देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

अंतर्राष्ट्रीय

इन बीमारियों ने दुनिया में मचाया है मौत का आतंक

जब लोग दुनिया के सबसे खतरनाक बीमारियों के बारे में सोचते हैं तो उनके दिमाग में शायद ही इन बीमारियों का नाम आता होगा। कई ऐसी बीमारी है जिनका कोई इलाज नहीं है लेकिन इस लिस्ट के जरिए हम आपको ऐसी बीमारियों का नाम बताएंगे जिनका इलाज है लेकिन सबसे ज्यादा उसी की वजह से लोग मरते हैं।

हे.जा.स.
December 01 2022 Updated: December 01 2022 03:20
0 32867
इन बीमारियों ने दुनिया में मचाया है मौत का आतंक सांकेतिक चित्र

नयी दिल्ली। दुनिया भर में कई तरह की खतरनाक बीमारी सामने आ रही है, जो लोगों के जान भी ले रही है। वहीं इन बीमारियों में सबसे ऊपर है दिल की बीमारी, हार्ट या ब्रेन स्ट्रोक और रेस्पिरेटरी सिस्टम से जुड़ी बीमारी। इन सब के अलावा क्या आप जानते हैं और कौनी सी बीमारियां हैं जो खतरनाक रूप ले लेती है। जब लोग दुनिया के सबसे खतरनाक बीमारियों के बारे में सोचते हैं तो उनके दिमाग में शायद ही इन बीमारियों का नाम आता होगा। कई ऐसी बीमारी है जिनका कोई इलाज नहीं है लेकिन इस लिस्ट के जरिए हम आपको ऐसी बीमारियों का नाम बताएंगे जिनका इलाज है लेकिन सबसे ज्यादा उसी की वजह से लोग मरते हैं। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाजिशेन के मुताबिक इन बीमारियों से 55.46 मिलियन लोगों की मौत हो गई थी।

इस्केमिक दिल की बीमारी और कोरोनरी आर्टरी संबंधित बीमारी

स्ट्रोक- Stroke

किसी व्यक्ति को स्ट्रोक तब पड़ता है जब आपके दिमाग के आर्टरी से ब्लड लीक होने लगता है या सही मात्रा में दिमाग में ऑक्सीजन नहीं पहुंचते हैं जिसकी वजह से सेल्स मरने लगते है। स्ट्रोक पड़ने के बाद सुन्न या चलने, उठने औऱ देखने में परेशानी हो सकती है। इससे आप अपाहिज भी हो सकते हैं।  किसी व्यक्ति को अगर स्ट्रोक आया है और उसे तीन घंटे के अंदर इलाज मिल जाए तो वह विकलांग होने से बच जाएगा।

 

कोरोनरी आर्टरी डिजीज- Coronary artery disease

दुनिया की सबसे खतरनाक बीमारी कोरोनरी आर्टरी डिजीज (CAD) है। इसे इस्केमिक दिल की बीमारी भी कहा जाता है, CAD तब होता है जब हृदय को सही मात्रा में ब्लड नहीं मिलती है जितनी मिलनी चाहिए। इस बीमारी में ऐसा होता है कि जो नर्व वेसल्ट हार्ट को ब्लड पहुंचाती है वह सिकुड़ जाती है जिसकी वजह से हार्ट में ब्लड की कमी हो जाती है और सीएडी से सीने में दर्द और दिल की बीमारी संबंधित कई तरह की परेशानियां शुरू हो जाती है।

 

क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज- Chronic obstructive pulmonary disease

क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) बीमारी ऐसी है जो काफी टाइम तक मरीज को बीमार करके रखता है। यह बीमारी फेफड़ों में इंफेक्शन फैलने के कारण होता है जिससे सांस लेने में मुश्किल होती है। क्रोनिक ब्रोंकाइटिस COPD के प्रकार है।

 

ट्रेकिआ, ब्रोन्कस और फेफड़ों का कैंसर- Trachea, bronchus and lung cancer

धूम्रपान और सेकेंडहैंड धूम्रपान करने से सांस की रेस्पिरेटरी सिस्टम या फेफड़ों संबंधी कैंसर होना का खतरा रहता है। या घरेलू  पॉल्यूशन भी हो सकता है। साल 2015 की रिपोर्ट के मुताबिक पूरी दुनिया में हर साल इस कैंसर के लगभग 18 मिलियन मरीज में इजाफा होता हैं। साथ ही इसमें 100 प्रतिशत वृद्धि होने की संभावना है। पॉल्यूशन औऱ धूम्रपान के कारण रेस्पिरेटरी सिस्टम और लंग्स संबंधित कैंसर में हर साल 81 से 100 प्रतिशत हर साल बढ़ोतरी हो रही है।

 

रेस्पिरेटरी सिस्टम में इंफेक्शन- Infection in the respiratory system

सांस लेने में दिक्कत या रेस्पिरेटरी सिस्टम या फेफड़ों में इंफेक्शन के कई कारण हो सकते हैं।

