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नयी दिल्ली। हाल के दिनों में हार्ट अटैक के मामले जिस तरह से बढ़े हैं वो सावधान होने की तरफ़ इशारा करता है। वहीं वैज्ञानिकों ने ऐसी तकनीक के बारे में बताया है जो दिल के मरीजों के लिए राहत की खबर है। दरअसल, अमेरिका के वैज्ञानिकों ने ऐसे मॉडल को विकसित किया है, जो दिल के रोग को लेकर आगे आने वाले 10 सालों का अनुमान लगा लेगा।
रिपोर्ट की मानें तो इस तकनीक का नाम CXR-CVD रिस्क है जिसकी खोज अमेरिका के नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट (National Cancer Institute) के वैज्ञानिकों ने की है। इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस तकनीक के लिए 11,430 मरीजों का अध्ययन किया है। इन सभी मरीजों के सीने का एक्स-रे (x-ray) हुआ था। इस एक्स-रे के बाद वह स्टेटिन थैरेपी (statin therapy) के लायक हो गए। इस थैरेपी से मरीजों का दिल के रोग (heart diseases) का खतरा कम हो जाता है।
इस स्टडी से जो परिणाम निकलकर आए उन्हें उत्तरी अमेरिका रेडियोलॉजिकल सोसायटी (RSNA) की एनुअल मीटिंग में रखा गया। बैठक में कहा गया कि यह एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (artifical Intelligence) है जिसे एक्स-रे की फिल्म को गहराई से देखने के लिए ट्रेंड किया जा सकता है। ताकि, दिल के रोग का पैटर्न पता चल सके।







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