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कानपुर में मिले डेंगू के 65 नए मरीज

एसीएमओ डा. आरएन सिंह का कहना है कि डेंगू के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। डेंगू मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। उनका कहना है कि मच्छरों का जबरदस्त प्रकोप है और लोग इसके प्रति जागरूक भी नहीं हैं।

श्वेता सिंह
November 20 2022 Updated: November 20 2022 05:24
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कानपुर में मिले डेंगू के 65 नए मरीज प्रतीकात्मक चित्र

कानपुर (लखनऊ ब्यूरो)। जिले में डेंगू का डंक घातक होता जा रहा है। विगत एक सप्ताह से डेंगू के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी इसकी चपेट में आ रहे हैं। हालांकि, अभी डेंगू के मरीजों के लिए प्लेटलेट्स की ज्यादा डिमांड नहीं हो रही है।

 

सरकारी और निजी अस्पतालों (hospital) में इलाज कराने वाले डेंगू संक्रमितों की संख्या 52 हो गई है। डेंगू संक्रमित मरीजों से उर्सला अस्पताल का डेंगू वार्ड (dengue ward)  फुल हो गया है। एलएलआर अस्पताल में डेंगू के छह मरीज भर्ती हैं। ओपीडी में कल्याणपुर के सौभाग्य अस्पताल से एक डेंगू (dengue) संक्रमित को एलएलआर अस्पताल रेफर किया गया है। उसकी स्थिति को देखते हुए भर्ती (admit) कर इलाज किया जा रहा है। इसी तरह से बड़ी संख्या में निजी अस्पतालों में भी डेंगू मरीजों का इलाज (treatment) चल रहा है।

 

वेक्टर बार्न डिजीज के नोडल अफसर एवं एसीएमओ डा. आरएन सिंह का कहना है कि डेंगू के खिलाफ लगातार अभियान (campaign) चलाया जा रहा है। डेंगू मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। उनका कहना है कि मच्छरों का जबरदस्त प्रकोप है और लोग इसके प्रति जागरूक भी नहीं हैं। जब तक सर्दी ज्यादा नहीं बढ़ेगी डेंगू नियंत्रित नहीं हो सकेगा। कड़ाके की सर्दी में डेंगू का एडीज मच्छर (mosquito) स्वयं मरने लगेगा।

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