देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

स्वास्थ्य

गर्भ में भ्रूण के दिल का हाल बताएगा फीटल इको टेस्ट 

सामान्यतः यह टेस्ट गर्भधारण के बाद दूसरी तिमाही में किया जाता है, जिस समय तक भ्रूण का हृदय इतना विकसित हो जाता है कि उसे इस टेस्ट में ठीक से देखा जा सके।

लेख विभाग
July 09 2022 Updated: July 09 2022 14:32
0 75909
गर्भ में भ्रूण के दिल का हाल बताएगा फीटल इको टेस्ट  प्रतीकात्मक चित्र

फीटल इको टेस्ट अल्ट्रासाउंड या सोनोग्राफी की तरह ही होता है जो कि एक चिकित्सक को विकसित होते भ्रूण के दिल को बेहतर तरीके से देखने में मदद करता है। फीटल इको की मदद से एक चिकित्सक जान पाता है कि भ्रूण के हृदय की संरचना कैसी है और वह ठीक से काम कर पा रहा है या नहीं।


फीटल इको टेस्ट कैसे किया जाता है - How is Fetal Echo Test done?
इस टेस्ट में ध्वनि तरंगों को बच्चे के दिल (baby's heart) की ओर केन्द्रित किया जाता है जो अंदरूनी अंगों से टकराकर वापस लौट जाती है। एक मशीन इन लौटती हुई ध्वनि तरंगों का विश्लेषण कर उन्हें कंप्यूटर स्क्रीन पर एक चित्र के रूप में दिखाती है जिसे इकोकार्डियोग्राम (echocardiogram) कहा जाता है। गर्भ में भ्रूण (fetus) की उम्र एवं स्थिति के आधार पर इस टेस्ट में अलग-अलग मरीजों के लिए अलग-अलग समय लग सकता है।


फीटल इको टेस्ट फायदे - Fetal Echo Test Benefits
इस टेस्ट की मदद से चिकित्सक जान पाता है कि हृदय के अन्दर किस तरह से रक्त प्रवाह हो रहा है और हृदय किस तरह से धड़क रहा है। अगर भ्रूण के दिल के वाल्व (heart valves) ठीक से काम नहीं कर रहे हैं तो उसका भी पता चल सकता है। इस टेस्ट का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इससे चिकित्सकों को गर्भ (womb) में ही हृदयरोगों का पता चल जाता है जिससे बच्चे के जन्म के बाद ईलाज के लिए वे पहले से ही तैयारी कर सकते हैं।


फीटल इको कब किया जाता है - When is a Fetal Echo Done
सामान्यतः यह टेस्ट गर्भधारण के बाद दूसरी तिमाही (विशेषतः 16 से 20 सप्ताह) में किया जाता है, जिस समय तक भ्रूण का हृदय इतना विकसित हो जाता है कि उसे इस टेस्ट में ठीक से देखा जा सके। 


हर गर्भवती महिला (pregnant woman) को यह टेस्ट करवाने की ज़रूरत नहीं होती है।अधिकतर मामलों में एक सामान्य अल्ट्रासाउण्ड (ultrasound) या सोनोग्राफी (sonography) में भी दिल के चारों हिस्सों को देखा जा सकता है। लेकिन जब सामान्य जाँचों के बाद चिकित्सक को लगता है कि भ्रूण को हृदय सम्बंधी कोई बीमारी हो सकती है या उसकी संरचना असामान्य है तो इसे सुनिश्चित करने के लिए फीटल इको किया जाता है।


निम्नलिखित कारणों से भी फीटल इको की आवश्यकता पड़ सकती है;
1) बच्चे के माता-पिता या उनके नजदीकी रिश्तेदारों में किसी को हृदयरोग हो।
2) महिला ने इसके पहले भी हृदयरोग से पीड़ित बच्चे को जन्म दिया हो।
3) गर्भवती महिला ने गर्भावस्था के दौरान चिकित्सक की सलाह के बिना कोई दवाई ली हो।
4) गर्भवती महिला ने गर्भावस्था के दौरान मदिरा का सेवन किया हो।
5) गर्भवती महिला को स्वास्थ्य सम्बंधित कोई समस्या हो जैसे-रूबेला, टाइप-1 डायबिटीज, ल्युपस, फिनाइलकीटोन्यूरिया आदि।


फीटल इको के लिए क्या तैयारी करनी होती है - What is the preparation for Fetal Echo
फीटल इको के लिए गर्भवती महिला को किसी विशेष तैयारी की आवश्यकता नहीं होती है, सिर्फ़ इससे पहले की गयी जाँचों की रिपोर्ट्स लानी होती है। चूँकि कभी-कभी इस टेस्ट में कुछ घंटे भी लग सकते हैं इसलिये महिला को अपने साथ किसी परिवारजन को लाने की सलाह भी दी जाती है।


