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आज के समय में दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है। ज्यादातर कम उम्र के वयस्क लोगों में। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है हमारी लाइफस्टाइल, डाइट और एक्सरसाइज की कमी। ये तीनों ही मोटापा, डायबिटीज और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ाती हैं।
अब बात अगर दिल की बीमारियों की करें तो आपको यह जानकर हैरानी हो सकती है कि कमर का बढ़ता मोटापा, दिल से जुड़ी बीमारियों खास कर कि हार्ट फेल्योर के खतरे को बढ़ा सकता है। हाल ही में बार्सिलोना में यूरोपियन सोसाइटी ऑफ कार्डियोलॉजी कांग्रेस (European Society of Cardiology congress) में प्रस्तुत ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford University) के अध्ययन में बताया गया है कि मोटी कमर वाले लोगों में पतली कमर वाले लोगों की तुलना में हार्ट फेल्योर का खतरा से 3.21 गुना अधिक हो सकता है। यह अध्ययन 13 साल तक के 430,000 ब्रिटिश लोगों में किया गया है।
प्रमुख शोधकर्ता डॉ अयोडिपुपो ओगुंटाडे (Dr Ayodipupo Oguntade) ने शोध के दौरान इस बात पर खास जोर दिया कि बढ़ती कमर की साइज बताती है कि आपके शरीर में ट्रांस फैट की मात्रा कितनी ज्यादा है और यह आपके लिए कितना नुकसानदेह हो सकती है। एक शोध में पाया गया है कि आपकी कमर का हर एक अतिरिक्त इंच हार्ट फेल्योर के खतरे को 10 से 11 फीसदी तक बढ़ा सकता है। इसलिए विशेषज्ञों का कहना है कि वजन कम करने की तुलना में अपनी बैली फैट को कंट्रोल करना जरूरी है।







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