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नयी दिल्ली। दुनिया भर में कई तरह की खतरनाक बीमारी सामने आ रही है, जो लोगों के जान भी ले रही है। वहीं इन बीमारियों में सबसे ऊपर है दिल की बीमारी, हार्ट या ब्रेन स्ट्रोक और रेस्पिरेटरी सिस्टम से जुड़ी बीमारी। इन सब के अलावा क्या आप जानते हैं और कौनी सी बीमारियां हैं जो खतरनाक रूप ले लेती है। जब लोग दुनिया के सबसे खतरनाक बीमारियों के बारे में सोचते हैं तो उनके दिमाग में शायद ही इन बीमारियों का नाम आता होगा। कई ऐसी बीमारी है जिनका कोई इलाज नहीं है लेकिन इस लिस्ट के जरिए हम आपको ऐसी बीमारियों का नाम बताएंगे जिनका इलाज है लेकिन सबसे ज्यादा उसी की वजह से लोग मरते हैं। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाजिशेन के मुताबिक इन बीमारियों से 55.46 मिलियन लोगों की मौत हो गई थी।
इस्केमिक दिल की बीमारी और कोरोनरी आर्टरी संबंधित बीमारी
स्ट्रोक- Stroke
किसी व्यक्ति को स्ट्रोक तब पड़ता है जब आपके दिमाग के आर्टरी से ब्लड लीक होने लगता है या सही मात्रा में दिमाग में ऑक्सीजन नहीं पहुंचते हैं जिसकी वजह से सेल्स मरने लगते है। स्ट्रोक पड़ने के बाद सुन्न या चलने, उठने औऱ देखने में परेशानी हो सकती है। इससे आप अपाहिज भी हो सकते हैं। किसी व्यक्ति को अगर स्ट्रोक आया है और उसे तीन घंटे के अंदर इलाज मिल जाए तो वह विकलांग होने से बच जाएगा।
कोरोनरी आर्टरी डिजीज- Coronary artery disease
दुनिया की सबसे खतरनाक बीमारी कोरोनरी आर्टरी डिजीज (CAD) है। इसे इस्केमिक दिल की बीमारी भी कहा जाता है, CAD तब होता है जब हृदय को सही मात्रा में ब्लड नहीं मिलती है जितनी मिलनी चाहिए। इस बीमारी में ऐसा होता है कि जो नर्व वेसल्ट हार्ट को ब्लड पहुंचाती है वह सिकुड़ जाती है जिसकी वजह से हार्ट में ब्लड की कमी हो जाती है और सीएडी से सीने में दर्द और दिल की बीमारी संबंधित कई तरह की परेशानियां शुरू हो जाती है।
क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज- Chronic obstructive pulmonary disease
क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) बीमारी ऐसी है जो काफी टाइम तक मरीज को बीमार करके रखता है। यह बीमारी फेफड़ों में इंफेक्शन फैलने के कारण होता है जिससे सांस लेने में मुश्किल होती है। क्रोनिक ब्रोंकाइटिस COPD के प्रकार है।
ट्रेकिआ, ब्रोन्कस और फेफड़ों का कैंसर- Trachea, bronchus and lung cancer
धूम्रपान और सेकेंडहैंड धूम्रपान करने से सांस की रेस्पिरेटरी सिस्टम या फेफड़ों संबंधी कैंसर होना का खतरा रहता है। या घरेलू पॉल्यूशन भी हो सकता है। साल 2015 की रिपोर्ट के मुताबिक पूरी दुनिया में हर साल इस कैंसर के लगभग 18 मिलियन मरीज में इजाफा होता हैं। साथ ही इसमें 100 प्रतिशत वृद्धि होने की संभावना है। पॉल्यूशन औऱ धूम्रपान के कारण रेस्पिरेटरी सिस्टम और लंग्स संबंधित कैंसर में हर साल 81 से 100 प्रतिशत हर साल बढ़ोतरी हो रही है।
रेस्पिरेटरी सिस्टम में इंफेक्शन- Infection in the respiratory system
सांस लेने में दिक्कत या रेस्पिरेटरी सिस्टम या फेफड़ों में इंफेक्शन के कई कारण हो सकते हैं।
हालांकि वायरस आमतौर पर सांस की नली में इंफेक्शन के कारण होते हैं ऑक्सीजन का ठीक मात्रा में नली में नहीं जाना। वे बैक्टीरिया के कारण भी हो सकते हैं।







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