इस टेस्ट में क्या जोखिम होते हैं - What is the preparation for Fetal Echo
फीटल इको करने से पहले मरीज को कोई इंजेक्शन या दवाई लेने की ज़रूरत नहीं होती और इस टेस्ट को सीधे पेट के ऊपर से ही किया जाता है। साथ ही इसमें एक्स-रे या किसी अन्य रेडिएशन का प्रयोग ना करके सिर्फ़ ध्वनि तरंगों का प्रयोग किया जाता है, इसलिए यह माँ एवं बच्चे, दोनों के लिए पूर्णतः सुरक्षित होता है।


लेखक - डॉ किंजल बक्शी, पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी, नारायणा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, रायपुर   

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक

स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक

आरती तिवारी April 12 2023 36862

प्रदेश में कोविड-19 के मामले बढ़े हैं किन्तु इससे घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि जिन मरीजों में कोर

बिना इलाज अस्पताल से ना लौटें डेंगू के मरीज: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक

बिना इलाज अस्पताल से ना लौटें डेंगू के मरीज: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक

admin November 02 2022 27561

उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अस्पताल आने वाला डेंगू पीड़ित कोई भी मरीज बगैर उपचार

अस्पताल में अव्यवस्थाओं का अंबार, अपर निदेशक ने लगाई क्लास

अस्पताल में अव्यवस्थाओं का अंबार, अपर निदेशक ने लगाई क्लास

विशेष संवाददाता May 21 2023 28642

अस्पताल में आई पोर्टेबल एक्सरे मशीन (X-ray machine) का प्रिंटर खराब मिला है। दवा वितरण काउंटर पर ज्य

ओपीडी में दिखाने के अगले महीने से नहीं लगेगा शुल्क: एम्स

ओपीडी में दिखाने के अगले महीने से नहीं लगेगा शुल्क: एम्स

आरती तिवारी October 03 2022 31001

एम्स ने अपने यहां इलाज कराने वाले लोगों के लिए बड़ा ऐलान किया है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (

ललिता देवीः 79 की आयु में निरोगी काया की स्वामिनी

ललिता देवीः 79 की आयु में निरोगी काया की स्वामिनी

लेख विभाग April 12 2022 44577

ललिता देवी सदैव से संयमी रहीं। मन, वचन और कर्म में एकसमान रहीं। अति तक तो कभी गईं ही नहीं। 79 की उम्

ओमिक्रोन संक्रमण और कोरोना संक्रमण दोनों के मामले बढ़े

ओमिक्रोन संक्रमण और कोरोना संक्रमण दोनों के मामले बढ़े

एस. के. राणा December 30 2021 39620

इधर कोरोना के मामले में भी इजाफा हुआ है। पिछले 24 घंटे में 13,154 नए कोरोना मरीज सामने आए हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने मनाया प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस

स्वास्थ्य विभाग ने मनाया प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस

आरती तिवारी May 11 2023 24625

पीएमएसएमए दिवस के आयोजन का मुख्य उद्देश्य दूसरी और तीसरी तिमाही की गर्भवती को प्रसव पूर्व कम से कम ए

बिहार में कोविड-19 के 4 मरीज मिले

बिहार में कोविड-19 के 4 मरीज मिले

विशेष संवाददाता December 27 2022 31791

गया पहुंचे 33 विदेशियों को सर्दी-जुकाम शिकायत होने के बाद आरटी पीसीआर जांच कराई गई जिसमें चार की रिप

एमवे इंडिया शत-प्रतिशत प्लास्टिक वेस्ट न्यूट्रल बना

एमवे इंडिया शत-प्रतिशत प्लास्टिक वेस्ट न्यूट्रल बना

रंजीव ठाकुर August 25 2022 22028

एमवे इंडिया 100% पोस्ट-कंज्यूमर प्लास्टिक वेस्ट का प्रबंधन करने और 100% प्री-कंज्यूमर प्लास्टिक वेस्

दुनिया की 25 फ़ीसदी महिलाएं अपने जीवनसाथी के हिंसा का शिकार

दुनिया की 25 फ़ीसदी महिलाएं अपने जीवनसाथी के हिंसा का शिकार

हे.जा.स. February 18 2022 41467

दुनिया में हर चार में से कम से कम एक महिला ने अपने जीवन में पार्टनर से हिंसा का अनुभव किया है। इस बा

Login Panel