देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

ड्रग रेजिस्टेंट टीबी के इलाज का हब बनेगा केजीएमयू

सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस बनने के साथ ही केजीएमयू प्रदेश के सभी मेडिकल कालेजों और डीआर टीबी सेंटर की व्यवस्था को और चुस्त दुरुस्त बनाने में सहयोग को तत्पर है। साथ ही स्क्रीनिंग जाँच और उपचार से जुड़े स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित करने का भी काम किया जायेगा।

हुज़ैफ़ा अबरार
October 08 2022 Updated: October 08 2022 02:14
0 38805
ड्रग रेजिस्टेंट टीबी के इलाज का हब बनेगा केजीएमयू पीएम के टीबी मुक्त भारत के सपने को साकार करेंगा केजीएमयू :डा. सूर्यकान्त

लखनऊ। पीएम के टीबी मुक्त भारत के सपने को साकार करेंगा केजीएमयू यह आश्वासन देते हुए केजीएमयू के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष तथा उप्र क्षय उन्मूलन की स्टेट टास्क फोर्स के चेयरमैन डा सूर्यकान्त ने इंटरनेशनल यूनियन अंगेस्ट टीबी एंड लंग डिजीजेस यूनियन संस्था (International Union Against TB) के तत्वावधान में ड्रग रेजिस्टेन्ट डीआर टीबी के उपचार को और गुणवत्तापूर्ण बनाने पर आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में कहीं।

 

उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री (Prime Minister) के वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाने के संकल्प को साकार करने में अहम भूमिका निभाने को केजीएमयू (KGMU) पूरी तरह तैयार है। सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस बनने के साथ ही केजीएमयू प्रदेश के सभी मेडिकल कालेजों और डीआर टीबी सेंटर (TB Center) की व्यवस्था को और चुस्त दुरुस्त बनाने में सहयोग को तत्पर है। साथ ही स्क्रीनिंग जाँच और उपचार से जुड़े स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित करने का भी काम किया जायेगा। प्रदेश के हर जिले में एक डीआर टीबी सेंटर बनाने पर भी स्वास्थ्य विभाग के साथ गंभीरता से विचार चल रहा है, अभी प्रदेश के 56 जिलों में डीआर टीबी सेंटर हैं। इसके अलावा 24 नोडल डीआर टीबी सेंटर मरीजों को बेहतर इलाज में हरसम्भव मदद कर रहे हैं।

डॉ सूर्यकान्त ने टीबी से जुड़े सामाजिक लैंगिक और आर्थिक समस्याओं पर कहा कि परिवार की यदि कोई महिला टीबी की चपेट में आती है तो उसके साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव किसी स्तर पर नहीं होना चाहिए क्योंकि टीबी का इलाज पूरी तरह से संभव है। व्यवहार और मदद होनी चाहिए जिस प्रकार किसी पुरुष या बच्चे को टीबी होने पर होती है। टीबी ग्रसित बच्चों के साथ भी स्कूल या खेल के मैदान में किसी प्रकार का भेदभाव न होने पाए। उन्होंने कहा कि क्षय उन्मूलन अब एक जनांदोलन बन चुका है क्योंकि इससे प्रधान से लेकर प्रधानमंत्री तक जुड़ चुके हैं। टीबी की जाँच उपचार के साथ इलाज के दौरान 500 रु भी निक्षय पोषण योजना (Nikshay Poshan Yojana) के तहत सीधे बैंक खाते में भेजे जा रहे हैं।

 

डॉ सूर्यकान्त (Dr Suryakant) ने कहा कि अब इस पर विशेष ध्यान देना है कि अपने गाँव मोहल्ले, कस्बे, वार्ड को टीबी मुक्त बनाते हुए जिले को टीबी मुक्त बनाया जाए। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर का बारामुला जिला देश का पहला ऐसा जिला है जो टीबी मुक्त हो चुका है तो दूसरे जिले क्यों नहीं हो सकते। क्षय उन्मूलन के लिए देश को छह जोन में बांटा गया है, जिसमें उत्तर प्रदेश उत्तरी जोन में आता है। उत्तरी जोन टास्क फ ़ोर्स के चेयरमैन की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गयी है।

 

हाल ही में गांधीनगर (Gandhinagar) में टीबी को लेकर हुए मंथन में यह भी तय किया गया है कि वर्ष 2015 से अब तक टीबी (tuberculosis) पर हुए रिसर्च का संकलन और अध्ययन कर क्षय उन्मूलन को लेकर नयी नीति भी तैयार करने की योजना है। डा सूर्यकान्त ने बताया कि उप्र की राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल (Anandiben Patel) द्वारा टीबी रोगियों को गोद लेने का कार्यक्रम उप्र में पहली बार प्रारम्भ किया गया था, जो अब एक राष्ट्रीय कार्यक्रम बन चुका है।

 

