











































प्रतीकात्मक चित्र
सीतापुर। बिसवां वन रेंज के सिकरी माफी गांव में 20 से अधिक चमगादड़ खेतों में मृत मिले है। सूचना पाकर ग्रामीण जमा हो गए। वन विभाग के अधिकारियों को भी सूचना दी गई। शुरूआती पोस्टमार्ट रिपोर्ट में मृत मिले चमगादड़ों की मौत का कारण हीट स्ट्रोक बताया जा रहा है।
पोस्टमार्ट की विस्तृत रिपोर्ट अभी आना बाकी है। वन विभाग ने अपनी सर्विलांस टीमों को अलर्ट किया है अगर पक्षियों के मरने की और कहीं घटना सामने आती है तो इसे गम्भीर माना जाएगा और अब परीक्षण के लिए सभी सैम्पल बरेली लैब भेजे जाएंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि चमगादड़ तापमान को लेकर अधिक संवेदनशील होते हैं। अधिक गर्मी और अधिक सर्दी में इनका अनुकूलन सिस्टम बिगड़ जाता है। नतीजे में अधिक गर्मी के साथ अधिक सर्दी में इनकी मौत होती है।
उधर वन विभाग के रेंजर अहमद कमाल सिददीकी का कहना है कि चमगादड़ शेडयूल प्राणी है। इसलिए इस पर नजर रखी जा रही है। हालांकि अभी एक ही क्षेत्र में घटना सामने आई है। अभी तक हीट स्ट्रोक ही मुख्य वजह मानी जा रही है। अगर अब और अधिक चमगादड़ों या किसी भी तरह के पक्षियों की मौत होती है तो विस्तृत जांच की जाएगी और उसके प्रबंधन का प्लान बनेगा। इसलिए विभाग की सर्विलांस टीमें सक्रिय हैं और ग्रामीणों से भी अपील की जा रही है वह किसी भी तरह के जंगली पशु पक्षियों के मरने की सूचना विभाग को दें जिससे समय रहते स्थिति को काबू किया जा सके।







हुज़ैफ़ा अबरार July 07 2026 0 434
हुज़ैफ़ा अबरार July 07 2026 0 385
हुज़ैफ़ा अबरार July 09 2026 0 259
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4760
एस. के. राणा January 20 2026 0 4662
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4620
एस. के. राणा January 13 2026 0 4417
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4347
एस. के. राणा February 01 2026 0 4004
एस. के. राणा February 04 2026 0 3780
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86840
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34735
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37950
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35427
लेख विभाग March 19 2022 0 35014
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72504
एम्स गोरखपुर में विभिन्न फैकल्टी पदों के लिए प्रोफेसर, एडिशनल प्रोफेसर, एसोशिएट प्रोफेसर और असिस्टें
सनस्क्रीन एक ऐसी तरह की तैयारी होती है जो धूप से आपको बचाती है। यह त्वचा के ऊपर की सतह पर एक लेयर बन
कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान को उत्तर भारत का सबसे बड़ा कैंसर संस्थान बनाने की ओर एक क
फ्लू का संक्रमण 5 साल से कम उम्र के बच्चों में मुश्किल पैदाकर सकता है। उन्हें फ्लू से बचाने का सबसे
सर्द हवाओं की वजह से त्वचा नमी खोने लगती है और रूखी व बेजान हो जाती है। रूखी और फटी त्वचा ना केवल दे
देश में अब तक जितने कोरोना टीके लगे हैं, उनमें 90 फीसदी संख्या पहली डोज की ही है। कोरोना से बचाव के
मरीज को सर्जरी के बाद अपनी समस्या से छुटकारा मिला और मरीज ने डॉ. यादव का सफल इलाज़ करने का धन्यवाद द
स्तनपान सप्ताह के अवसर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनीसेफ़ ने एक संयुक्त वक्तव्य जारी करते हुए सभी
हलीमा ने सोमवार को एक फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘‘हल्के फ्लू जैसे लक्षण हैं। अभी-अभी जांच में कोविड-19 क
स्कूली बच्चों को मजबूत इम्युनिटी के बारे में जागरुक बनाने के लिए एक विशाल जागरुकता अभियान का आयोजन क

COMMENTS