देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

क्रोनिक आब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिसीज की नई अन्तरराष्ट्रीय गाईडलाइंस हुयी जारी

आईएमए-एकेडमी ऑफ मेडिकल स्पेशलिटीज के नेशनल वायस चेयरमैन  डॉ  सूर्यकान्त ने बताया कि पहली गोल्ड गाईडलाईन सन् 2001 में प्रतिपादित हुयी थी, उसके बाद से प्रतिवर्ष गोल्ड रिपोर्ट को अपडेट करता है। गोल्ड 2023 की मुख्य बातें निम्नवत हैं। 

हुज़ैफ़ा अबरार
November 17 2022 Updated: November 17 2022 03:07
0 30729
क्रोनिक आब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिसीज की नई अन्तरराष्ट्रीय गाईडलाइंस हुयी जारी प्रतीकात्मक चित्र

लखनऊ। ग्लोबल इनीसिएटिव फार क्रोनिक आब्सट्रक्टिव लंग डिसीज (गोल्ड) प्रतिवर्ष सीओपीडी की गाईडलाईन जारी करती है। यह एक अन्तरराष्ट्रीय संस्था है, जिसका गठन सन् 1997 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ), नेशनल इंसटिट्यूट आफ हेल्थ (एनआईएच) और नेशनल हार्ट, लंग एवं ब्लड इंसटिट्यूट (एनएचएलबीआई) के संयुक्त प्रयास से हुआ था। 


आईएमए- एकेडमी ऑफ मेडिकल स्पेशलिटीज (एएमएस) के नेशनल वायस चेयरमैन  डॉ  सूर्यकान्त ने बताया कि पहली गोल्ड गाईडलाईन सन् 2001 में प्रतिपादित हुयी थी, उसके बाद से प्रतिवर्ष गोल्ड रिपोर्ट को अपडेट करता है। गोल्ड 2023 की मुख्य बातें निम्नवत हैं। 


इंडियन चेस्ट सोसाइटी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डा सूर्यकान्त ने बताया कि वर्तमान में ग्लोबल प्रिविलेन्स आफ सीओपीडी (सीओपीडी का वैश्विक प्रसार) 10.3 प्रतिशत है। गोल्ड की नई गाईडलाईन के अनुसार गरीब देशो में बढ़ता हुआ धूम्रपान एवं अमीर देशों में बूढ़ी होती जनता की वजह से सीओपीडी दुनिया भर में तेजी से बढ़ रहा है। इस समय दुनियां भर में प्रतिवर्ष 30 लाख लोग सीओपीडी की वजह से मौत के घाट उतर जाते है। 


नई रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है कि वर्ष 2060 तक बढ़ते हुए धूम्रपान (गरीब देशो में) एवं बूढ़ी होती जनता (अमीर देशों में) की वजह से सीओपीडी से मरने वालों की संख्या 54 लाख से ज्यादा हो सकती है। विभिन्न रिपोर्ट यह कहती है कि लगभग 6 प्रतिशत लोग सीओपीडी से पीडित हैं। नानस्मोकर (जो धूम्रपान नहीं करते हैं) की तुलना में एक्स-स्मोकर (जिन्होंने कम से कम एक वर्ष से ज्यादा धूम्रपान किया है) और स्मोकर्स (धूम्रपान करने वाले लोग) में सीओपीडी ज्यादा होती है। 


धूम्रपान सी.ओ.पी.डी. का प्रमुख जोखिम कारक है। विकसित देशों में कुल सीओपीडी केसेज का 70 प्रतिशत कारण धूम्रपान है, जबकि निम्न मध्यम आय वाले देशों में 30 से 40 प्रतिशत है। नई रिपोर्ट के अनुसार 50 प्रतिशत स्मोकिंग (धूम्रपान) और 50 प्रतिशत नान-स्मोकिंग कारक सीओपीडी के लिए जिम्मेदार होते है। दुनिया में 3 अरब लोग भोजन बनाने, आग जलाने एवं अन्य जरूरतों के लिए कोयला, उपले, लकड़ी, अंगीठी, मिट्टी के चूल्हे आदि का इस्तेमाल करते है, जिसे बायोमास फ्यूल एक्सपोजर के नाम से जाना जाता है। इन सब लोगों में भी सीओपीडी होने का खतरा बढ़ जाता है।


इन्फ्लूएंजा, कोरोना, निमोनिया, हुपिंग कफ का टीकाकरण सीओपीडी के मरीजो को चिकित्सकों के परामर्श से करवाना चाहिए। सीओपीडी और कोविड 19 से संबन्धित नई गाईडलाईन, टेली मेडिसिन के लिए अपडेटेड रिपोर्ट, स्पाइरोमेट्री से संबन्धित नियम सम्मिलित किये गये है।


डा सूर्यकान्त, रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग, केजीएमयू के विभागाध्यक्ष ने बताया कि सामान्यतः लंग कैंसर की वजह से बहुत से सीओपीडी के मरीजों की मृत्यु हो जाती है। अतः एनुअल लो डोज सीटी स्कैन  सीओपीडी के उन मरीजों में कराना चाहिए जिन्हें यह बीमारी स्मोकिंग की वजह से हुयी हो। जिससे लंग कैंसर और सीओपीडी दोनों बीमारियों को बेहतर इलाज किया जा सकेगा। 


