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पैदल चलने से हदय रोगियों की स्थिति में सुधार संभव: डॉ अभिनीत

पैदल चलने से हृदय रोग की प्राथमिक और माध्यमिक रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की क्षमता है। तेज चलने जिसे ब्रिस्क वॉक कहा जाता है, सीवीडी रोगियों की स्थिति में बहुत सुधार हो सकता है।

हुज़ैफ़ा अबरार
September 30 2022 Updated: October 02 2022 01:46
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पैदल चलने से हदय रोगियों की स्थिति में सुधार संभव: डॉ अभिनीत प्रतीकात्मक चित्र

कानपुर। कार्डियोवैस्कुलर स्वास्थ्य का मतलब हृदय और रक्त वाहिकाओं के स्वास्थ्य से है। हृदय रोग या सीवीडी में हृदय और रक्त वाहिकाओं के रोगों का एक समूह है, जिसमें कोरोनरी हृदय रोग, स्ट्रोक, दिल की विफलता, हृदय अतालता और हृदय वाल्व की समस्याएं शामिल हैं। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की हालिया समीक्षा के अनुसार दिन में सिर्फ 21 मिनट पैदल चलने से किसी के हृदय रोग के जोखिम को 30 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है।

 

रीजेंसी अस्पताल (Regency Hospital) कानपुर के डॉक्टरों के अनुसार पैदल चलने से हृदय रोग की प्राथमिक और माध्यमिक रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की क्षमता है। तेज चलने जिसे ब्रिस्क वॉक (Brisk walk) कहा जाता है, सीवीडी रोगियों की स्थिति में बहुत सुधार हो सकता है। हृदय रोग सीवीडी (CVD) विश्व स्तर पर मृत्यु का प्रमुख कारण है और यह एक अत्यधिक स्वास्थ्य और आर्थिक बोझ से जुड़ा है। शारीरिक गतिविधि की कमी या एक गतिहीन जीवन शैली सीवीडी में योगदान दे रही है और इसका प्रभाव अधिक वजन वाले रोगियों, धूम्रपान करने वालों, कोरोनरी धमनी और बाईपास सर्जरी (bypass surgery) के इतिहास के बिना भी स्पष्ट है। 

डॉ अभिनीत गुप्ता इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट (Interventional Cardiologist) रीजेंसी हॉस्पिटल कानपुर ने कहा आज हम युवा आयु वर्ग में भी सीवीडी की बढ़ती घटनाओं को देख रहे हैं। यह कोविड महामारी (COVID pandemic) में एक गतिहीन जीवनशैली और तनाव या चिंता (stress or anxiety) को दूर करने के लिए युवाओं में शराब, धूम्रपान और नशीली दवाओं के बढ़ते उपयोग के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। यह बहुत लापरवाह खतरनाक और गैर जिम्मेदाराना व्यवहार है जिसके दुषपरिणाम हो सकते हैं, जिसमें स्वयं के स्वास्थ्य को अत्यधिक प्रभावित करना भी शामिल है। हालांकि अच्छी बात यह है कि साधारण ब्रिस्क वॉक भी सीवीडी के जोखिम को कम कर सकता है जबकि यह ऐसे रोगियों की स्थिति में सुधार कर सकता है। हम अपने सभी रोगियों को तेज चलने का सुझाव देते हैं।

 

इससे मधुमेह (diabetes), कोलेस्ट्रॉल कम कम करने, मोटापा कम करने, उच्च रक्तचाप और स्ट्रोक (stroke) के रोगियों की मदद कर सकता है। कई रिसर्च ने संकेत दिया है कि चलने की गति में सुधार से हृदय रोग के रोगियों में अस्पताल में भर्ती होने की लागत कम हो जाती है। यह तीव्रता नहीं है बल्कि व्यायाम की नियमितता है जो उच्च रक्तचाप (high blood pressure) और कोरोनरी धमनी रोग के जोखिम को कम करती है। हृदय रोग से पीडि़त लोग नियमित रूप से ब्रिस्क वॉकिंग करें इससे बेहतर परिणाम मिलेगे। जिन लोगों ने हाल ही में दिल की सर्जरी करवाई है या कोई अन्य जटिलताएँ हैं, उन्हें इस आदत को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

 

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (American Heart Association,) के अनुसार चलना हृदय स्वास्थ्य के लिए सबसे अच्छे व्यायामों में से एक है। यह न केवल ऊर्जा को बढ़ावा देने में मदद करता है,  बल्कि यह किसी के कोलेस्ट्रॉल (cholesterol) और रक्तचाप के स्तर में भी सुधार करता है। शोध से पता चलता है कि चलने से टाइप 2 मधुमेह, कुछ कैंसर का खतरा भी कम होता है और हडिडयों का घनत्व बना रहता है। विशेषज्ञों का मानना है कि पैदल चलने से तनाव कम होता है, जो हृदय रोग के प्रमुख जोखिम कारकों में से एक है।

 

डा. अभीनीत ने कहा कभी-कभी लोगों को यह एहसास भी नहीं होता कि उन्हें सीवीडी है, जब तक कि उन्हें दिल का दौरा या कार्डियक अरेस्ट (cardiac arrest) नहीं होता। डॉ अभिनीत ने सलाह दी कि यदि किसी को लगता है कि वह पहले की तुलना में धीमी गति से चल रहा है, या यदि किसी को लगता है कि वह समय के साथ अपनी ताकत खो रहा है, तो उसे तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए क्योंकि यह हृदय रोग का एक सूक्ष्म लक्षण हो सकता है।

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