देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

राष्ट्रीय

आईसीएमआर के वैज्ञानिकों ने गर्भवती महिला और नवजात शिशुओं पर संक्रमण प्रभाव के बारे में जानने के लिए अध्ययन शुरू किया

गर्भवती महिला और नवजात शिशुओं में कोरोना संक्रमण के जोखिम को लेकर अब तक कई वैज्ञानिक दस्तावेज सामने आए हैं। हालांकि, महामारी की आगामी लहर की वैज्ञानिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पहली बार सरकार ने वैज्ञानिकों के साथ मिलकर इस पर एहतियातन कार्य शुरू कर दिया है।

0 41898
आईसीएमआर के वैज्ञानिकों ने गर्भवती महिला और नवजात शिशुओं पर संक्रमण प्रभाव के बारे में जानने के लिए अध्ययन शुरू किया प्रतीकात्मक

नयी दिल्ली। गर्भवती महिला और नवजात शिशुओं में कोरोना संक्रमण के जोखिम को लेकर अब तक कई वैज्ञानिक दस्तावेज सामने आए हैं। हालांकि, महामारी की आगामी लहर की वैज्ञानिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पहली बार सरकार ने वैज्ञानिकों के साथ मिलकर इस पर एहतियातन कार्य शुरू कर दिया है।

इसके तहत नई दिल्ली स्थित भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान केंद्र (आईसीएमआर) के वैज्ञानिकों ने गर्भवती महिला और नवजात शिशुओं पर संक्रमण प्रभाव के बारे में जानने के लिए एक अध्ययन शुरू किया है, जो पहली बार महामारी के अब तक प्रभावों के बारे में सही जानकारी सामने ला सकता है।

इसका सबसे बड़ा लाभ तब मिलेगा जब अध्ययन के निष्कर्ष आगामी माह में केंद्रीय स्तर पर गठित समितियों के समक्ष रखे जाएंगे और इन्हीं परिणामों के आधार पर सरकार देश भर के अस्पतालों के लिए दिशा-निर्देश तैयार करेगी ताकि भविष्य में कोरोना की कोई लहर आती है तो इस वर्ग को समय रहते बचाया जा सके।

प्रेग्कोविड : गर्भवती और प्रसवोत्तर महिलाओं पर पहली रजिस्ट्री
आईसीएमआर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राहुल गजभिए ने बताया कि प्रेग्कोविड भारत में कोविड को लेकर गर्भवती और प्रसवोत्तर महिलाओं पर पहली रजिस्ट्री है। उन्होंने बताया कि अस्पतालों से जानकारी मांगना शुरू कर दिया गया है। इस अध्ययन को पूरा होने में अभी तीन से चार माह का वक्त लग सकता है।
 
डॉ. गजभिए ने कहा, ‘इस अध्ययन के बारे में एक तरह से कहा जा सकता है कि कोरोना महामारी का गर्भवती महिला, प्रसव के बाद महिलाओं का स्वास्थ्य और नवजात शिशुओं की स्थिति इत्यादि के बारे में निचोड़ निकाला जा रहा है, जिसके आधार पर एक निष्कर्ष निकाला जा सके।’

डॉक्टरों के लिए होगा प्रशिक्षण
वैज्ञानिकों का कहना है कि नए दिशा-निर्देश बनने के बाद यह डॉक्टरों के लिए प्रशिक्षण का कार्य करेगा। संक्रमित गर्भवती महिला का उपचार किस तरह से किया जाए? या फिर प्रसव के बाद मां व शिशु का बचाव कैसे किया जा सकता है? डॉक्टरों को यह भी बताने का प्रयास किया जा रहा है कि किन मानकों के आधार पर मरीज पर असर को पहले जान सकते हैं?