हड्डी से जुड़ी हुयी बीमारियां, डिप्रेसन एवं एंग्जायटी की समस्या सीओपीडी के मरीजों में प्रायः अनदेखी कर दी जाती है। सीओपीडी के मरीजों में इन बीमारियों का उचित निरीक्षण किया जाना चाहिए और उनका समुचित उपचार किया जाना चाहिए। इसके अलावा सीओपीडी के मरीजो का इलाज उनकी अन्य बीमारियों (हृदय रोग, डायबिटीज आदि) को ध्यान में रखते हुए उनके इलाज के साथ-साथ सीओपीडी का भी इलाज करना चाहिए। इसके अलावा सीओपीडी की नई गाईडलाईन में कुछ नई परिभाषाएं, नैदानिक विधियां, उपचार की नयी तकनीकियां, इन्हेलर डिवाइसेस, जांच के तरीकों आदि में संशोधन करते हुए नवाचार विकसित किया गया है।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

क्या आप भी नाश्ते में खाते हैं चाय पराठा? तो हो जाएं सावधान

क्या आप भी नाश्ते में खाते हैं चाय पराठा? तो हो जाएं सावधान

लेख विभाग July 03 2023 53374

चाय और पराठे को साथ में खाने से शरीर में ब्लड शुगर की मात्रा बढ़ जाती हैं। इसलिए अगर आपको डायबिटीज नह

10 नए प्राइवेट आयुर्वेद मेडिकल कॉलेजों को मान्यता मिली, बीएएमएस में दाखिले के अवसर बढ़े

10 नए प्राइवेट आयुर्वेद मेडिकल कॉलेजों को मान्यता मिली, बीएएमएस में दाखिले के अवसर बढ़े

एस. के. राणा March 04 2022 43746

एक तरफ मानक पूरे न होने पर 12 आयुर्वेद कॉलेजों की मान्यता रद्द हुई तो दूसरी तरफ इतने ही आयुर्वेदिक क

जानिए एनीमिया को लेकर सरकार चिंतित क्यों ?

जानिए एनीमिया को लेकर सरकार चिंतित क्यों ?

लेख विभाग February 02 2023 31943

भारत में बड़े पैमाने पर फैली इस बीमारी को खत्म करने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की

मरीजों को राहत, राम मनोहर लोहिया अस्पताल में जांच का समय बढ़ा

मरीजों को राहत, राम मनोहर लोहिया अस्पताल में जांच का समय बढ़ा

एस. के. राणा December 13 2022 40072

मिली जानकारी ने मुताबिक लोहिया अस्पताल में शाम 5 बजे तक जांच के सैंपल लिए जाएंगे। इससे मरीजों को निज

चेहरे को स्लिम करने के लिए करें एक्सरसाइज।

चेहरे को स्लिम करने के लिए करें एक्सरसाइज।

सौंदर्या राय December 02 2021 46213

आप अपने चेहरे की एक्सरसाइज करके अपने चेहरे को पतला दिखा सकतीं हैं। एक्सरसाइज चेहरे की मांसपेशियों को

सुनने की क्षमता पर दुष्प्रभाव डाल सकता है ओमिक्रोन संक्रमण: विशेषज्ञ स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी

सुनने की क्षमता पर दुष्प्रभाव डाल सकता है ओमिक्रोन संक्रमण: विशेषज्ञ स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी

हे.जा.स. January 24 2022 33495

यदि आपको कान में दर्द, कान का बजना, सीटी जैसी सनसनी, कान में झुनझुनी महसूस हो रही है, तो यह कोरोना व

कोरोना संक्रमण के 30,256 नए मामले सामने आए।

कोरोना संक्रमण के 30,256 नए मामले सामने आए।

एस. के. राणा September 20 2021 22788

स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी कि पिछले 24 घंटों में देश भर में संक्रमण से 43,938 लोग ठीक भी हुए ह

नीट यूजी राउंड 1 चॉइस फिलिंग प्रोसेस आज से शुरू

नीट यूजी राउंड 1 चॉइस फिलिंग प्रोसेस आज से शुरू

विशेष संवाददाता October 15 2022 31044

एमसीसी 21 अक्टूबर 2022 को नीट यूजी राउंड 1 सीट अलॉटमेंट का परिणाम घोषित करेगा। काउंसलिंग प्रक्रिया च

यथार्थ हॉस्पिटल ने वॉकथॉन का आयोजन कर मनाया वर्ल्ड हार्ट डे, अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने दिखाई हरी झंडी

यथार्थ हॉस्पिटल ने वॉकथॉन का आयोजन कर मनाया वर्ल्ड हार्ट डे, अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने दिखाई हरी झंडी

हुज़ैफ़ा अबरार September 28 2025 7862

दिल्लीवासियों के लिए कार्डियोलॉजी सेवाओं में एक बड़ा कदम साबित होने वाली फिलिप्स अजुरियन कार्डियक कै

हार्ट अटैक के शुरूआती घंटो में समय से इलाज करने पर बहुत सारी जानें बच सकती हैं।

हार्ट अटैक के शुरूआती घंटो में समय से इलाज करने पर बहुत सारी जानें बच सकती हैं।

लेख विभाग October 01 2021 35749

गोल्डन ऑवर अक्सर एक ऐसा समय होता है जो यह तय करता है कि मरीज बच पाएगा या नहीं। ऐसा इसलिए है क्योंकि

Login Panel