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मुंहासों का घर पर करें इलाज।

मुहांसे होने का मतलब यह बिलकुल नहीं है कि आपकी स्किन गन्दी या अशुद्ध है, बल्कि स्किन को अत्यधिक साफ़ करने से स्किन और अधिक उत्तेजित हो सकती है |

सौंदर्या राय
October 10 2021 Updated: October 10 2021 15:20
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मुंहासों का घर पर करें इलाज। प्रतीकात्मक

लाइफ में कभी न कभी आपको पिम्पल्स का सामना करना ही पड़ता है जो या तो हार्मोन्स के कारण या तनाव के कारण उत्पन्न होते हैं | आम धारणा के विपरीत मुहांसे होने का मतलब यह बिलकुल नहीं है कि आपकी स्किन गन्दी या अशुद्ध है, बल्कि स्किन को अत्यधिक साफ़ करने से स्किन और अधिक उत्तेजित हो सकती है | हालाँकि, हार्मोन्स अनियंत्रित नहीं होते और अपने मुहांसों के प्रकोप से मुक्ति पाने के लिए आप कुछ सरल बदलाव कर सकते हैं और बहुत जल्दी अपनी चमकदार, स्वस्थ और मुंहासों से मुक्त स्किन वापस पा सकते हैं |

घर पर ऐसे करें इलाज़ |

1. एक पी एच बैलेंस करने वाले क्लीनजर से दिन में दो बार रोज़ अपना चेहरा धोएं: अपनी स्किन को साफ़ करने का पहला चरण है कि त्वचा की एसिड मेंटल को दुरुस्त रखने के लिए एक अनुशासित क्लीनजिंग रूटीन को व्यवस्थित करें और इस प्रकार एक्ने वल्गेरिस (acne vulagaris) की वृद्धि को रोकें | इसके लिए कमर कास लें और खुद को5 पीएच बैलेंस वाले क्लीनजर से चेहरा धोने के लिए तैयार करें, जब आप सुबह सोकर उठें और रात में सोने से पहले | कभी-कभी बहुत थके होने या व्यस्त होने की स्थिति में अपनी स्किन को साफ़ करने के लिए थोड़े अतिरिक्त मिनट्स लेने से मुहांसे काफी हद तक कम हो जायेंगे |

  • अगर आपको चेहरे के अलावा शरीर के अन्य भागों जैसे कन्धों, पीठ या छाती पर मुहांसे हों तो इन स्थानों पर इसी प्रकार दिन में दो बार स्क्रबिंग करें |
  • अगर आप मेकअप लगते हों तो इसे धोने से पहले कभी सोने न जाएँ | मेकअप के साथ सोना, आपके मुहांसों की संख्या बढ़ाने का अचूक तरीका है और ऐसा करने से मुहांसों से छुटकारा पाना और मुश्किल बन जाता है | मेकअप के सभी अवशेषों को हटाने के लिए नियमित क्लीनजर के द्वारा मुंह धोने से पहले एक आयल फ्री मेकअप रिमोवर का उपयोग करें |

2. तेल के उपयोग के द्वारा अपना चेहरा धोएं: यह आयल क्लीनजिंग मेथड (OCM) कहलाती है, यह एशिया में बहुत प्रसिद्ध है और इसका प्रचालन बढ़ता जा रहा है | यह एक वैकल्पिक क्लीनजिंग मेथड है जो स्किन के लिए बहुत सौम्य है और संवेदनशील त्वचा के लिए विशेषरूप से उपयोगी है |

  • इसके लिए आप तेल लें जैसे ऑलिव आयल, कैस्टर आयल, एग आयल (eggoil) और अंगूर के बीज का तेल |

3. अपने चेहरे की स्किन को एक्स्फोलियेट करें: एक्स्फोलियेट्स मृदु स्क्रबिंग प्रोडक्ट्स होते हैं जो डेड स्किन सेल्स को झड़ा देते हैं जो कि मुहांसों के कारण बनती है और मुहांसों को उत्पन्न भी करती है | एक्स्फोलियेशन केमिकल या फिजिकल हो सकते हैं |

