












































प्रतीकात्मक
लखनऊ। केजीएमयू के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने पर 75 पौधों का पौधारोपण हुआ। औषधीय पौधे एवं नवग्रह वाटिका का लोकार्पण विशेष आकर्षण रहा।
किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग की स्थापना सन् 1946 में हुई थी। वर्ष 2021में इस विभाग की स्थापना के 75 वर्ष पूर्ण हो रहे है। विभाग के विभागाध्यक्ष डा0 सूर्यकान्त ने बताया कि विभाग की स्थापना के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विभाग प्लेटिनम जुबली समारोह की श्रृंखला मना रहा है। इसी कड़ी में 75 वर्ष 75 पौधे के ध्येय वाक्य के साथ 75 पौधों का रोपण विभाग में किया गया।
ज्ञात रहे कि केजीएमयू के कुलपति ले0ज0 डा0 विपिन पुरी ने हाल ही में सभी विभागाध्यक्षों को अपने विभाग में’’ग्रीन जोन’’विकसित करने के लिए निर्देशित किया है।
डा0 सूर्यकान्त ने बताया कि कुलपति के आदेश का अनुपालन करते हुए विभाग में एक नया ग्रीनजोन रोटरी क्लब के सहायता से विकसित किया जा रहा है।इस निर्माणाधीन ग्रीनजोन में ही 75 पौधो का रोपण किया गया।
आज जिन पौधो का रोपण किया गया उसमें सबसे उल्लेखनीय है नवग्रहों से सम्बंधित पौधे व हर्बल मेडिसिन के पौधे। डा0 सूर्यकान्त ने बताया कि भारतीय संस्कृति में नवग्रहों (सूर्य, चन्द्रमा, मंगल, बुद्ध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु और केतु) के अनुसार उनके पौधों का विवरण मिलता है।
इस वृक्षारोपण कार्यक्रम में एक नवग्रह वाटिका का निर्माण किया गया।इसके हिसाब से पौधों का रोपण किया गया जैसे-कुश, केला, शमी, लटजीरा, सदाबहार, पलाश, गुड़हल, आदि पौधो का रोपण किया गया।
इसके साथ ही ऐसे पौधे जिनका चिकित्सकीय महत्व है उनका भी पौधारोपण सम्पन्न हुआ जैसे-हरजोड़, ब्राहमी, जलनीम, भृंगराज, अन्तमूल, लाजवन्ती, अजूबा, पीपली, अनन्तमूल, सालपर्णी, अपराजिता, शतावरी, घृतकुमारी (एलोवेरा), गूग्गल, तुलसी, अश्वगंधा, हरसिंगार आदि प्रमुख है। इसके अतिरिक्त कई तरह के फूलों एवं अन्य पौधो का भी पौधारोपण किया गया।
इस 75 पौधा रोपण समारोह के मुख्य अतिथि डा0 एस0एन0 शंखवार, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, केजीएमयू थे। उन्होंने रेस्पिरेटरी विभाग के 75 वर्ष पूर्ण होने पर विभागाध्यक्ष डा0 सूर्यकान्त, विभाग के सभी चिकित्सकों, जूनियर डाक्टर्स एवं सभी स्वास्थ्य कर्मियों को बधाई दी एवं विभाग की प्रगति के लिए अपनी शुभकामनाएं दी।
डा0 सूर्यकान्त ने बताया कि एक व्यक्ति को प्रतिदिन 350 लीटर ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है और ये हमें पेड़ पौधो से ही मिलती है। अतः पौधे ही भविष्य की ऑक्सीजन है।
इस अवसर पर रोटरी क्लब के अध्यक्ष नरेश अग्रवाल, भारती गुप्ता व अशोक टण्डन ने डा0 सूर्यकान्त को उनके पर्यावरण के प्रति लगाव व इस ग्रीनजोन के विकसित होने में प्रमुख भूमिका निभाने के लिए बधाई दी और रोटरी क्लब की ओर से एक सम्मान पत्र भी प्रदान किया।
इस अवसर पर पूर्व विभागध्यक्ष डा0 राजेन्द्र प्रसाद, माध्यमिक शिक्षा निदेशक विनय कुमार पाण्डेय, उपनिदेशक राधाकृष्ण तिवारी, विभाग के समस्त चिकित्सक डा0 सन्तोषकुमार, डा0 राजीव गर्ग, डा0 अजय कुमारवर्मा, डा0 दर्शन कुमार बजाज, डा0 ज्योति बाजपाई, डा0 अंकितकुमार, डा0 रिचात्यागी, डा0 अमित, डा0 सपना, डा0 नवीन एवं संकाय के समस्त सदस्य गण उपस्थित रहे।
इस कार्यक्रम मेें रोटरी क्लब की ओर से 25 सदस्य भी सम्मिलित हुए।इन सभी लोगों ने 75 पौधो का पौधा रोपण किया। प्रख्यात पर्यावरणविद चन्द्रभूषण तिवारी ने नवग्रह वाटिका का निर्माण करवाया एवं उसका महत्व समझाया।इस ग्रीन जोन को विकसित करने के लिए कुलपति ने डा0 सूर्यकान्त एवं विभाग को बधाई दी।







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