  1. इन्फ्लूएंजा, या फ्लू
  2. निमोनिया
  3. ब्रोंकाइटिस
  4. तपेदिक टीबी

हालांकि वायरस आमतौर पर सांस की नली में इंफेक्शन के कारण होते हैं ऑक्सीजन का ठीक मात्रा में नली में नहीं जाना। वे बैक्टीरिया के कारण भी हो सकते हैं।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

वाराणसी में डीआरडीओ का पंडित राजन मिश्रा कोविड अस्पताल शुरु।

वाराणसी में डीआरडीओ का पंडित राजन मिश्रा कोविड अस्पताल शुरु।

रंजीव ठाकुर May 11 2021 36157

अस्पताल में मरीजों की भर्ती के लिए वाराणसी में ICCC का संपर्क नंबर 18001805567 है। अस्पताल के हेल्

देश में कोरोना महामारी की चौथी लहर के आने की संभावना बहुत कम, सतर्क रहना होगा: डॉ जैकब

देश में कोरोना महामारी की चौथी लहर के आने की संभावना बहुत कम, सतर्क रहना होगा: डॉ जैकब

एस. के. राणा March 21 2022 26616

डा. जान ने कहा कि फिलहाल न तो वैज्ञानिक और न ही महामारी विज्ञान से जुड़े कोई कारण नजर आ रहे हैं, जिस

नशे की लत के कारण युवाओं में समय से पूर्व बढ़ रहा है दिल की बीमारी का ख़तरा।

नशे की लत के कारण युवाओं में समय से पूर्व बढ़ रहा है दिल की बीमारी का ख़तरा।

लेख विभाग February 19 2021 25232

2.54 लाख लोगों पर हुआ अध्ययन: इस अध्ययन में 2,54,668 लोगों को शामिल किया गया। इनमें 1,35,703 लोग ऐसे

त्योहारों का रंग रहे बरक़रार, अपनाओ कोविड अनुरूप व्यवहार।  

त्योहारों का रंग रहे बरक़रार, अपनाओ कोविड अनुरूप व्यवहार।  

हुज़ैफ़ा अबरार August 22 2021 31149

सरकार का भी पूरा प्रयास है कि कोरोना की तीसरी लहर जैसी स्थिति उत्पन्न ही न हो, इसके लिए ज्यादा से ज्

मुख्यमंत्री के सलाहकार से मिले चिकित्सा स्वास्थ्य महासंघ के पदाधिकारी

मुख्यमंत्री के सलाहकार से मिले चिकित्सा स्वास्थ्य महासंघ के पदाधिकारी

हुज़ैफ़ा अबरार October 08 2022 24017

चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग में दवाओं की उपलब्धता पर भी चर्चा की गई, एवं उन्होंने महासंघ को माननीय उपमु

बीपी-डायबीटीज में भी खा सकते हैं फाइलेरिया की दवा

बीपी-डायबीटीज में भी खा सकते हैं फाइलेरिया की दवा

आरती तिवारी August 09 2023 58763

फाइलेरिया एक घातक बीमारी है। ये साइलेंस रहकर शरीर को खराब करती है। प्रदेश में लोगों को फाइलेरिया की

स्वास्थ्य विभाग में हुए तबादलों पर कार्यवाही शुरू, 48 डॉक्टर्स के ट्रांसफर्स निरस्त

स्वास्थ्य विभाग में हुए तबादलों पर कार्यवाही शुरू, 48 डॉक्टर्स के ट्रांसफर्स निरस्त

रंजीव ठाकुर July 31 2022 25501

उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में हुए तबादलों को लेकर कार्यवाही शुरू हो गई है। शनिवार को 48 चिकित्

गैस की सबसे ज्यादा बिकने वाली ये दवा है नकली

गैस की सबसे ज्यादा बिकने वाली ये दवा है नकली

एस. के. राणा September 01 2023 222886

सरकार ने हाल ही में दवाओं की जांच रिपोर्ट जारी की है, जिसे देखकर आप और बीमार पड़ सकते हैं। दरअसल सरका

ओमिक्रोन के नए सब-वैरिएंट्स से चीन में हड़कंप

ओमिक्रोन के नए सब-वैरिएंट्स से चीन में हड़कंप

हे.जा.स. October 11 2022 44193

ओमिक्रॉन के BF.7 वैरिएंट को लेकर डब्ल्यूएचओ की ओर से चेतावनी जारी की गई है। खबरों के मुताबिक यह सब व

खराब फेफड़ों की बीमारी में इनहेल्ड नाइट्रिक ऑक्साइड थेरेपी कारगर: डॉ आकाश पंडिता

रंजीव ठाकुर July 28 2022 69502

आईएनओ की यह थेरेपी पुरानी फेफड़ों की बीमारी (बीपीडी) की रोकथाम में भी मदद करेगी। समय से पहले बच्चे,

Login Panel