












































कानपुर (लखनऊ ब्यूरो )। कानपुर शहर में डायरिया थम नहीं रहा है। यह लगातार लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। डायरिया इस बार नए तरह का लक्षण दे रहा है। उल्टी-दस्त से शरीर में नमक और पानी की कमी इतनी तेज होती है कि रोगी का ब्लड प्रेशर गिर जाता है।
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज (GSVM Medical College) के मेडिसिन विभाग के डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि रोगी बेहोशी की हालत (unconsciousness) में आ जाता है। 120/80 के स्थान पर डायरिया रोगी का ब्लड प्रेशर 85/45 तक हो जाता है। उसका बीपी और पल्स नहीं मिलती। रोगी तुरंत इमरजेंसी में भर्ती करके इलाज देना पड़ रहा है। इस बार इस तरह के रोगी अधिक आ रहे हैं। शनिवार को दो डायरिया रोगी ओपीडी (OPD) में बेहोश हो गए। उन्हें जल्दी से इमरजेंसी में दिखाया गया।
इसी तरह उर्सला की ओपीडी में भी रोगी आ रहे हैं। डायरिया (Diarrhea) के बाद उन्हें तेजी से कमजोरी आती है और बेहोशी आ जाती है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि जच्चा-बच्चा अस्पताल में डबलिंग की नौबत आ रही थी। इससे वार्ड नंबर नौ खोल दिया गया है। इसके साथ ही हैलट इमरजेंसी (emergency) में और व्यवस्था बनाई जा रही है। रोगियों की संख्या को देखते ही इमरजेंसी में जगह कम पड़ रही है। बालरोग के पीडियाट्रिक आईसीयू (Pediatric ICU) के बेड की संख्या लगभग दोगुना कर दी जाएगी। अभी 22 बेड हैं, यहां 42 बेड कर दिए जाएंगे।
इसके अलावा बालरोग अस्पताल में वायरल संक्रमण (viral infection) के कारण निमोनिया रोगी बढ़ रहे हैं। हैलट के वार्ड में इस समय 1060 रोगी भर्ती हैं। जच्चा-बच्चा अस्पताल में रोगी बढ़ने के कारण एक वार्ड और खोल दिया गया। डायरिया के रोगियों की तबियत तेजी से बिगड़ने की वजह के संबंध में डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि रोगियों को इस बार दस्त अधिक बार आ रहे हैं।







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