











































प्रतीकात्मक चित्र
इंदौर। लोगों की व्यस्त जीवनशैली के कारण खानपान और लाइफस्टाइल बिगड़ता जा रहा है जिसकी वजह से दिल से जुड़े रोग भी बढ़ रहे हैं। इस वजह से बुजुर्ग ही नहीं युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए, दिल संबंधी बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 29 सितंबर को वर्ल्ड हार्ट डे (world heart day) मनाया जाता है।
इस मौके पर शहर (Indore) के जाने-माने सुप्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ (cardiologist) डॉ. राकेश जैन ने हार्ट अटैक को लेकर कुछ ख़ास बातें बताई हैं। उन्होंने कहा कि गत वर्षों में यह देखने में आया है कि ऊपरी तौर से स्वस्थ नौजवानों, खासतौर पर कीर्ति प्राप्त लोगों में हार्ट अटैक (heart attack) की संभावना काफी बढ़ी है, जिसके चलते वे अकाल मृत्यु को प्राप्त हुए हैं। इस प्रकार की घटनाएं बहुत बड़ी चिंता का विषय है।
दिल की बीमारियों के कारण पूरे विश्व में प्रतिवर्ष लगभग 17 मिलियन लोगों की जान चली जाती है, जो कि कुल मृत्यु दर का 31% हिस्सा है। दिल की बीमारियों में सबसे प्रमुख, दिल की नसों में ब्लॉकेज (blockages) तथा हार्ट अटैक का आना होता है। आजकल नौजवानों (उम्र 45 वर्ष से कम) खासतौर पर भारतीयों में इसका प्रसार काफी तेजी से बढ़ रहा है, जिसकी अनुपातिक प्रधानता 10-15% है।
डॉ. जैन ने बताया कि हार्ट अटैक के प्रमुख कारण- अधिक उम्र, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हाई कोलेस्ट्रॉल, मोटापा तथा असंतुलित दिनचर्या आदि हैं, जो कि 85-90% तक हार्ट अटैक के लिए जिम्मेदार होते हैं। इसके अलावा धूम्रपान (Smoking) भी नौजवानों में हार्ट अटैक के लिए एक मुख्य कारक है। नौजवान भारतीयों (उम्र 45 वर्ष से कम) में धूम्रपान की प्रवृत्ति 60-90% तक है, जो कि 45 वर्ष से ज्यादा वर्ष के लोगों से लगभग दोगुना है। धूम्रपान (Smoking), खासतौर पर पारम्परिक, वंशानुगत तथा वातावरण संबंधी कारकों की उपस्थिति भविष्य में नौजवानों के भीतर हार्ट अटैक की संभावना को प्रबल करती है। धूम्रपान तथा मोटापे के कारण हार्ट अटैक के बाद इससे उबरने में भी काफी परेशानी होती है, इसके साथ ही परिणाम भी विपरीत होते हैं।
एक संतुलित जीवनचर्या, अच्छी नींद, ऐरोबिक, शारीरिक व्यायाम (exercise), हरी सब्जियाँ तथा फलों का सेवन, बाहरी असंतुलित खाने का त्याग, धूम्रपान का त्याग इत्यादि दिल की बिमारियों से बचने के सबसे सीधे तथा सरल तरीके हैं। यदि आप किसी बीमारी जैसे- मधुमेह, ब्लड प्रेशर इत्यादि से ग्रसित हैं, तो आपने डॉक्टर की नियमित निगरानी में दवाइयों का सेवन करें। अपने दिल के स्वास्थ्य को जानने के लिए इसके नियमित चेकअप हेतु अपने ह्रदय रोग विशेषज्ञ के सम्पर्क में रहे और संबंधित सलाह का पालन करें।
Edited by Shweta Singh







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