देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

स्वास्थ्य

नींद संबंधी विकार और हृदय संबंधी रोगों के खतरों में बढ़ोत्तरी

हालांकि प्रत्येक व्यक्ति की नींद की आवश्यकता भिन्न होती है, एक वयस्क को दिन में आठ घंटे सोना चाहिए। जबकि बच्चों को 8 घंटे से अधिक नींद की आवश्यकता होती है।

लेख विभाग
January 16 2022 Updated: January 16 2022 18:07
0 34054
नींद संबंधी विकार और हृदय संबंधी रोगों के खतरों में बढ़ोत्तरी प्रतीकात्मक

डॉ. आरिओम कर, 
सलाहकार – वयस्क हृदयरोग विशेषज्ञ, 
नारायणा मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल

हम सभी जानते हैं कि स्वस्थ आहार और व्यायाम स्वस्थ जीवन की ओर जाता है। लेकिन पर्याप्त नींद लेना स्वास्थ्य के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। नींद शरीर को आराम करने और ऊर्जा बहाल करने की मदद करती है। साथ ही साथ, शारीरिक और मनोवैज्ञानिक कार्य भी शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। नींद की मात्रा और गुणवत्ता जगे रहते समय सर्वोत्तम सजगता बनाए रखने में मदद करती है। हालांकि प्रत्येक व्यक्ति की नींद की आवश्यकता भिन्न होती है, एक वयस्क को दिन में आठ घंटे सोना चाहिए। जबकि बच्चों को 8 घंटे से अधिक नींद की आवश्यकता होती है।

आजकल, विभिन्न कारणों से कई लोगों को पर्याप्त मात्रा में नींद नहीं मिलती है और लंबे समय तक नींद से वंचित हो जाते हैं। कुछ लोग नींद संबंधी विकार जैसे निद्रारोग और अन्य बीमारियों से पीड़ित होते हैं। सामान्यतः बहुत से कारणों से नींद का स्वरुप बाधित हो सकता है:

  • गर्भावस्था
  • थकान
  • नींद विकार
  • तनाव पूर्ण जिंदगी
  • अवसाद और चिंता
  • आहार नियंत्रण (डाइटिंग)
  • परिवार की मांग या अधिक व्यस्त कार्यक्रम
  • हार्मोनल प्रभाव और शरीर के तापमान में परिवर्तन (मासिक धर्म के समय, मासिक धर्म का बन्द होना और डिंबोत्सर्जन)
  • नींद में बार-बार सांस रुकना और शुरू होना (स्लीप एपनिया) और रेस्टलेस लेग सिंड्रोम) जैसे नींद संबंधी विकार

70 से अधिक के लोगों में नींद संबंधी विकार पाया गया है। पांच सबसे आम विकारों में से है।

1. अनिद्रा: यह सबसे आम नींद विकार है। इसे रात में सोने में या नींद को बनाए रखने में कठिनाई के रूप में परिभाषित किया जा सकता है। अनिद्रा के अन्य लक्षणों में बहुत जल्दी जागना और रात की नींद का अनुभव न करने के कारण वापस सोने में असमर्थ होना शामिल है। परिणाम थकान, एकाग्रता में परेशानी, खिन्नता और नींद विकार से स्लीप एपनिया।

2. औंघाई (नार्कोलेप्सी): दिन के दौरान इस स्थिति में रोगी को अचानक नींद आ जाती है। किसी भी उम्र के दोनों लिंगों में औंघाई आना आम है। यह पहली बार किशोरावस्था और युवावस्था में देखा जाता है। कुछ साक्ष्यों का कहना है कि औंघाई परिवार की पीढ़ी में चल सकता है। हाल के शोधों से पता चला है कि औंघाई मस्तिष्क में एक रसायन की कमी के कारण है जिसे संवाद करने के लिए तंत्रिका कोशिकाओं द्वारा उपयोग किए जाने वाले छोटे प्रोटीन जैसे अणु (न्यूरोपैप्टाइड) जो उत्तेजना, जागने और भूख को नियंत्रित करता है (हाइपो-क्रेटिन) के रूप में जाना जाता है। औंघाई के अन्य संबंधित लक्षण हैं: ए) चिकित्सा स्थिति जिसमें हंसी आदि व्यक्ति को अचानक शारीरिक पतन का सामना करने का कारण बनती है, हालांकि शेष भाग में होश रहता है (कैटाप्लेक्सी) बी) सोते समय या जागने पर हिलने या बोलने की अस्थायी अक्षमता (स्लीप पैरालिसिस) सी) सम्मोहन संबंधी मतिभ्रम (हाइपानोगॉजिक मतिभ्रम), आदि।

