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केजीएमयू में अब नहीं पहन सकेंगे जींस-टीशर्ट

इंडक्शन मीट के दौरान केजीएमयू के डीन प्रो. आरएन श्रीवास्तव ने कहा कि संस्थान में अनुशासन के लिए ड्रेस कोड जरूरी है। ऐसे में छात्र क्लास या ड्यूटी के समय वॉर्ड में जींस, योगा पैंट्स, पोलो शर्ट और कैपरी नहीं पहन सकेंगे।

श्वेता सिंह
November 17 2022 Updated: November 17 2022 02:22
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केजीएमयू में अब नहीं पहन सकेंगे जींस-टीशर्ट केजीएमयू

लखनऊ। केजीएमयू के स्टूडेंट और रेजिडेंट डॉक्टर अब क्लास और विभाग में ड्यूटी के दौरान जींस और डीप नेक टॉप नहीं पहन सकेंगे। इसके साथ सभी को सफेद एप्रन के साथ नेम प्लेट और आई कार्ड पहनना अनिवार्य होगा।

 

केजीएमयू (KGMU) में नए छात्रों की इंडक्शन मीट के मौके पर यह घोषणा की गई। इसके तहत एमबीबीएस (MBBS), बीडीएस, एमडी, एमडीएस, एमएस, डीएम, एमसीएच, नर्सिंग और पैरामेडिकल (paramedical) समेत तमाम कोर्सों के स्टूडेंट और रेजिडेंट डॉक्टर फॉर्मल (formal) ड्रेस ही पहन सकेंगे। छात्र शर्ट-पैंट पहनेंगे तो छात्राएं कमीज, सलवार के साथ पैंट और लैगिंग पहन सकेंगी।

 

इंडक्शन मीट (induction meet) के दौरान केजीएमयू के डीन प्रो. आरएन श्रीवास्तव ने कहा कि संस्थान में अनुशासन के लिए ड्रेस कोड (dress code) जरूरी है। ऐसे में छात्र क्लास या ड्यूटी के समय वॉर्ड में जींस, योगा पैंट्स, पोलो शर्ट और कैपरी नहीं पहन सकेंगे। इसी तरह छात्राओं को डीप नेक लाइन टॉप्स पहनने से मना किया गया है। प्रो. आरएन श्रीवास्तव ने कहा कि मेडिकल (medical) स्टूडेंट मरीजों के बीच जाएं तो उन्हें डॉक्टर की तरह लगना चाहिए। इसी कारण यह नियम लागू किया गया है। वहीं, पहचान के लिए नेम प्लेट का सिस्टम है, जिसमें छात्र का नाम और बैच लिखा होगा। यह डीएसडब्ल्यू कार्यालय की ओर से दिया जाएगा। इसके साथ विशेष बारकोड (barcode) वाला आई कार्ड भी दिया जाएगा, जो आईटी विभाग बनाएगा। छात्रों को स्वास्थ्य लाभ के लिए हेल्थ कार्ड (health card) भी मुहैया करवाया जाएगा।

 

प्रो. आरएन श्रीवास्तव ने बताया कि ड्रेस कोड का मतलब यह नहीं कि छात्रों (student) के लिए जींस-टॉप आदि पूरी तरह बैन है। क्लास रूम में पढ़ाई के दौरान और वार्ड व हॉस्पिटल (hospital) में वर्किंग ऑवर में यह ड्रेसकोड लागू रहेगा। क्लास और ड्यूटी खत्म होने के बाद सभी छात्र मनमाफिक ड्रेस पहन सकेंगे। इस पर कोई रोक नहीं है।

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