विनाश का कारण बन
किसी संक्रमण या चोट के कारण लीवर को क्षति पहुँचती है तब वह बिलीरुबिन को रक्त से अलग नहीं कर पाता है
अस्पतालों के इमरजेंसी डिपार्टमेंट और एम्बुलेंस सेवाओं में काम कर रहे डाक्टरों, नर्सों और पेरामेडिकल

COMMENTS