











































प्रतीकात्मक
नयी दिल्ली। चीन के शंघाई में कोरोना और सरकार की सख्ती के बाद हाहाकार मचा हुआ है। 2.6 करोड़ की आबादी वाला शहर जिसे चीन की वित्तीय राजधानी (financial capital) कहा जाता था, आज वहां लोग दाना पानी के लिए तरस रहे हैं। सरकार की तरफ से लॉकडाउन (lockdown) में ढील देने की भी कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है।
सोशल मीडिया पर शंघाई (Shanghai) के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं जिसमें साफ देखा जा सकता है कि लोग बिना खाना-पानी और दवा के किस तरह से तड़प रहे हैं। घरों से बाहर निकले पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। अब लोग अपनी बालकनी और खिड़कियों से ही झांकते नजर आते हैं। गुस्से में वे खिड़कियों से चीखकर सरकार के खिलाफ विरोध जाहिर करते हैं।
जब लोगों ने खिड़कियों से चिल्ला-चिल्लाकर विरोध किया तो सरकार ने भी प्रतिक्रिया में कह दिया कि आजादी (freedom) की अपनी इच्छा को दबाकर रखें। प्रशासन ने लोगों पर नजर रखने के लिए ड्रोन तैनात कर दिए हैं। इसके अलावा लोगों को संदेश देने के लिए भी ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। सरकार ने यहां तक कह दिया है कि लोग अपनी खिड़कियां न खोलें, इससे भी महामारी (pandemic) फैलने का डर है।
शंघाई में कई जगहों पर लोगों की हिम्मत जवाब दे गई और हिंसा भी होने लगी। बड़ी संख्या में लोग प्रशासन के खिलाफ सड़क पर उतर आए। 1 अप्रैल से पूरे शंघाई में कड़ा लॉकडाउन लगा है। सरकार ने 2000 सेना के डॉक्टर और 10 हजार मेडिकल स्टाफ को शंघाई भेजा है। यहां हाल यह है कि कई बार बच्चों को भी क्वारंटीन (quarantine) करने के लिए मां-बाप से अलग कर दिया जाता है।







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