  • मृदु रूप में उपयोग करें के लिए, एक केमिकल एक्स्फोलियेटर का उपयोग करें जिनमे स्किन को झडाने के लिए एएचए या बीएचए युक्त केमिकल में पीएच लेवल 3 और 4 के बीच हो |
  • एक बीएचए प्रोडक्ट में अधिकतर सैलिसिलिक एसिड पाया जाता है और इसके सही रूप से काम करने के लिए इसका पीएच बैलेंस 3 से 4 के बीच होना जरुरी है | यह मृत त्वचा कोशिकाओं को झड़ाने का काम करता है और नयी स्किन सेल्स की वृद्धि को प्रेरित करता है | इसके फलस्वरूप आप अपने मुहांसे के चारों ओर परत और सूखी त्वचा का अनुभव कर सकते हैं लेकिन समय के साथ आपकी स्किन के तेज़ी से पुनर्जीवित होने की शुरुआत होने पर यह गायब हो जाएगी | इसे एक क्लीनजर या स्पॉट ट्रीटमेंट में अपनी स्किन पर प्रतिदिन मुहांसे से प्रभावित जगहों पर प्रयोग करें |
  • एस्पिरिन (aspirin) टेबलेट जिसमे सैलिसिलिक एसिड (salicylic acid) पाया जाता है एक अच्छा बीएचए हो सकता है और पानी के साथ मिलकर इसे अपने मुहांसों पर लगाने से उनकी सूजन और लालिमा कम की जा सकती है |
  • अपनी स्किन पर शहद की एक पतली परत को मलें और 30 मिनट तक इसे लगा रहने दें | अब गर्म पानी से धोकर साफ़ कर लें | शहद का पीएच 3 से 6 के बीच बदलता रहता है लेकिन 3 से 4 के बीच के पीएच पर इसमें एएचए पाया जाता है जो स्किन को एक्स्फोलियेट करेगा |
  • फिजिकल एक्स्फोलियेशन के लिए, एक कोंजक (konjac) स्पंज खरीदें जो चेहरे पर उपयोग करने के लिए उचित है |
  • फिजिकल एक्स्फोलियेशन के लिए, ओटमील का उपयोग एक एक्स्फोलियेंट की तरह करें | ओटमील को शहद में मिलाएं और अपने चेहरे पर 2-3 मिनट तक मलें फिर गुनगुने पानी से धीरे- धीरे धोकर इसके अवशेषों को साफ़ करें |

4. सक्रिय मुहांसों के लिए एसेंशियल आयल (essential oils) का उपयोग करें: माना जाता है कि नीम तेल और टी ट्री (tea tree) आयल में एंटीमाइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं जो मुहांसे उत्पन्न करने वाले बैक्टीरिया को मार देते है | टी ट्री आयल या नीम के तेल के विरल रूपांतर की एक बूँद लेकर प्रत्येक स्पॉट पर थपथपाएं या एक गीली कॉटन स्वाब पर इसे लेकर प्रभावित जगहों पर लगाये और फिर पोंछ लें |

  • टी ट्री आयल एक एंटीबैक्टीरियल एजेंट है आपकी स्किन को बंद करने वाले कीटाणुओं को बाहर निकाल देता है | पतले या विरल न किये गये टी ट्री आयल के प्रयोग से बचें क्योंकि इससे आपकी स्किन जल सकती है और मुहांसे बिगड़ सकते हैं | बोतल पर दिए चेतावनी के लेवल को पढ़ लें

5. सल्फर युक्त मिट्टी का मास्क लगायें: हालाँकि, हम सही रूप से नहीं जानते कि सल्फर क्यों एक एक्ने-किलर (acne-killer) के समान काम करता है लेकिन हम इतना जानते हैं कि यह मुहांसों पर बहुत अच्छा काम करता है | अपने मुहांसे साफ़ करने और तेल के उत्पादन को कम करने के लिए सल्फरयुक्त प्रोडक्ट्स चुनें |

