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राज्यपाल द्वारा क्षय रोगियों को गोद लेने की परम्परा से पूरे देश को प्रेरणा मिली: मंयकेश्वर शरण सिंह

राजभवन में राज्यमंत्री चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंयकेश्वर शरण सिंह, प्रमुख सचिव राज्यपाल कल्पना अवस्थी की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत क्षय रोगियों को गोद लेने का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।

रंजीव ठाकुर
September 17 2022 Updated: September 18 2022 03:59
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राज्यपाल द्वारा क्षय रोगियों को गोद लेने की परम्परा से पूरे देश को प्रेरणा मिली: मंयकेश्वर शरण सिंह राजभवन में राज्यमंत्री चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंयकेश्वर शरण सिंह, प्रमुख सचिव राज्यपाल कल्पना अवस्थी क्षय रोगियों को गोद लेने के कार्यक्रम में

लखनऊ। राजभवन स्थित गांधी सभागार में राज्यमंत्री चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंयकेश्वर शरण सिंह, प्रमुख सचिव राज्यपाल कल्पना अवस्थी की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत क्षय रोगियों को गोद लेने का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।

 

प्रधानमंत्री ‘क्षय मुक्त भारत अभियान‘ (TB Mukt Bharat) के अंतर्गत देश के प्रधानमंत्री के जन्मदिवस (PM Modi birthday) के अवसर पर राजभवन में 100 क्षय रोगियों (TB patients) को गोद लेकर अभियान को रफ्तार देने में सक्रिय योगदान दिया गया। जिसमें 30 रोगी राजभवन (Raj Bhavan) के अधिकारियों एवं कार्मचारियो द्वारा तथा 70 रोगी विश्वविद्यालय के कुलपतियों तथा अन्य शीर्ष अधिकारियों द्वारा गोद (TB patients adoption) लिए गए।

कार्यक्रम में राजभवन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा गोद लिए गए सभी 30 रोगी भी उपस्थित थे, जिन्हें राज्यमंत्री चिकित्सा एवं स्वास्थ्य (Medical and Health) मंयकेश्वर शरण सिंह, प्रमुख सचिव राज्यपाल (Governor) कल्पना अवस्थी तथा चिकित्सा विभाग के अधिकारियों द्वारा पोषण सामग्री के बैग प्रदान किए गए।

 

राज्यमंत्री मंयकेश्वर शरण सिंह (Mayykeshwar Sharan Singh) ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री ने देश को वर्ष 2025 तक क्षय रोग मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। हमारे प्रदेश के नागरिकों ने जिस आत्मविश्वास से कोविड उन्मूलन में आपसी सहयोग किया, उसी आत्मविश्वास और आपसी सहयोग से प्रदेश को टीबी मुक्त भी बनाना है।

उन्होंने कहा प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल (Anandiben Patel,) ने प्रधानमंत्री के लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्र्रतिबद्धता से कार्य करते हुए स्वेच्छा से क्षय रोगियों को गोद लेने की जिस परम्परा की शुरूआत की उससे पूरे देश को प्रेरणा मिली और इसे देश भर में लागू कर दिया गया है।

 

प्रमुख सचिव राज्यपाल कल्पना अवस्थी ने कहा कि क्षयरोग (tuberculosis) इस समय विश्व स्तर पर चिंता का विषय है। बड़ी जनसंख्या वाला देश होने के कारण विश्व का हर चौथा क्षयरोगी भारत में तथा भारत का हर पांचवा क्षयरोगी उत्तर प्रदेश में है। ऐसी स्थिति में राज्यपाल द्वारा क्षयरोग उन्मूलन की दिशा में क्षय रोगियों को गोद लेकर रोगमुक्त करने कि दिशा में चलाया गया अभियान ‘क्षय मुक्त उत्तर प्रदेश‘ के लक्ष्य को गति प्रदान कर रहा है।

 

इसके साथ ही इससे प्रेरित होकर देश भर में लागू ये योजना इस अभियान की सफलता का परिदृश्य भी स्थापित कर रही है। प्रमुख सचिव ने कार्यक्रम में स्वयं रोगियों से मिलकर उनकी जानकारी ली और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने के लिए उत्साहवर्द्धन किया।

 

इस अवसर पर कार्यक्रम में राज्य क्षयरोग अधिकारी (Tuberculosis Officer) डॉ0 शैलेन्द्र भटनागर ने जानकारी दी  कि राज्यपाल द्वारा क्षय रोगी को एवं उसके परिवार को भावनात्मक सहयोग प्रदान करना, पोषण सम्बन्धी सहायता (nutritional support) देना और चिकित्सा सम्बन्धी सहायता के लिए व्यवस्थागत सहयोग देने के उद्देश्य से गोद लेने का कार्य प्रारम्भ किया गया था, जिसमें अब बच्चों के साथ-साथ व्यस्क रोगी भी गोद लिए जा रहे हैं और उन्हें पोषण सामग्री का वितरण किया जा रहा है।

 

उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी 75 जनपदों में यह गतिविधि चल रही है। क्षयरोगी को गोद लेने वाले को ‘निक्षय मित्र‘ कहा जाता है। उत्तर प्रदेश में 16 सितम्बर, 2022 तक पंजीकृत निक्षय मित्रों (Nikshay Mitra) की संख्या 5296 है। टीबी रोगी को सहायता प्रदान करने की न्यूनतम अवधि अब एक वर्ष है जो कि पहले 06 माह थी।

 

कार्यक्रम में चिकित्सा एवं स्वास्थय विभाग के प्रमुख सचिव, महानिदेशक, क्षय रोगियों को गोद लेने वाले विश्वविद्यालयों के कुलपति और शीर्ष अधिकारी, राजभवन के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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