











































प्रतीकात्मक
ये गर्मियों के दिन हैं। आमतौर पर माना जाता है कि लोगों के शरीर से पसीना निकलता है तो अब शरीर को ज्यादा पानी की जरूरत होगी। कुछ हद तक यह बात सही भी है पर उसका अर्थ यह नहीं होता कि आप गटागट पूरी सुराही खाली कर दें। कुछ लोग ताबड़तोड़ पानी पीते रहते हैं और लगातार टायलेट जाते हैं। कुछ लोग कम पानी पीते हैं लेकिन जब टायलेट जाते हैं तो उनके पेशाब के रास्ते में जलन होती है। इस लेख में हम लोग जानेंगे कि गर्मी के दिनों में हम कैसे हेल्दी रह सकते हैं।
पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं - Drink sufficient water

मैक्स अस्पताल, पटपड़गंज, नई दिल्ली के यूरोलाजी कंसल्टेंट डा. शैलेश चंद्र सहाय का कहना है कि गर्मी के दिनों में भी एक हेल्दी आदमी को ढाई से तीन लीटर पानी ही पीना चाहिए। इससे ज्यादा नहीं। हां, सप्लेमेंट्री फूड्स, जैसे खीरा, ककड़ी, नारियल पानी आप जितना ले सकते हैं, लें।
क्या खाएं - What should we eat

जितना संभव हो, प्राकृतिक चीज खाएं। हरी सब्जियां, नारियल पानी, ककड़ी, खीरा, तरबूज, सेब, संतरा आदि का सेवन शरीर को स्वस्थ रखता है, शरीर में पानी की कमी नहीं होती। गर्मी के महीने में अनाज की खपत 25 से 40 प्रतिशत तक कम कर देनी चाहिए। फ्रूट चाट खाएं, कोई दिक्कत नहीं। सलाद भी दबाकर खाएं, परेशानी नहीं होगी। सुबह अंकुरित चना और गुड़ का सेवन करें तो फिर दिन ही बन जाए। हां, नींबू का सेवन भी हो तो क्या कहने।
सुबह सैर पर जाएं - Go for morning walk

गर्मियों के दिन में ही नहीं, बारहों मास सुबह की सैर बहुत फायदा करती है। हां, गर्मियों में आप जब सुबह की सैर करते हैं तो आपको एक अलग ही फीलिंग होती है। आप प्रकृति के साथ एकाकार हो जाते हैं। हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. इमरान अख्तर कहते हैः एक हेल्दी आदमी को पांच किलोमीटर तो जरूर चलना चाहिए। इससे वह फिट तो रहेगा ही, शारीरिक लचक भी बरकरार रहेगी।
स्पाइसी फूड से दूर रहें - Stay away from spicy food

गर्मियों के दिन में बहुत तेल-मसाला वाला भोजन नहीं लेना चाहिए। एक तो सूर्य की किरणें तेज पड़ती हैं, दूसरी रात छोटी होती है। आपके पेट में जो कुछ भी पच रहा है, उसे एक तय समय चाहिए। सामान्य तौर पर पांच घंटे में हमारा भोजन पच जाता है। लेकिन गर्मी के दिनों में इसे ज्यादा वक्त लगता है। तेल-मसालों युक्त भोजन से गर्मी में गैस की तगड़ी समस्या होती है। अब तो गैस की समस्या भी कई बार जानलेवा साबित हो चुकी है। सो, कम तेल-मसाले वाला भोजन करें। वह उपयुक्त होगा।
ताजा खाना खाएं - Eat fresh food

कई लोग सुबह में ही रात का भी खाना बना देते हैं और उसे फ्रिज में डाल देते हैं। फिर रात को उसे फ्रिज में से निकाल कर गर्म कर खा लेते हैं। गर्मी के दिनों में इस प्रैक्टिस को बंद कर दें। थोड़ा खाएं, बढ़िया खाएं, ताजा खाएं।
शरबत आदि का सेवन करें - Take juices etc

रूह अफजा, गन्ने का रस, नींबू का रस, संतरे का रस, शिकंजी, मौसम्मी का रस आदि गर्मी के दिनों में जरूर लेना चाहिए। इन सभी में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में होता है। ये आपके शरीर के अंदरूनी हिस्से में पानी की कमी नहीं होने देते। इससे आप डिहाइड्रेशन की समस्या से भी बचे रहते हैं।
लेखक - आनंद सिंह







हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 3577
एस. के. राणा January 13 2026 0 3556
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 3388
एस. के. राणा January 20 2026 0 3360
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3122
एस. के. राणा February 01 2026 0 2793
एस. के. राणा February 04 2026 0 2597
उत्तर प्रदेश
सौंदर्या राय May 06 2023 0 102432
सौंदर्या राय March 09 2023 0 106967
सौंदर्या राय March 03 2023 0 107220
admin January 04 2023 0 107061
सौंदर्या राय December 27 2022 0 97544
सौंदर्या राय December 08 2022 0 85953
आयशा खातून December 05 2022 0 140553
लेख विभाग November 15 2022 0 109617
श्वेता सिंह November 10 2022 0 158848
श्वेता सिंह November 07 2022 0 109823
लेख विभाग October 23 2022 0 94695
लेख विभाग October 24 2022 0 98076
लेख विभाग October 22 2022 0 103792
श्वेता सिंह October 15 2022 0 106739
शुक्रवार को पांच अस्पतालों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। अस्पतालों के प्रबंधकों ने संस्था को लिखकर
ब्रिटेन ने कोविड-19 की यात्रा संबंधी पाबंदियों में बदलाव करते हुए भारत को ‘रेड’ सूची से निकाल कर ‘एम
कानपुर में डेंगू बेकाबू हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, उर्सला अस्पताल में 91 सैम्प
‘‘मानवता के लिए योग’’ विषय के आठवां अंतरराष्ट्रीय योग दिवसमनाने का इससे अधिक उपयुक्त समय नहीं हो सकत
दिवाली के बाद राजधानी में पिछले साल की तुलना में वायु प्रदूषण कम होने की वजह से दिल्ली के अस्पतालों
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक एलर्जी किसी भी तरह की हो इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। इसके लिए दै
डॉक्टर की नृशंस हत्या के मद्देनजर, केरल सरकार ने बुधवार को डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों और मेडिकल छा
आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी तक कुल 2,23,55,440 लोग संक्रमण मुक्त हुए हैं और मरीजों के ठीक होने की
नर्स को मां का दर्जा दिया गया है, डाक्टर के बाद मरीज की सारी जिम्मेदारी नर्सों पर ही होती है। इसी वज
यह अभियान अंतर्विभागीय सहयोग से चलाया जायेगा इसलिए सभी सहयोगी विभागों से माइक्रो प्लानिंग फार्मेट्स

COMMENTS