3. रेस्टलेस लेग सिंड्रोम (आरएलएस): आरएलएस एक नींद विकार है जिसमें हाथों और पैरों में अप्रिय संवेदना होती है। संवेदना को अक्सर रेंगने, घिसटना, झुनझुनी, खींचने और दर्दनाक जलन के रूप में वर्णित किया जाता है। लेटते या लंबे समय तक बैठे रहने पर ये लक्षण प्रमुख हैं। हाथों और पैरों के अलावा यह संवेदना जननांग क्षेत्र, चेहरा और धड़ में भी हो सकती है। यह आपके पैरों को हिलाने को तीव्र संकेत देता है और नींद को लगभग असंभव बना देता है। आरएलएस के लक्षण बेहतर हो सकते हैं और समय बीतने पर आने वाले सालो में फिर से सुधार आ सकता है। अधिकतर आरएलएस संबंधित नींद विकार को नियत काल से अंग हिलनेवाला विकार (पीएलएमडी) भी कहा जाता है।

4. सर्कैडियन ताल विकार: इससे तात्पर्य उन स्थितियों के एक समूह से है जो शरीर के प्राकृतिक मनोवैज्ञानिक और जैविक लय को बाधित करता है। यह आमतौर पर पारी में काम करनेवाले श्रमिक (जो आमतौर पर गैर-पारंपरिक घंटों के लिए काम करते हैं) में पाया जाता है जो कि इन स्थितियों के लिए कमजोर होते हैं। इसके अलावा, यह आमतौर पर विरल यात्रियों में पाया है जो विमान यात्रा से थके (जेट लैग), अनियमित नींद पैटर्न, किशोरों और आनुवंशिक प्रवृत्ति वाले लोगों पाया जाता है।

हृदय रोग:

  1. नींद की समस्या अलिंद विकम्पन (एएफ) नामक स्थिति पैदा करती है। हृदय में कोशिकाओं का समूह (साइनस गाँठ) का एक हिस्सा विद्युत आवेग भेजता है जो हृदय के स्पंदन गतिविधि को नियंत्रित करता है। वायुमार्ग इन आवेगों में गड़बड़ी पैदा करती है जिससे आघात होता है। कमजोरी लाने वाली स्थिति जो लोगों के बोलने, खाने और बातचीत करने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है।
  2. नींद की अस्त-व्यस्तता से श्वासरोध के कारण, असामान्य हृदय की धड़कन सांस लेने को प्रभावित करती है इसलिए रक्त में ऑक्सीजन का स्तर कम होता है।
  3. प्राकृतिक सर्कैडियन लय (शरीर की घड़ी-चक्र) से ताल नहीं मिलाना भी हृदय तथा रक्तवाहिकाओं संबंधी रोग के लिए एक बड़ा जोखिम है।

 

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

दुनिया में हर पांचवां डॉक्टर भारतीय है: महानिदेशक आईसीएमआर

दुनिया में हर पांचवां डॉक्टर भारतीय है: महानिदेशक आईसीएमआर

हुज़ैफ़ा अबरार March 27 2022 27560

मौजूदा समय में इंटीग्रेटेड मेडिसिन का दौर आ गया है। इसमें योग, ध्यान अहम है। इन्हें मॉडर्न मेडिसिन क

