












































प्रतीकात्मक चित्र
नीबू एक फल है। यह छोटे पेड़ अथवा सघन झाड़ीदार पौधे में होता है। पकने पर यह पीले रंग का या हरापन लिए हुए होता है। गूदा पांडुर हरा, अम्लीय तथा सुगंधित होता है। कोष रसयुक्त, सुंदर एवं चमकदार होते हैं। अंग्रेजी में इसको साइट्रस लिमोन कहतें हैं।
नींबू का रस लगभग 5% से 6% साइट्रिक एसिड (citric acid) होता है, जिसका पीएच लगभग 2.2 होता है, जो इसे खट्टा स्वाद देता है। नींबू के रस का विशिष्ट खट्टा स्वाद इसे पेय और खाद्य पदार्थों जैसे कि नींबू के लिये किया जाता हैं।
नींबू का रस (Lemon juice) हमारी सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद है। हर दिन पानी के साथ आधा चम्मच नींबू का रस पीने से शरीर की इम्यूनिटी (immunity) बढ़ती है, पाचन ठीक रहता है, साथ ही शरीर का PH भी संतुलित रहता है। दरअसल, नींबू साइट्रस फल है और बाकी साइट्रस फलों की ही तरह इसमें भी विटमिन सी (vitamin C) भरपूर मात्रा में होता है और इससे शरीर पर सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों का प्रभाव नहीं पड़ता। इसके अलावा भी नींबू का रस हमारे लिए कई तरह से लाभदायक है।
नींबू में पाए जाने वाले पोषक तत्व - Nutritional elements found in lemon
नींबू में 3.7 प्रतिशत साइट्रिक एसिड होता है। यह विटामिन सी का भी एक समृद्ध स्रोत है। खट्टे फल में विटामिन ए, कैल्शियम और आयरन होता है। इसके अलावा, नींबू एक बेहतरीन इंस्टेंट एनर्जी बूस्टर और थकान दूर करने वाला है। यह साइट्रस फल त्वचा और मसूड़ों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में बहुत कारगर है।
नींबू में थायमिन (thiamine), राइबोफ्लेविन (riboflavin), नियासिन (niacin) और बायो-फ्लेवोनॉयड्स (bio-flavonoids) जैसे अन्य पोषक तत्व भी पाए जाते हैं। नींबू में क्वेरसेटिन नामक एक यौगिक होता है, जो एक महत्वपूर्ण बायोफ्लेवोनॉइड है। यह एक प्राकृतिक एंटीहिस्टामाइन (antihistamine) के रूप में कार्य करता है और एलर्जी और सूजन को रोकता है।
खट्टा और खट्टा नींबू हमारे भोजन का एक आम भूख बढ़ाने वाला एजेंट है। पोहा से लेकर चावल तक नींबू के साथ सब कुछ अच्छा लगता है। नींबू के फायदों की एक लंबी सूची है।
आयुर्वेद में नींबू - Lemon in ayurveda
नींबू को आयुर्वेद में निम्बुका और जांबीरा भी कहा जाता है। नींबू तीनों दोषों - वात, पित्त और कफ को संतुलित करता है। यह खट्टे फल एक महान पाचक और रेचक है। इसके अलावा, इसके लार उत्तेजक गुण इसे कई विकारों के लिए एक शक्तिशाली उपाय बनाते हैं। इसके अलावा, नींबू एक महान प्रतिरक्षा बूस्टर (immunity booster) और एक संपूर्ण राबबाण है।
नींबू के फायदे - Benefits of lemon

नींबू विभिन्न दैनिक स्वास्थ्य समस्याओं में एक सामान्य घरेलू उपाय है। आधुनिक चिकित्सा एक स्वास्थ्य बूस्टर के रूप में नींबू के आयुर्वेदिक दावों से सहमत है। साथ ही पोषण विशेषज्ञ और डॉक्टर अब रोजाना के खाने में नींबू की सलाह दे रहे हैं। नीबू का सेवन करने के अनेक फायदे होते है-







लेख विभाग October 25 2026 0 252
हुज़ैफ़ा अबरार October 25 2026 0 189
अखण्ड प्रताप सिंह October 26 2026 0 140
हुज़ैफ़ा अबरार October 26 2026 0 105
हुज़ैफ़ा अबरार October 26 2026 0 105
हुज़ैफ़ा अबरार October 27 2026 0 70
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 6706
हुज़ैफ़ा अबरार October 08 2026 0 1645
हुज़ैफ़ा अबरार October 13 2026 0 1624
हुज़ैफ़ा अबरार October 06 2026 0 1484
हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 1470
हुज़ैफ़ा अबरार October 14 2026 0 1463
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 1330
हुज़ैफ़ा अबरार October 18 2026 0 1295
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 10325
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 6706
एस. के. राणा February 01 2026 0 6587
एस. के. राणा January 20 2026 0 6328
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5936
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5789
एस. के. राणा January 13 2026 0 5362
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87673
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35946
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38853
सौंदर्या राय April 05 2022 0 36365
लेख विभाग March 19 2022 0 35931
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73925
योग आपके स्तन को लूज होने से बचाता है। प्रभावी योग आसन निम्नलिखित है जिनकी मदद से आप सुडौल और मनचाहा
भागती दौड़ती जिंदगी में कई बार अभिभावक जान नहीं पाते हैं और बच्चे मानसिक समस्याओं में घिर जाते है। बा
कार्यक्रम में रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग के रोगियों व तीमारदारों को अच्छे स्वास्थ्य के बारे में विस्ता
दूषित भोजन और पानी के माध्यम से डायरिया गैस्ट्रोएंटेराइटिस टाइफाइड और हेपेटाइटिस A व E जैसे जलजनित र
जैसे हीं महिलाएं में मासिक धर्म आना बंद हो जाता है। वे मीनोपॉज की अवस्था में पहुँचती हैं। इसी के सा
केजीएमयू में मंगलवार को चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह से ठप नजर आई। वहीं यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठ
पलकों पर कवियों ने कविताएँ लिखी, शायरों ने शेर और तो और गीतकारो ने भी कई गीत लिख डाले। पलकों की महत्
टीकाकरण कार्यक्रम के डिजिटल हो जाने के बाद लाभार्थियों को टीकाकरण स्थल पर ही प्रमाणपत्र मिल जाएंगे।
कैंसर सर्वाइवर्स को ठीक होने के बाद चिंता या अवसाद का सामना करना पड़ता है। कैंसर में देखभाल सिर्फ इल
शोध में कहा गया है कि गंध या स्वाद महसूस न होने से जीवन की गुणवत्ता (quality of life) पर खराब असर पड

COMMENTS