











































सांकेतिक चित्र
सूरजमुखी एक वानस्पतिक पौधा है। अंग्रेजी में इसे सनफ्लॉवर कहा जाता है। आयुर्वेद में इसे औषधि माना जाता है। इसके बीज में कई आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। खासकर डायबिटीज में सूरजमुखी के बीज वरदान साबित होते हैं।
इसके अलावा, बैड कोलेस्ट्रॉल को दूर करने में भी कारगर है। आमतौर पर कोलेस्ट्रॉल के दो प्रकार हैं, जिन्हें गुड और बैड कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है। बैड कोलेस्ट्रॉल सेहत पर प्रतिकूल असर डालता है। यह ब्लड सर्कुलेशन यानी रक्त प्रवाह को कम कर सकता है। तो आइए जानते हैं कि सूरजमूखी के बीज से शरीर को क्या-क्या फायदा पहुंचता है। सूजरमुखी के बीज में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं जो हेल्थ को कई तरह से फायदे पहुंचाते हैं। यह हमारी ऑवरऑल हेल्थ को तंदुरुस्त रखते हैं।

इम्यूनिटी बूस्ट करने की होती है क्षमता
सूरजमुखी के बीज में इम्यूनिटी बूस्ट (immunity boost) करने की क्षमता होती है। सूरजमुखी के बीज में पर्याप्त मात्रा में जिंक और सेलेनियम पाया जाता है जो कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं। इसलिए इससे इम्यूनिटी बूस्ट होती है।
स्किन को करता है ग्लोइंग
सूरजमुखी (Sunflower) के बीज में स्किन में चमक लाने की शक्ति होती है। डॉक्टर नुदसेन के मुताबिक सूरजमुखी के बीज में विटामिन ई और फ्लेवनॉयड होता है। यानी इसमें एंटी-एंफ्लामेटरी (anti-inflammatory) गुण होता है। इसके अलावा इसमें सेलेनियम भी होता है जो एंटीऑक्सीडेंट्स (Antioxidants) बनाता है। यह शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं। फ्री रेडिकल्स के कारण स्किन के सेल्स मरने लगते हैं जिसके कारण चेहरे पर झुर्रियां आने लगती है। इस प्रकार सूरजमुखी के बीज चेहरे पर चमक लाने में बहुत ज्यादा कारगर है।
एस्ट्रोजन हार्मोन को करता है बैलेंस
सूरजमुखी के बीज में फाइटोएस्ट्रोजन (phytoestrogens) होते हैं। ये नेचुरल तरीके से एस्ट्रोजन हार्मोन को बढ़ावा देते हैं और इसके असंतुलन को संतुलित करता है। खास कर कि ये एस्ट्रोजन और टेस्टोस्टेरोन होर्मोन (testosterone hormone) को बैलेंस करता है और महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन की समस्या को दूर करता है। साथ ही ये पीसीओडी की समस्या वाले लोगों के लिए भी फायदेमंद है।
हाई कोलेस्ट्रॉल में है फायदेमंद
सूरजमुखी के बीज में डाइट्री फाइबर मौजूद होता है। मैनबॉडीग्रीनवेबसाइट (manbodygreenwebsite) पर डाइटीशियन (dietician) डॉ मॉली नुदसेन बताती हैं कि रिसर्च में यह साबित हो चुका है सूरजमुखी के बीज कोलेस्ट्रोल (cholesterol) को कम करते हैं और ब्लड प्रेशर (blood pressure) को संतुलित रखते हैं। इससे बैड कोलेस्ट्रोल कम हो जाता है। सूरजमुखी के बीज में प्लांट बेस्ड प्रोटीन मौजूद रहता है। इसका 5 ग्राम अंश कोलेस्ट्रोल को पूरी तरह संतुलित रखने में मददगार है।
सूरजमुखी के बीज खाने का तरीका
सूरजमुखी के बीज को आप भिगो कर और ऐसे भी खा सकते हैं। साथ ही आप इन बीजों को अपनी स्मूदी में भी शामिल हो सकता है। साथ ही आप इसे दही में मिला कर खा सकते हैं। आप हर दिन 20-35 ग्राम इन बीजों को खा सकते हैं।







हुज़ैफ़ा अबरार August 09 2026 0 245
हुज़ैफ़ा अबरार August 12 2026 0 196
हुज़ैफ़ा अबरार August 13 2026 0 196
हुज़ैफ़ा अबरार August 12 2026 0 182
हुज़ैफ़ा अबरार August 09 2026 0 168
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 1610
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 1449
हुज़ैफ़ा अबरार August 08 2026 0 952
हुज़ैफ़ा अबरार August 06 2026 0 567
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 511
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5089
एस. के. राणा January 20 2026 0 5068
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4949
एस. के. राणा January 13 2026 0 4704
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4627
एस. के. राणा February 01 2026 0 4585
एस. के. राणा February 04 2026 0 4116
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87099
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35029
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38174
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35672
लेख विभाग March 19 2022 0 35329
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72875
आपने कोरोना का टीकाकरण करा रखा है लेकिन मनोरोग से परेशान हैं तो आपको सावधान रहना चाहिए, क्योंकि यह स
डॉ. जैसवार कहती हैं कि माहवारी के दौरान स्वच्छता के अभाव में प्रजनन प्रणाली के संक्रमित (आरटीआई) होन
यदि आप या आपके घर में कोई वायरल से पीड़ित हैं तो परेशान होने की जरूरत नहीं हैं क्योंकि होम्योपैथी में
मंकीपॉक्स संक्रमण किसी को भी हो सकता है। अभी तक दुनिया में इसके जितने केस आए हैं, उनमें से अधिकतर पु
दुनियाभर की नदियों में दवाओं की मात्रा पता करने के लिए एक शोध किया गया था। जिसमें यह खुलासा हुआ है क
उपमुख्यमंत्री तथा चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने प्रयागराज के दौरे के दौरान स्वरूप रानी नेह
स्वास्थ्य मंत्रालाय ने एक बयान में कहा कि भारत दुनिया का ऐसा पहला देश बन गया है, जिसने केवल 21 दिन म
Important differences were reported in typing proficiency between age groups, professions, and medic
साउथ चाईना मॉर्निंग पोस्ट में छपी खबर के मुताबिक, चीन के सैनिकों की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। साउथ

COMMENTS