6. बेन्जॉयल पेरोक्साइड (benzoyl peroxide) युक्त प्रोडक्ट्स का उपयोग करें: आप बेन्जॉयल पेरोक्साइड का उपयोग साबुन या लोशन के रूप में अपने मुहांसों पर लगाने के लिए कर सकते हैं | ये प्रोडक्ट डेड स्किन सेल्स को हटाते हैं और नयी सेल्स को तेज़ी से पुनर्जीवित करने में मदद करते हैं | ऐसे प्रोडक्ट चुनें जिनमे बेन्जॉयल पेरोक्साइड की मात्रा 3 प्रतिशत या उससे कम हो जिससे आपकी स्किन उत्तेजित होने से बच सके |

7. क्लीनजिंग के बाद एक टोनर (toner) का उपयोग करें: अपना चेहरा धोने के बाद, एक्स्फोलियेट या मास्क उपयोग के बाद एक टोनर को अपने पूरे चेहरे पर लगायें | टोनर स्किन के छिद्रों को टाइट (tight) कर देता है जिससे इनमे धूल और तेल के फंसने की सम्भावना कम हो जाती है | एक स्थानीय ड्रगस्टोर से मुहांसों के टोनर को खरीदें या विच हेज़ल (witch hazel) या सेव के सिरके (apple cider vinegar) में एक कॉटन स्वाब डुबाकर उपयोग करें | टोनर लगाने के बाद इसे धोएं नहीं बल्कि इसे अपनी स्किन पर लगा रहने दें |

8. हमेशा एक माँइश्चराइजर लगायें: ऑयली स्किन या तैलीय स्किन मुहांसे उत्पन्न करती है परन्तु अगर आपकी स्किन बहुत रुखी है तो आपके शरीर में सीबम बनने इसकी क्षतिपूर्ति होने लगेगा | ऐसा होने से रोकने के लिए, हर रोज़ सुबह और शाम को अपना चेहरा धोने के बाद एक मृदु माँइश्चराइजर का उपयोग करें | टोनर के उपयोग के बाद माँइश्चराइजर का प्रयोग करें |

 9. रेटिनोइड (retinoid) का उपयोग करें: रेटिनोइड एक डॉक्टर द्वारा लिखी गयी दवा के रूप में उपयोग की जाती है और इसके उपयोग से पहले साइड इफेक्ट्स के प्रति सचेत रहना चाहिए | रेटिनोइड क्लीनजर में विटामिन ए की उच्च मात्रा पाई जाती है जो बंद छिद्रों को खोलने और अवशिष्ट कानों को घोलकर बाहर निकालने में मदद करती है | ट्रेडमार्कड ओटीसी रेटिनोइड के समान प्रोडक्ट्स अप्रभावी होते हैं |

10. ऐसे प्रोडक्ट ढूंढें जिनमे अज़ेलैक एसिड (azelaic acid) पाया जाता हो: अज़ेलैक एसिड एक एंटीबायोटिक है जो लालिमा और सूजन कम करने में मदद करता है और प्राकृतिक रूप से गेंहूँ और जौ में पाया जाता है | अगर आपके मुहांसे आपकी स्किन पर गहरे निशान छोड़ दें तो अपने छिद्रों को साफ़ करने के लिए और मुहांसे से उत्पन्न होने वाले डार्क मार्क्स को कम करने के लिए अज़ेलैक एसिड युक्त प्रोडक्ट्स का उपयोग करें |

11. शीट या फेस मास्क का उपयोग करें: शीट या फेस मास्क में ऐसे अवयव पाए जाते हैं जो स्किन को राहत देते हैं और बैक्टीरिया को मारते हैं | सप्ताह में 2-3 बार 15-20 मिनट के लिए शीट या फेस मास्क लगायें, सूखने दें और अपने त्वचा के छिद्रों को साफ करें | अपने स्थानीय सौन्दर्य प्रसाधन सामग्रियों के स्टोर से फेस मास्क खरीदें या अपने घर पर इसे बनायें |

  • खीरा और ओटमील मिलकर एक पेस्ट बनायें | खीरा लालिमा कम करता है और डार्क स्पॉट्स दूर करता है जबकि उत्तेजित स्किन को नर्म शांत और करता है | एक पेस्ट बनने तक इन दोनों को मिक्सर में पीस लें और फिर इसे अपनी स्किन पर लगायें |

 

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