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नयी दिल्ली। खराब सिरप की वजह से पिछले कुछ समय में 3 देशों में कम से कम 300 बच्चों की मौत के बाद डब्ल्यूएचओ एक्शन में नजर आ रहा है। वहीं इस वैश्विक संगठन ने सभी सदस्य देशों के नियामकों से बाजार में मौजूद घटिया और नकली दवाओं से बचने को लेकर दूषित सिरप को चलन से बाहर करने, इन दवाओं पर निगरानी बढ़ाने और इसके इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए कहा है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ओर से जारी बयान में दवा निर्माताओं (drug manufacturers) से केवल फार्मास्युटिकल-ग्रेड सामग्री खरीदने और उनका टेस्ट कराने के लिए भी कहा है। साथ ही इसमें कहा गया है कि 7 देशों से ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें ज्यादातर पीड़ित 5 साल से कम उम्र के बच्चे हैं। सदस्य देशों को अलर्ट करते हुए डब्ल्यूएचओ ने अपने बयान में कहा, “चूंकि ये अलग-अलग घटनाएं नहीं हैं, इसलिए डब्ल्यूएचओ चिकित्सा आपूर्ति श्रृंखला (medical supply chain) में लगे कई प्रमुख हितधारकों से तत्काल और मिल-जुलकर कार्रवाई करने का आह्वान करता है।”
डब्ल्यूएचओ ने जारी किया मेडिकल अलर्ट- WHO issued medical alert
सभी सिरप (syrup) या तो संदिग्ध पाए गए या इनमें दो दूषित तत्वों (contaminants) (एथिलीन ग्लाइकॉल और डाय-एथिलीन ग्लाइकॉल) का इस्तेमाल दिखा, जो मनुष्यों के लिए खतरनाक थे और पेट में दर्द, उल्टी, दस्त, पेशाब करने में असमर्थता, सिरदर्द और मानसिक स्थिति पर असर जैसे कई का कारण बन सकते थे। इससे भी अहम बात यह है कि इससे किडनी पर गहरा असर पड़ सकता है जो बच्चों के लिए घातक हो सकती है।







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