











































प्रतीकात्मक चित्र
भागती दौड़ती जिंदगी में कई बार अभिभावक जान नहीं पाते हैं और बच्चे मानसिक समस्याओं में घिर जाते है। बाद में जब मार्कशीट में नम्बर कम आते हैं तो पड़ताल का सिलसिला शुरू होता है जो अंत में डॉक्टर के पास आ कर समाप्त होता है। ये मानसिक समस्याएं कई प्रकार की होती हैं। आइए जानते है योग में ऐसी समस्याओं का क्या सरल उपाय है।
व्यायाम (exercise) से शारीरिक और मानसिक (physical and mental) एकाग्रता बढ़ती है। योगासन (Yogasana) से मन और तन दोनों स्वस्थ रहते हैं। तरह-तरह की बीमारियां प्रतिदिन योगासन करने से दूर हो जाती हैं। योग का उम्र से कोई नाता नहीं होता। बच्चे हों या बड़े, सभी के लिए योग फायदेमंद होता है। योग में विभिन्न प्रकार की मुद्राएँ बतायीं गयी है। बच्चों की इन समस्याओं के लिए सहज शंख मुद्रा बहुत ही फायदेमंद है।
अगर बच्चे में वोकल कॉर्ड (vocal cord) से जुड़ी कोई भी समस्या है, वो बात-बात पर हकलाता है या उसका आत्म-विश्वास कमजोर (hesitation in children) है अथवा पढ़ा हुआ भूल (forgets to read) जाता है तो ऐसी स्थिति में पेरेंट्स को चाहिए कि वह अपने बच्चों को विभिन्न प्रकार की मुद्राएँ सिखाएं। इससे उसकी कई समस्याएं खत्म हो सकती है।
इस कंडिशन में सहज शंख मुद्रा (Sahaj Shankh Mudra) का अभ्यास सबसे ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। बच्चों का आत्मविश्वास (children confidence) बढ़ाने के लिए सहज शंख मुद्रा कराएं;








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