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लखनऊ। डॉ. राममनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के शहीद पथ स्थित रेफरल सेंटर में भी अब इनफर्टिलिटी (infertility) का इलाज हो सकेगा। इसके लिए संस्थान में रीप्रॉडिक्टिव मेडिसिन (reproductive medicine) की यूनिट शुरू की गई है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मंगलवार को इसकी ओपीडी (OPD) का उद्घाटन किया। यहां हर शुक्रवार ओपीडी चलेगी। इससे जुड़ी जांचें भी संस्थान में हो सकेंगी।
रीप्रॉडक्टिव मेडिसिन यूनिट के उद्घाटन पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक (Deputy CM Brajesh Pathak) ने कहा कि प्रदेश में सरकारी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड की काफी दिक्कत थी। इसके लिए हमने निजी सेंटरों को जोड़ा। शुरूआत में इनकी संख्या 350 थी, जो बढ़कर अब 1200 हो गई है। वहीं लोहिया संस्थान (Lohia Institute) की निदेशक डॉ. सोनिया नित्यानंद ने कहा कि यह सेंटर शुरू होने से इनफर्टिलिटी से जूझ रही महिलाओं को भी इलाज मिल सकेगा।
रीप्रॉडक्टिव मेडिसिन यूनिट की नोडल ऑफिसर डॉ. मालविका मिश्रा ने बताया कि सेंटर में इंट्रा यूट्राइन इनसेमिनेशन की सुविधा मिलेगी। दवाओं से गर्भधारण की संभावना 6 से 8 प्रतिशत होती है, जबकि आईयूआई (ICU) से यह संभावना 15 फीसदी तक हो जाती है।साथ ही डॉ. मालविका मिश्रा ने कहा कि रीप्रॉडक्टिव मेडिसिन में उन महिलाओं और युवतियों को दिखाने की खास जरूरत है, जिनका एक बार से अधिक गर्भपात हो चुका है। गर्भपात (abortion) करवाने पर अंदर की झिल्ली क्षतिग्रस्त हो जाती है। ऐसे में कई बार गर्भधारण में समस्या पैदा होती है।







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