












































प्रतीकात्मक
वाशिंगटन। विश्व स्वास्थ्य ऐसेम्बली (Global Health Assembly) ने भविष्य में वैश्विक महामारियों व स्वास्थ्य संकटों की रोकथाम करने, उनसे निपटने की तैयारियों और जवाबी कार्रवाई को पुख़्ता बनाये जाने के इरादे से, एक वैश्विक प्रक्रिया शुरू किये जाने पर सहमति व्यक्त की है। यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के प्रमुख टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने ऐसेम्बली के निर्णय को आशाजनक बताते हुए इसका स्वागत किया है।
सर्वमत से लिये गए इस निर्णय के तहत, एक सन्धि, समझौते या किसी अन्य अन्तरराष्ट्रीय उपाय के मसौदे को तैयार करके, उसे पारित करने के लिये वार्ता को आगे बढ़ाया जाएगा। यूएन स्वास्थ्य एजेंसी (UN Health Agency) के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने विश्व स्वास्थ्य ऐसेम्बली के फ़ैसले को ऐतिहासिक व बेहद अहम बताया है।
संगठन प्रमुख के मुताबिक़ ताज़ा सहमति के ज़रिये भावी पीढ़ियों की वैश्विक महामारियों से रक्षा करने में मदद मिलेगी, और उन कमियों से बचा जा सकेगा, जिन्हें कोविड-19 के दौरान देखा गया है।
उन्होंने कहा कि यह एक पीढ़ी में एक बार मिलने वाले ऐसे अवसर को प्रदर्शित करता है, जिससे सर्वजन के स्वास्थ्य-कल्याण की रक्षा व उसे बढ़ावा देने के लिये वैश्विक स्वास्थ्य ढाँचे को मज़बूती प्रदान की जा सकती है।
महानिदेशक घेबरेयेसस ने कहा, “कोविड-19 (Covid-19) महामारी ने महामारियों से लोगों की रक्षा के लिये बनी वैश्विक प्रणाली में अनेक कमज़ोरियों को उजागर किया है।” “सर्वाधिक निर्बलों के लिये टीकों की अनुपबलब्धता; स्वास्थ्यकर्मियों के पास जीवनरक्षक काम करने के लिये ज़रूरी उपकरण का अभाव; और एक वैश्विक ख़तरे का सामना करने के लिये ज़रूरी वैश्विक एकजुटता को धक्का पहुँचाने वाले ‘पहले मैं’ जैसे तौर-तरीक़े।”
उन्होंने ध्यान दिलाया कि इसी दौरान, वैज्ञानिक व राजनैतिक स्तर पर सहयोगपूर्ण कार्रवाई के प्रेरणास्पद उदाहरण भी देखने को मिले हैं। तेज़ी से विकसित की गई वैक्सीन्स से लेकर देशों द्वारा एक वैश्विक समझौते पर वार्ता के लिये संकल्प तक।
प्रक्रिया की शुरुआत
ऐसेम्बली के निर्णय के ज़रिये, वार्ता के लिये एक अन्तरसरकारी निकाय (intergovernmental negotiating body / INB) को स्थापित किया जाएगा। इसका दायित्व WHO सन्धि, समझौते और महामारी की रोकथाम, तैयारी व जवाबी कार्रवाई पर अन्य अन्तरराष्ट्रीय उपायों का मसौदा तैयार करना और उस सिलसिले में बातचीत को आगे बढ़ाना है।
समझौते के इस मसौदे को विश्व स्वास्थ्य संगठन के संविधान के अनुच्छेद 19 या अन्य सम्बन्धित प्रावधानों के अन्तर्गत पारित किये जाने की योजना है। अन्तरसरकारी संस्था की पहली बैठक 1 मार्च 2022 को आयोजित की जाएगी, जिसमें कामकाज के तरीक़ों व समयावधि पर चर्चा होगी। इसके बाद, 1 अगस्त 2022 को दूसरी बैठक में समझौते के मसौदे की दिशा में हुई प्रगति का जायज़ा लिया जाएगा |
बताया गया है कि विचार-विमर्श की प्रक्रिया को समृद्ध बनाने के लिये सार्वजनिक सुनवाई भी आयोजित किये जाने का कार्यक्रम है। वर्ष 2023 में विश्व स्वास्थ्य ऐसेम्बली के 76वें सत्र में प्रगति रिपोर्ट सौंपी जाएगी।







हुज़ैफ़ा अबरार August 02 2026 0 231
हुज़ैफ़ा अबरार August 02 2026 0 168
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 161
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 161
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 126
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 0
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 1211
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 385
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 245
हुज़ैफ़ा अबरार August 02 2026 0 231
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 203
हुज़ैफ़ा अबरार August 02 2026 0 168
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4998
एस. के. राणा January 20 2026 0 4949
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4851
एस. के. राणा January 13 2026 0 4627
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4529
एस. के. राणा February 01 2026 0 4305
एस. के. राणा February 04 2026 0 3976
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87043
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34931
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38104
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35602
लेख विभाग March 19 2022 0 35217
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72777
चिकित्सालय की लैब में, चिकित्सालय के साथ साथ स्थानीय चिकित्सालयों, डा० एस० पी० एम० चिकित्सालय, बी0जे
यूपी के गाजियाबाद की डासना जेल में 140 बंदियों में एचआईवी की पुष्टि हुई है। इसके अलावा 35 मरीज टीबी
मनगढ़ंत और सच्चाई से कोसों दूर सुझाव व सलाह का कोई भी वैज्ञानिक आधार नहीं है । ऐसे सुझाव व सलाह को हक
आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी तक कुल 55,67,54,282 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई है, जिनमें स
ब्रिटेन की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी ने अक्टूबर के अंत में ओमिक्रॉन के दो नए वेरिएंट्स को बीक्यू 1 और
वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पियाली भट्टाचार्य का कहना है कि शिशु के लिए स्तनपान अमृत के समान होता है
दिल को स्वस्थ रखने वाला आहार लें एक स्वस्थ हृदय के लिए आहार में कम वसा और कम नमक वाला आहार, फाइबर की
घोड़ों में पाई जाने वाली ग्लैंडर्स नामक बीमारी ने राजस्थान में दस्तक दे दी है और इसका संक्रमण फैलने
अचानक दवाएं महंगी होने से पाकिस्तान में हाहाकार मचा है। क्योंकि महंगी दवाओं को जमाखोरों ने स्टॉक कर
उन्होंने बताया आज प्रधानमंत्री मोदी को एक पत्र भी भेजा है जिसमे इस बात का उनसे अनुरोध किया है कि तम्

COMMENTS