मेडिकेशन सेफ्टी थीम पर आज मनाया गया विश्व रोगी सुरक्षा दिवस

मेडिकेशन सेफ्टी थीम पर आज मनाया गया विश्व रोगी सुरक्षा दिवस

विशेष संवाददाता September 17 2022 35573

कई बार मरीजों द्वारा दी गई गलत या अधूरी जानकारी के कारण भी नुकसान का कारण बनती है, इन सभी को रोका जा

कोविड तैयारी, चुनौतियाँ व प्रबंधन पर बाल संरक्षण इकाइयों को प्रशिक्षण।

कोविड तैयारी, चुनौतियाँ व प्रबंधन पर बाल संरक्षण इकाइयों को प्रशिक्षण।

हुज़ैफ़ा अबरार June 11 2021 39275

निदेशक महिला कल्याण मनोज राय ने इस मौके पर कहा कि "मंडलवार यह प्रशिक्षण हमारी तैयारी को और मजबूत करे

पांच प्राइवेट अस्पतालों में छापा, हॉस्पिटल और अल्ट्रासाउंड सेंटर किए गए सील

पांच प्राइवेट अस्पतालों में छापा, हॉस्पिटल और अल्ट्रासाउंड सेंटर किए गए सील

विशेष संवाददाता June 08 2023 46958

प्रदेश के कई प्राइवेट अस्पतालों में छापेमारी की गई। जांच टीम ने 4 हॉस्पिटल और एक अल्ट्रासाउंड सेंटर

डेल्टा वेरिएंट पर किसी अन्य वैक्सीन की तुलना में ज्यादा प्रभावी है स्पूतनिक वी।

डेल्टा वेरिएंट पर किसी अन्य वैक्सीन की तुलना में ज्यादा प्रभावी है स्पूतनिक वी।

हे.जा.स. June 16 2021 24586

वैक्सीन निर्माता कंपनी ने मंगलवार को बताया कि इंटरनेशनल पीयर-रीव्यूड जर्नल में प्रकाशित करने के लिए

एम्स की स्टडी में चौकाने वाला खुलासा, खून पतला करने की दवा है प्रेगनेंट महिलाओं के लिए घातक

एम्स की स्टडी में चौकाने वाला खुलासा, खून पतला करने की दवा है प्रेगनेंट महिलाओं के लिए घातक

आरती तिवारी August 18 2022 37787

खून पतला करने की दवा ले रहीं करीब एक चौथाई प्रेगनेंट महिलाओं की हालत गंभीर हो रही हैं। इन्हें डिलीवर

भारत में कैंसर की “सुनामी” के चेतावनी

भारत में कैंसर की “सुनामी” के चेतावनी

विशेष संवाददाता January 24 2023 24105

हेमाटोलॉजी और मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग, क्लीवलैंड क्लिनिक, ओहियो, यूएसए के अध्यक्ष डॉ. जेम अब्राहम ने

डॉ लाल पैथलैब्स का तीसरी तिमाही में शुद्ध लाभ 75 प्रतिशत पहुंचा।  

डॉ लाल पैथलैब्स का तीसरी तिमाही में शुद्ध लाभ 75 प्रतिशत पहुंचा।  

हे.जा.स. February 01 2021 24718

कंपनी ने 31 दिसंबर को समाप्त हुए तिमाही तक शुद्ध लाभ में 75 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 95.9 करोड़ रुपय

कोविड-19: बच्चों में संक्रमण से कई अंगों पर असर के मामले, उपचार के लिये नए दिशानिर्देश जारी

कोविड-19: बच्चों में संक्रमण से कई अंगों पर असर के मामले, उपचार के लिये नए दिशानिर्देश जारी

हे.जा.स. November 24 2021 24258

कोविड-19 संक्रमण के कारण, जिन बच्चों के कई अंग एक साथ प्रभावित होते हैं और उनमें सूजन व जलन होती है

यूपी में सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़ी

यूपी में सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़ी

विशेष संवाददाता March 23 2023 25366

पिछले 10 दिनों में मेरठ में कोरोना के 6 केस आ चुके हैं। बुधवार को एक साथ तीन लोगों में कोरोना संक्रम

Login Panel