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गोरखपुर। जिले में रहस्यमयी वायरल फीवर का कहर है। इसकी चपेट में सबसे ज्यादा 10 साल से कम उम्र के बच्चे आ रहे है। वहीं पीड़ित मरीजों में डेंगू और टोमेटो-फ्लू जैसे लक्षण देखने को मिल रहे है। डॉक्टरों के मुताबिक, हर दसवां मरीज टोमैटो फ्लू का आ रहा है। इनमें स्कूली बच्चे ज्यादा हैं। डॉक्टरों का कहना है कि टोमैटो फ्लू भी संक्रामक होता है। जैसे ही लक्षण दिखाई पड़ें, वैसे ही व्यक्ति को आइसोलेट कर दें। डॉक्टर की सलाह से ही दवाएं लें।
इलाज के बाद 4 से 5 दिन में फीवर उतर जा रहा है। इस दौरान शरीर पर चकत्ते और लाल दाने (red rash) हो रहे हैं। कई मरीजों के शरीर पर फफोले (blisters) जैसे दाने भी हो रहे हैं। चिंता की बात ये है कि डेंगू या टोमेटो फ्लू (tomato flu) की जांच में रिपोर्ट नेगेटिव आ रही है। फिजीशियन (physician) डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि ऐसे लक्षण वाले मरीजों का वायरल फीवर के प्रोटोकॉल के तहत इलाज किया जा रहा है।
बालरोग विभाग (Department of Pediatrics) और मेडिसिन में बड़ी संख्या में ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं। इन मरीजों के हाथ पर फफोले जैसे दाने हो रहे हैं। इनका रंग लाल है और जीभ में भी छाले हो रहे हैं। मरीज के परिजनों ने बताया कि बुखार (Fever) तो 4-5 दिन में उतर जा रहा है, लेकिन फफोले 7 से 10 दिन में भी ठीक नहीं हो रहे हैं।







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