दो साल में जुटाए आंकड़ों की मदद
वरिष्ठ वैज्ञानिक ने बताया कि 2020 में कोरोना ने भारत में प्रवेश किया। गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं में जोखिम काफी अधिक है। इसी के चलते आईसीएमआर ने प्रेग्कोविड-19 एक रजिस्ट्री भी बनाई थी। इसमें मार्च 2020 से मई 2022 तक देश के 19 अस्पतालों से डाटा एकत्रित किया जाएगा।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

मेडिकल प्रवेश परीक्षा में अवैधानिक आरक्षण नीति में बदलाव हो: डा. संजय पाठक

मेडिकल प्रवेश परीक्षा में अवैधानिक आरक्षण नीति में बदलाव हो: डा. संजय पाठक

हुज़ैफ़ा अबरार September 12 2025 17615

गत 20 वर्षों से मेडिकल प्रवेश परीक्षा में अवैधानिक आरक्षण नीति से सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को धोख

नींबू पानी पीने के फायदे जानिये डाइटिशियन आयशा से

नींबू पानी पीने के फायदे जानिये डाइटिशियन आयशा से

आयशा खातून May 20 2022 44981

प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन-सी और मिनरल्स से भरपूर नींबू सेहत और सौंदर्य के लिए बहुत फायदेमंद ह

पीएम मोदी ने न्यू चंडीगढ़ में होमी भाभा कैंसर अस्पताल का उद्घाटन किया

पीएम मोदी ने न्यू चंडीगढ़ में होमी भाभा कैंसर अस्पताल का उद्घाटन किया

विशेष संवाददाता August 24 2022 33165

न्यू चंडीगढ़ में पीएम मोदी ने होमी भाभा कैंसर अस्पताल का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री किसी अस्पताल का

क्या है इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम?

क्या है इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम?

लेख विभाग October 07 2021 30577

इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम आमतौर पर दीर्घकालिक होता है। यह एक बहुत आम विकार है जो कोलन (बड़ी आंत) को प्

लोहिया संस्थान ने  अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस वीक सेलिब्रेशन मनाया  

लोहिया संस्थान ने  अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस वीक सेलिब्रेशन मनाया  

हुज़ैफ़ा अबरार May 12 2026 1372

कॉलेज ऑफ नर्सिंग डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ द्वारा अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस वीक सेल

सर्दी में अलाव बना खतरा, गोरखपुर जिला अस्पतालों के बर्न वार्ड फुल

सर्दी में अलाव बना खतरा, गोरखपुर जिला अस्पतालों के बर्न वार्ड फुल

अनिल सिंह January 11 2023 32698

बीआरडी मेडिकल कॉलेज का भी 22 बेड बर्न वार्ड फुल हो चुका है। ज्यादातर रोगी अलाव से हाथ-पैर सेंकते जल

भारत में कोविड-19 के 35,342 नए मामले, 483 और लोगों की मौत।

भारत में कोविड-19 के 35,342 नए मामले, 483 और लोगों की मौत।

एस. के. राणा July 23 2021 27748

आंकड़ों के अनुसार, अभी तक कुल 45,29,39,545 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई है, जिनमें से 16,68,

बच्चों और गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण के लिए चलेगा विशेष अभियान

बच्चों और गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण के लिए चलेगा विशेष अभियान

आरती तिवारी December 08 2022 30865

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में शिशुओं का मुफ्त टीकाकरण होता है। वहीं गर्भा

कोविड से रिकॉर्ड  मौतें, संक्रमण के नये मामले चार लाख से ऊपर। 

कोविड से रिकॉर्ड  मौतें, संक्रमण के नये मामले चार लाख से ऊपर। 

एस. के. राणा May 08 2021 24689

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि 70 प्रतिशत से अधिक मरीजों की मौत अन्य गंभीर बीमारियों के कारण हुई है।

पीएसआई इंडिया को सीएसआर टाइम्स अवार्ड

पीएसआई इंडिया को सीएसआर टाइम्स अवार्ड

हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 693

मुकेश शर्मा ने बताया कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से मातृछाया कार्यक्रम की अन

Login Panel