प्रशिक्षण कार्यशाला में चिकित्सक नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टॉफ (paramedical staff) और शोधार्थी शामिल हुए। डा सूर्यकान्त प्रशिक्षण कार्यशाला के समन्वयक रहे। प्रशिक्षण प्रदान करने वालों में यूनियन के साथ ही सेन्ट्रल टीबी डिवीजन एवं टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ  सोशल सांइसेज के प्रशिक्षक शामिल रहे। प्रशिक्षण कार्यशाला में 40 लोगों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला के समापन सत्र में यूनियन से डॉ मीरा भाटिया डॉ आदेश सोलंकी डॉ अभिमन्यु, सेन्ट्रल टीबी डिवीजन के डा मयंक मित्तल और टाटा इंस्टीटयूट ऑफ  सोशल सांइसेज (TISS) के सचिन व श्वेता उपस्थित रहे। प्रशिक्षित होने के बाद यह सभी लोग उप्र के सभी मेडिकल कालेजों तथा सभी डीआर तथा नोडल डीआर टीबी सेन्टर के चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करेंगे। इन सभी को इलाज में सहयोग के साथ मरीजों के साथ उचित व्यवहार अपनाने की कला भी प्रशिक्षण के दौरान सिखाई गयी

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

कोविड-19: 186 दिन में सबसे कम दर्ज किए गए उपचाराधीन मामले।

कोविड-19: 186 दिन में सबसे कम दर्ज किए गए उपचाराधीन मामले।

एस. के. राणा September 23 2021 25068

आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी तक कुल 55,67,54,282 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई है, जिनमें स

जानिये इम्युनिटी को और इसे बढ़ने के उपाए।

जानिये इम्युनिटी को और इसे बढ़ने के उपाए।

लेख विभाग May 18 2021 34619

अगर आप घर के बाकी सदस्यों के मुकाबले जल्दी-जल्दी बीमार पड़ते हैं, लगातार सर्दी, जुकाम, रेशिज से परेश

लखनऊ में फिर बढे कोरोना संक्रमण के मामले, 52 लोग कोरोना पॉजिटिव

लखनऊ में फिर बढे कोरोना संक्रमण के मामले, 52 लोग कोरोना पॉजिटिव

हुज़ैफ़ा अबरार June 10 2022 27938

सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल ने बताया कि संक्रमितों के संपर्क में आने वालों की जांच कराई जा रही है। वायरस

विश्व स्वास्थ्य दिवस पर केजीएमयू के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग ने आयोजित किया स्वास्थ जागरूक कार्यक्रम

विश्व स्वास्थ्य दिवस पर केजीएमयू के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग ने आयोजित किया स्वास्थ जागरूक कार्यक्रम

हुज़ैफ़ा अबरार April 08 2022 25140

कार्यक्रम में रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग के रोगियों व तीमारदारों को अच्छे स्वास्थ्य के बारे में विस्ता

लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामले, बीते 24 घंटों में  3,688 लोग हुए संक्रमित 

लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामले, बीते 24 घंटों में  3,688 लोग हुए संक्रमित 

एस. के. राणा April 30 2022 32828

देश में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 18,684 हो गई है, जो कुल मामलों का 0.04 प्रतिशत

एक दिवसीय वैक्सीनेशन में अलीगढ़ ने वाराणसी, लखनऊऔर गोरखपुर जैसे वीआईपी ज़िलों को पिछाड़ा।

एक दिवसीय वैक्सीनेशन में अलीगढ़ ने वाराणसी, लखनऊऔर गोरखपुर जैसे वीआईपी ज़िलों को पिछाड़ा।

हुज़ैफ़ा अबरार December 27 2021 31009

सीएमओ डॉ. आनंद कुमार उपाध्याय ने बताया कि एक दिवसीय कोविड-19 वैक्सीनेश में अलीगढ़ पूरे उत्तर प्रदेश म

राज्य सरकार ने कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए लागू प्रतिबंधों में दिया ढील, कड़ाई जारी रहेगी। 

राज्य सरकार ने कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए लागू प्रतिबंधों में दिया ढील, कड़ाई जारी रहेगी। 

हे.जा.स. January 29 2021 24609

किसी बंद स्थान पर अधिकतम 200 व्यक्तियों या उस स्थान की क्षमता के पचास फीसदी लोग को ही एक साथ उपस्थित

फाइजर के मुकाबले एस्ट्राजेनेका में 30% ज्यादा ब्लड क्लॉटिंग का खतरा: रिसर्च

फाइजर के मुकाबले एस्ट्राजेनेका में 30% ज्यादा ब्लड क्लॉटिंग का खतरा: रिसर्च

हे.जा.स. October 28 2022 24318

साथ ही स्टडी में बताया गया है कि एस्ट्राजेनेका की पहली डोज लेने के बाद 28 दिनों में कुल 862 युवाओं म

सर्दियों में हार्ट अटैक की संभावना बढ़ जाती है, बचाव के तरीके जानने के लिए पढ़ें।

सर्दियों में हार्ट अटैक की संभावना बढ़ जाती है, बचाव के तरीके जानने के लिए पढ़ें।

लेख विभाग November 18 2021 29077

दिल के मरीजों के लिए सर्दियों का मौसम खतरनाक माना जाता है। स्टडीज के मुताबिक इस मौसम में हार्ट अटैक,

डेंगू के बढ़ते केस, निजी लैब को देनी होगी मरीजों की टेस्ट रिपोर्ट

डेंगू के बढ़ते केस, निजी लैब को देनी होगी मरीजों की टेस्ट रिपोर्ट

आरती तिवारी November 18 2022 24809

डेंगू मरीजों से निजी पैथोलाजी सेंटर और प्राइवेट अस्पताल मनमानी फीस न वसूल सकें इसके लिए चिकित्सा एवं

Login Panel